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हवलदार और पट्टीकल्याणा का पूर्व सरपंच बदलवाते थे पुरानी करेंसी
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Thu, 01 Jun 2017 11:34 PM IST
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money
समालखा की सीताराम कॉलोनी में एक करोड़ की पुरानी करेंसी के मामले में संगठित गिरोह समाने आ रहा है। इसमें पुरानी करेंसी लेकर बदलवाने और फिर उसी व्यक्ति तक नई करेंसी पहुंचाने के लिए एक सेल काम करती थी। इसमेें पानीपत पुलिस के हवलदार और पट्टीकल्याणा गांव के पूर्व सरपंच की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। वे इन पैसों को दिल्ली के सुरेश नारंग तक पहुंचाते थे। वह आगे नोट बदलवा देता था। उद्यमी ओपी जिदंल के साथ 61 लाख रुपये की धोखाधड़ी में भी इन्हीं आरोपियों के नाम सामने आ रहे हैं। इस पूरे मामले में उद्यमी ओपी जिंदल भी नोटबंदी के बाद पुरानी करेंसी रखने के मामले में घिरते नजर आ रहे हैं। इनेलो के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेंद्र मित्तल और जांच कर रही सीआईए-टू पर भी आरोप लग रहे हैं। पुलिस इस मामले में लगातार दबिश दे रही है।
सीआईए-टू के अनुसार नोटबंदी के बाद भी पुरानी करेंसी बदलने का खेल लंबे समय से मोटे कमीशन पर चल रहा था। इसमें पानीपत पुलिस का हवलदार नरेश भी शामिल था। सीआईए-टू की पकड़ में आए आरोपी अरविंद निवासी दतौली सोनीपत पुरानी करेंसी हवलदार नरेश को देता था। नरेश इन पैसों को पट्टीकल्याणा के पूर्व सरपंच संजीव को देता था। संजीव इन्हें दिल्ली की तेज बहादुर कॉलोनी निवासी सुरेश नारंग पहुंचाता था। सुरेश सेटिंग से इसे आईबीआई या दूसरी जगह पहुंचा देता था।
अरविंद उस कर रहा था बिचौलिए का इंतजार
पुलिस के अनुसार, अरविंद एक करोड़ रुपये लेकर समालखा की सीताराम कॉलोनी में बिचौलिए के आने का इंतजार कर रहा था। उसका वह बैग अगले व्यक्ति को देना था। लेकिन, इससे पहले ही सीआईए-टू ने उसे रकम के साथ दबोच लिया।
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धोखाधड़ी में शामिल होना पैदा कर रहा शक
पुरानी करेंसी के नोट बदलवाने वाले सेल का ही हाथ उद्यमी ओपी जिंदल के साथ 61 लाख की धोखाधड़ी में भी है। इससे कई सवाल पैदा हो रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल नोटबंदी के बाद भी उद्यमी के पास 61 लाख रुपये की पुरानी करेंसी होना है। उद्यमी ने इस मामले में कई लोगों पर प्रॉपर्टी के नाम पर ठगी करने आरोप लगाया है। आरोप है कि अमर भवन चौक स्थित एक प्रॉपर्टी का दो करोड़ में सौदा तय हुआ था। ओपी जिंदल के बेेटे सुरेश जिंदल ने इसके लिए चौटाला रोड स्थित फैक्ट्री में हवलदार नरेश और अरविंद को 61 लाख रुपये दिए थे।
हवलदार ने सीएम विंडो में भी दी थी शिकायत
हवलदार नरेश ने गत दिनों सीएम विंडो में शिकायत दी थी। उसने शिकायत में इनेलो के पूर्व जिला प्रधान सुरेश मित्तल, सीआईए-टू प्रभारी सतीश कुमार समेत कई लोगों पर जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगाए थे। इस मामले इनेलो नेता सुरेश मित्तल का नाम आना भी गंभीर है।
यह है मामला
सीआईए-टू की एक टीम ने सोमवार शाम को एक शिकायत के आधार पर सीताराम कॉलोनी समालखा में छापा मारा था। वहां गांव दातौली, गन्नौर, सोनीपत निवासी अरविंद को दो बैग के साथ पकड़ा था। पुलिस ने बैग से एक करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद की थी।
पुलिस एक करोड़ की पुरानी करेंसी और 61 लाख की धोखाधड़ी के मामले में हवलदार नरेश, पट्टीकल्याणा के पूर्व सरपंच संजीव और दिल्ली निवासी सुरेंद्र नारंग का नाम सामने आया है। आरोपी अरविंद पुलिस रिमांड के दौरान जानकारी दे रहा है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। फिलहाल कोई भी पकड़ में नहीं आया है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को काबू कर लेगी।
सतीश कुमार, प्रभारी, सीआईए-टू, पानीपत।
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सीआईए-टू के अनुसार नोटबंदी के बाद भी पुरानी करेंसी बदलने का खेल लंबे समय से मोटे कमीशन पर चल रहा था। इसमें पानीपत पुलिस का हवलदार नरेश भी शामिल था। सीआईए-टू की पकड़ में आए आरोपी अरविंद निवासी दतौली सोनीपत पुरानी करेंसी हवलदार नरेश को देता था। नरेश इन पैसों को पट्टीकल्याणा के पूर्व सरपंच संजीव को देता था। संजीव इन्हें दिल्ली की तेज बहादुर कॉलोनी निवासी सुरेश नारंग पहुंचाता था। सुरेश सेटिंग से इसे आईबीआई या दूसरी जगह पहुंचा देता था।
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अरविंद उस कर रहा था बिचौलिए का इंतजार
पुलिस के अनुसार, अरविंद एक करोड़ रुपये लेकर समालखा की सीताराम कॉलोनी में बिचौलिए के आने का इंतजार कर रहा था। उसका वह बैग अगले व्यक्ति को देना था। लेकिन, इससे पहले ही सीआईए-टू ने उसे रकम के साथ दबोच लिया।
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धोखाधड़ी में शामिल होना पैदा कर रहा शक
पुरानी करेंसी के नोट बदलवाने वाले सेल का ही हाथ उद्यमी ओपी जिंदल के साथ 61 लाख की धोखाधड़ी में भी है। इससे कई सवाल पैदा हो रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल नोटबंदी के बाद भी उद्यमी के पास 61 लाख रुपये की पुरानी करेंसी होना है। उद्यमी ने इस मामले में कई लोगों पर प्रॉपर्टी के नाम पर ठगी करने आरोप लगाया है। आरोप है कि अमर भवन चौक स्थित एक प्रॉपर्टी का दो करोड़ में सौदा तय हुआ था। ओपी जिंदल के बेेटे सुरेश जिंदल ने इसके लिए चौटाला रोड स्थित फैक्ट्री में हवलदार नरेश और अरविंद को 61 लाख रुपये दिए थे।
हवलदार ने सीएम विंडो में भी दी थी शिकायत
हवलदार नरेश ने गत दिनों सीएम विंडो में शिकायत दी थी। उसने शिकायत में इनेलो के पूर्व जिला प्रधान सुरेश मित्तल, सीआईए-टू प्रभारी सतीश कुमार समेत कई लोगों पर जातिसूचक शब्द कहने के आरोप लगाए थे। इस मामले इनेलो नेता सुरेश मित्तल का नाम आना भी गंभीर है।
यह है मामला
सीआईए-टू की एक टीम ने सोमवार शाम को एक शिकायत के आधार पर सीताराम कॉलोनी समालखा में छापा मारा था। वहां गांव दातौली, गन्नौर, सोनीपत निवासी अरविंद को दो बैग के साथ पकड़ा था। पुलिस ने बैग से एक करोड़ रुपये की पुरानी करेंसी बरामद की थी।
पुलिस एक करोड़ की पुरानी करेंसी और 61 लाख की धोखाधड़ी के मामले में हवलदार नरेश, पट्टीकल्याणा के पूर्व सरपंच संजीव और दिल्ली निवासी सुरेंद्र नारंग का नाम सामने आया है। आरोपी अरविंद पुलिस रिमांड के दौरान जानकारी दे रहा है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रही है। फिलहाल कोई भी पकड़ में नहीं आया है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को काबू कर लेगी।
सतीश कुमार, प्रभारी, सीआईए-टू, पानीपत।