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Panipat News: मतलौडा में सबसे अधिक 17 मिमी बारिश
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में बुधवार तड़के हुई तेज बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है। जिले में औसतन 9.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, बारिश के कारण जहां तापमान में गिरावट आई, वहीं शहर व ग्रामीण अंचल के कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के अलग-अलग खंडों में अलग-अलग मात्रा में बारिश दर्ज की गई। मतलौडा खंड में सबसे अधिक 17 एमएम बारिश हुई, जबकि समालखा में 12 एमएम वर्षा दर्ज की गई।
बुधवार तड़के हुई तेज बारिश के बाद शहर में दोपहर ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला और रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश हुई। बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तड़के हुई बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी बनकर आई है। बारिश होने से धान उत्पादक किसानों ने राहत की सांस ली है। शहरमालपुर गांव के किसान प्रदीप और संदीप ने बताया कि इस समय धान की फसल को पानी की बेहद सख्त जरूरत थी। इस बारिश से न केवल फसलों को नया जीवन मिला है, बल्कि ट्यूबवेल पर सिंचाई की निर्भरता और डीजल का खर्च भी कम होगा। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि बारिश कई दिन लगातार हो सकती है। इस बार मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है।
बिजली आपूर्ति रही बाधित : बारिश से एक तरफ जहां मौसम सुहावना हुआ, वहीं दूसरी तरफ तेज हवाओं और बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कई फीडरों में तकनीकी खराबी आने के कारण तड़के से ही बिजली की आवाजाही लगी रही।
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पानीपत। जिले में बुधवार तड़के हुई तेज बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दिलाई है। जिले में औसतन 9.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, बारिश के कारण जहां तापमान में गिरावट आई, वहीं शहर व ग्रामीण अंचल के कई इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों को परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। पिछले 24 घंटों के दौरान जिले के अलग-अलग खंडों में अलग-अलग मात्रा में बारिश दर्ज की गई। मतलौडा खंड में सबसे अधिक 17 एमएम बारिश हुई, जबकि समालखा में 12 एमएम वर्षा दर्ज की गई।
बुधवार तड़के हुई तेज बारिश के बाद शहर में दोपहर ढाई से साढ़े तीन बजे के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदला और रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश हुई। बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तड़के हुई बारिश धान की फसल के लिए संजीवनी बनकर आई है। बारिश होने से धान उत्पादक किसानों ने राहत की सांस ली है। शहरमालपुर गांव के किसान प्रदीप और संदीप ने बताया कि इस समय धान की फसल को पानी की बेहद सख्त जरूरत थी। इस बारिश से न केवल फसलों को नया जीवन मिला है, बल्कि ट्यूबवेल पर सिंचाई की निर्भरता और डीजल का खर्च भी कम होगा। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के समन्वयक डॉ. सतपाल सिंह ने बताया कि बारिश कई दिन लगातार हो सकती है। इस बार मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है।
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बिजली आपूर्ति रही बाधित : बारिश से एक तरफ जहां मौसम सुहावना हुआ, वहीं दूसरी तरफ तेज हवाओं और बारिश के कारण शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई। कई फीडरों में तकनीकी खराबी आने के कारण तड़के से ही बिजली की आवाजाही लगी रही।
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