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Panipat News: दिल्ली पुलिस का सिपाही चलाता था अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग, एक गुर्गा पकड़ा
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पानीपत। जिला पुलिस ने दिल्ली, हरियाणा और यूपी में सक्रिय अंतरराज्यीय लग्जरी गाड़ी चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। वाहन चोरी गैंग का सरगना दिल्ली पुलिस का एक सिपाही है। वह सोनीपत जिले के ठरू गांव का है। उसी के इशारे पर यूपी और पानीपत के रहने वाले गुर्गे लग्जरी वाहनों को चोरी करते थे। अपराधी चोरी की गाड़ी यूपी के मेरठ में बेच देते थे। आरोपी सॉफ्टवेयर की मदद से कार चोरी करते थे। पुलिस ने एक गुर्गें को गिरफ्तार किया है। उससे चोरी की पानीपत की दो और दिल्ली की 18 वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस अब आरोपी सिपाही और अन्य गुर्गों की तलाश में दबिश दे रही है।
डीएसपी राजबीर सिंह ने जिला सचिवालय में पुलिस सभागार में रविवार को मामले का पटाक्षेप किया। डीएसपी के मुताबिक पानीपत एंटी व्हीकल थैफ्ट सेल ने बीते सोमवार को सोनीपत के कामी चौक से यूपी कि मेरठ जिले के किठौर निवासी आसीम को गिरफ्तार किया था। आरोपी को पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जिसमें आरोपी आसीम से कई खुलासे हुए। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी आरोपी सोनीपत ठरू निवासी अजय दिल्ली पुलिस में सिपाही है। जिसके इशारे पर उसने खुबडू गांव के सुदीप धनखड़, सोनीपत निवासी गौरव, यूपी के मेरठ के जिशोर गांव निवासी माजिद व ककौल गांव निवासी रिजवान के साथ मिलकर पांच फरवरी की रात पानीपत के मॉडल टाउन में घर के बाहर से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी चोरी की थी। जिसे अजय अपने साथ ले गया था। पानीपत के देशवाल चौक से भी एक वेन्यू कार चोरी की थी। बिंझौल गांव के पास तेल खत्म होने पर वह गाड़ी को छोड़कर भाग गए थे।
बॉक्स
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
आरोपी रात के समय कार लेकर निकलते थे। सेक्टर व कॉलोनियों में घर के बाहर लग्जरी गाड़ियों की रेकी करते थे। इसके बाद गाड़ी के ड्राइवर साइड का शीशा पेचकस से तोड़कर एक सॉफ्टवेयर की मदद से गाड़ी को स्टार्ट कर चोरी कर ले जाते थे। चोरी की गाड़ी को मेरठ निवासी वसीम लोटी नाम के व्यक्ति को बेच देते थे। आरोपी आपस में जंगी एप के माध्यम से बात करते थे। जिससे वह पुलिस की पकड़ में न आ सकें। आसीम के खिलाफ पहले भी 51 केस दर्ज हैं। रिमांड का समय पूरा पर उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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आसीम की गिरफ्तारी के समय हुई थी अजय से मुलाकात
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में एटीएस दिल्ली ने वाहन चोरी का खुलासा किया था। जिसमें आसीम को गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में अजय भी शामिल था। उसी समय आसीम और अजय की मुलाकात हुई थी। अक्तूबर माह में आसीम जमानत पर आया तो वह सीधे अजय के पास ही पहुंचा। इसके बाद उन्होंने लग्जरी वाहन चोरी करने की योजना तैयार की थी। गिरोह का एक गुर्गे गौरव 18 फरवरी को एवीटी सेल पुलिस टीम ने रिफाइनरी के पास से गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे से दिल्ली से चोरी की एक अन्य बरेजा कार और देशी पिस्तौल बरामद की थी।
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डीएसपी राजबीर सिंह ने जिला सचिवालय में पुलिस सभागार में रविवार को मामले का पटाक्षेप किया। डीएसपी के मुताबिक पानीपत एंटी व्हीकल थैफ्ट सेल ने बीते सोमवार को सोनीपत के कामी चौक से यूपी कि मेरठ जिले के किठौर निवासी आसीम को गिरफ्तार किया था। आरोपी को पांच दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जिसमें आरोपी आसीम से कई खुलासे हुए। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी आरोपी सोनीपत ठरू निवासी अजय दिल्ली पुलिस में सिपाही है। जिसके इशारे पर उसने खुबडू गांव के सुदीप धनखड़, सोनीपत निवासी गौरव, यूपी के मेरठ के जिशोर गांव निवासी माजिद व ककौल गांव निवासी रिजवान के साथ मिलकर पांच फरवरी की रात पानीपत के मॉडल टाउन में घर के बाहर से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी चोरी की थी। जिसे अजय अपने साथ ले गया था। पानीपत के देशवाल चौक से भी एक वेन्यू कार चोरी की थी। बिंझौल गांव के पास तेल खत्म होने पर वह गाड़ी को छोड़कर भाग गए थे।
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ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
आरोपी रात के समय कार लेकर निकलते थे। सेक्टर व कॉलोनियों में घर के बाहर लग्जरी गाड़ियों की रेकी करते थे। इसके बाद गाड़ी के ड्राइवर साइड का शीशा पेचकस से तोड़कर एक सॉफ्टवेयर की मदद से गाड़ी को स्टार्ट कर चोरी कर ले जाते थे। चोरी की गाड़ी को मेरठ निवासी वसीम लोटी नाम के व्यक्ति को बेच देते थे। आरोपी आपस में जंगी एप के माध्यम से बात करते थे। जिससे वह पुलिस की पकड़ में न आ सकें। आसीम के खिलाफ पहले भी 51 केस दर्ज हैं। रिमांड का समय पूरा पर उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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आसीम की गिरफ्तारी के समय हुई थी अजय से मुलाकात
पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में एटीएस दिल्ली ने वाहन चोरी का खुलासा किया था। जिसमें आसीम को गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में अजय भी शामिल था। उसी समय आसीम और अजय की मुलाकात हुई थी। अक्तूबर माह में आसीम जमानत पर आया तो वह सीधे अजय के पास ही पहुंचा। इसके बाद उन्होंने लग्जरी वाहन चोरी करने की योजना तैयार की थी। गिरोह का एक गुर्गे गौरव 18 फरवरी को एवीटी सेल पुलिस टीम ने रिफाइनरी के पास से गिरफ्तार किया था। जिसके कब्जे से दिल्ली से चोरी की एक अन्य बरेजा कार और देशी पिस्तौल बरामद की थी।