{"_id":"5e5972ab8ebc3ef3fe622945","slug":"monkey-complan-helpline-release-in-panipat-panipat-news-knl23750061","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदर पकड़वाने के लिए निगम ने किया हेल्पलाइन नंबर जारी, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक 0180-2642500 पर करें कॉल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदर पकड़वाने के लिए निगम ने किया हेल्पलाइन नंबर जारी, सुबह 10 से शाम 5 बजे तक 0180-2642500 पर करें कॉल
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शहर में बंदरों का उत्पात कायम है, शहरवासियों के साथ निगम कर्मचारियों को भी बंदरों ने परेशान कर रखा है। अब तो बंदर निगम कार्यालय में भी दस्तक देने पहुंच जा रहे हैं। जिससे निगम कर्मचारियों में हड़कंप मच जाता है। शुक्रवार को भी निगम कार्यालय में ऐसे ही बंदरों का आना हुआ, जिससे निगम में अफरातफरी मच गई। दूसरी तरफ निगम इस काम के लिए एक महीने बाद टेंडर, वर्क आर्डर और परमिशन की प्रक्रिया पूरी कर पाया है। जिसके बाद ठेकेदार को भी बंदर पकड़ने का काम शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। वहीं, निगम ने भी शहरवासियों को बंदरों से निजात दिलवाने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस पर सुबह 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक कॉल करके बंदरों को पकड़वाने की शिकायत दी जा सकती है। यह नंबर 080-2642500 है, जो निगम कार्यालय का है।
इस नंबर पर कॉल करके दी गई शिकायत को निगम अधिकारी लिखित तौर या मौखिक तौर पर ठेकेदार को देंगे। जिसके बाद ठेकेदार संबंधित शिकायत पर जाकर पिंजरा लगाएगा और बंदरों को पकड़ने का काम करेगा। फिर एक साथ दस, बीस या पचास बंदरों को पकड़कर कलेसर के जंगल में छोड़ा जाएगा। इसकी अनुमति भी निगम ले चुका है। जिसमें पहली बार में 1500 बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की अनुमति मिली है।
फिर दफ्तर पहुंचे बंदर
शुक्रवार दोपहर को रेलवे रोड, ताऊ देवी लाल स्थित निगम कार्यालय में फिर से बंदर पहुंचे। बंदरों ने पेड़ों और निगम कार्यालय की छत पर खूब अठखेलियां भी की। जिसके बाद बंदर कार्यालय के अंदर जा पहुंचे। इससे निगम कर्मचारियों में अफरा-तरफरी का माहौल बन गया। एक बार तो निगम अधिकारियों ने भी अपने कार्यालय के गेट बंद कर लिए थे। इसके बाद ऑउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों ने बंदरों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन बंदर अपनी अठखेलियों में मस्त दिखाई दिए।
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सोमवार से शुरू होगा काम
बंदर पकड़ने वाले एजेंसी के ठेकेदार रईस खान को भी बंदर पकड़ने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिस पर ठेकेदार दो दिन में अपनी तैयारियों के साथ शहर में काम शुरू कर देगा। जहां ज्यादा बंदरों की तादाद होगी, वहां सबसे पहले काम शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि सोमवार से बंदर पकड़ने का काम पूरे रूटीन में आ जाएगा।
हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल : मेयर
बंदर पकड़ने के लिए निगम ने टेंडर, वर्क आर्डर के बाद जंगल में छोड़ने की परमिशन भी ले ली है। इसके बाद शहरवासियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी करवा दिया गया है। अब लोग खुद बंदरों की शिकायत निगम को दे पाएंगे और बंदरों के उत्पात से निजात मिल सकेगी।
- अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
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इस नंबर पर कॉल करके दी गई शिकायत को निगम अधिकारी लिखित तौर या मौखिक तौर पर ठेकेदार को देंगे। जिसके बाद ठेकेदार संबंधित शिकायत पर जाकर पिंजरा लगाएगा और बंदरों को पकड़ने का काम करेगा। फिर एक साथ दस, बीस या पचास बंदरों को पकड़कर कलेसर के जंगल में छोड़ा जाएगा। इसकी अनुमति भी निगम ले चुका है। जिसमें पहली बार में 1500 बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की अनुमति मिली है।
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फिर दफ्तर पहुंचे बंदर
शुक्रवार दोपहर को रेलवे रोड, ताऊ देवी लाल स्थित निगम कार्यालय में फिर से बंदर पहुंचे। बंदरों ने पेड़ों और निगम कार्यालय की छत पर खूब अठखेलियां भी की। जिसके बाद बंदर कार्यालय के अंदर जा पहुंचे। इससे निगम कर्मचारियों में अफरा-तरफरी का माहौल बन गया। एक बार तो निगम अधिकारियों ने भी अपने कार्यालय के गेट बंद कर लिए थे। इसके बाद ऑउटसोर्स पर लगे कर्मचारियों ने बंदरों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन बंदर अपनी अठखेलियों में मस्त दिखाई दिए।
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सोमवार से शुरू होगा काम
बंदर पकड़ने वाले एजेंसी के ठेकेदार रईस खान को भी बंदर पकड़ने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। जिस पर ठेकेदार दो दिन में अपनी तैयारियों के साथ शहर में काम शुरू कर देगा। जहां ज्यादा बंदरों की तादाद होगी, वहां सबसे पहले काम शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि सोमवार से बंदर पकड़ने का काम पूरे रूटीन में आ जाएगा।
हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल : मेयर
बंदर पकड़ने के लिए निगम ने टेंडर, वर्क आर्डर के बाद जंगल में छोड़ने की परमिशन भी ले ली है। इसके बाद शहरवासियों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी करवा दिया गया है। अब लोग खुद बंदरों की शिकायत निगम को दे पाएंगे और बंदरों के उत्पात से निजात मिल सकेगी।
- अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।