{"_id":"5cd71de2bdec220771035039","slug":"61557601762-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहर में नारियल निकालने उतरे दो सगे भाई डूबे, तीसरे भाई ने पुलिस को दी सूचना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नहर में नारियल निकालने उतरे दो सगे भाई डूबे, तीसरे भाई ने पुलिस को दी सूचना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। दिल्ली के समानांतर नहर में नारियल लेने उतरे दो सगे भाई नहर के तेज बहाव पानी बह गए। दोनों को नहर में बहता देख बड़े भाई ने शोर मचाया। भाई तुरंत भागकर असंध नाका चौकी पर गया तो पुलिसकर्मी तुरंत दौड़कर मौके पर गए। उन्होंने दोनों भाइयों को नहर में काफी देर तक तलाशा, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने तुरंत बच्चों के घर गए। जहां पड़ोसियों की सहायता से फैक्टरी में काम पर गए बच्चों के परिजनों से मोबाइल फोन पर संपंर्क कर उन्हें इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे व दोनों को तलाशने का काफी प्रयास किया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। नहर में दोनों भाइयों के बह जाने की खबर सुनकर पूरी कॉलोनी में मायूसी छा गई।
- मैं उन्हें मना करता रहा और वो नहर में उतर गए: अंश
शनिवार को हमारी स्कूल की छुट्टी थी। मैं, अभिषेेक और सूरज सुबह 10 बजे असंध नाका स्थित छोटी नहर में नहाने गए। वहां से करीब 2 घंटे बाद नहा कर नजदीक ही एक पार्क में खेलने चले गए। पार्क से 2 बजे खेल कर घर लौटे और घर लौटने के बाद अभिषेक ने कहा कि एक बार नहर पर वापस चलो, मैं कुछ सामान भूल गया हूं। इसके बाद फिर हम तीनों भाई व पड़ोस का रहने वाला एक और लड़का नहर पर गए। जहां जाने के बाद अभिषेक ने पैसे ढूढ़ने की बात कही। जिस पर हम चारों पैसे ढूढ़ने लगे, लेकिन नहीं मिले। इसके बाद हम आइसक्रीम खाते हुए हनुमान मंदिर के पास स्थित पश्चिमी यमुना लिंक नहर की ओर चले गए। जहां जाने पर हमने देखा कि वहां कुछ बच्चे नहर में से नारियल निकाल रहे थे। इनको देखने के बाद अभिषेक ने भी नारियल निकालने की इच्छा जताई। जिस पर उसने कपड़े निकाल लिए और अपने साथ सूरज को भी नहर में ले गया। लेकिन मैंने दोनों को ही काफी बार मना किया, पर जिद पर अड़कर वो नहर में चए गएा। नहर में जाने के बाद सूरज ने अभिषेक को कमर की साइड से पकड़ लिया। अभिषेक के हाथ में नारियल लग गया, जिसे लेकर वो बाहर की ओर आ रहा था। इसी दौरान पानी के बहाव के कारण अभिषेक नियंत्रण खो बैठा और वो पानी में डूबने लगा। अभिषेक के साथ सूरज भी पानी में डूबने लगा। सूरज, अभिषेक से पहले ही नहर में डूब गया और अभिषेक ने एक हाथ पानी में ऊपर निकाला। उसका हाथ देख कर मैंने पास पड़ी एक रस्सी नहर में फेंकी, लेकिन वो रस्सी नहीं पकड़ सका और देखते ही देखते दोनों नहर में बह गए।
- एक माह पहले नहर में नहाने की बात का पता लगने पर गली में दौड़ा कर पीटा था अभिषेक को : पिता
मूल रूप से गांव महसपुर जिला भागलपुर बिहार निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि वो 10 साल से पानीपत में उक्त पते पर किराये के मकान में रह रहे हैं। उसका 13 साल का बड़ा बेटा अंश, 11 साल का बेटा अभिषेक व 9 साल के छोटा बेटा सूरज हैं। तीनों ही कॉलोनी के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। उसकी पत्नी सुनीता और वह गोल चक्कर के पास टीएनटी धागा कंपनी में काम करते हैं। पिता ने बताया कि तीनों को तैरना नहीं आता था, लेकिन एक माह पहले मुझे पता लगा था कि अभिषेक नहर पर नहा कर आया है व वो कुछ-कुछ तैरना भी जानता है। नहर में नहा कर आने के बाद पता लगने पर मैंने उसे गली में दौड़ा कर पीटा था। साथ ही भविष्य में दोबारा नहर में फिर कभी न नहाने की सख्त हिदायत दी थी। पिता ने कहा कि बच्चों पर सख्त नजर रखता, तो आज मेरे दो चिराग इस तरह पानी में न बह जाते।
विज्ञापन
शिकायत आई है, पुलिस छानबीन में लगी है। रविवार सुबह गोताखोरों को नहर में उतारा जाएगा।
- रमेश कुमार, असंध नाका चौकी, प्रभारी।
विज्ञापन
- मैं उन्हें मना करता रहा और वो नहर में उतर गए: अंश
शनिवार को हमारी स्कूल की छुट्टी थी। मैं, अभिषेेक और सूरज सुबह 10 बजे असंध नाका स्थित छोटी नहर में नहाने गए। वहां से करीब 2 घंटे बाद नहा कर नजदीक ही एक पार्क में खेलने चले गए। पार्क से 2 बजे खेल कर घर लौटे और घर लौटने के बाद अभिषेक ने कहा कि एक बार नहर पर वापस चलो, मैं कुछ सामान भूल गया हूं। इसके बाद फिर हम तीनों भाई व पड़ोस का रहने वाला एक और लड़का नहर पर गए। जहां जाने के बाद अभिषेक ने पैसे ढूढ़ने की बात कही। जिस पर हम चारों पैसे ढूढ़ने लगे, लेकिन नहीं मिले। इसके बाद हम आइसक्रीम खाते हुए हनुमान मंदिर के पास स्थित पश्चिमी यमुना लिंक नहर की ओर चले गए। जहां जाने पर हमने देखा कि वहां कुछ बच्चे नहर में से नारियल निकाल रहे थे। इनको देखने के बाद अभिषेक ने भी नारियल निकालने की इच्छा जताई। जिस पर उसने कपड़े निकाल लिए और अपने साथ सूरज को भी नहर में ले गया। लेकिन मैंने दोनों को ही काफी बार मना किया, पर जिद पर अड़कर वो नहर में चए गएा। नहर में जाने के बाद सूरज ने अभिषेक को कमर की साइड से पकड़ लिया। अभिषेक के हाथ में नारियल लग गया, जिसे लेकर वो बाहर की ओर आ रहा था। इसी दौरान पानी के बहाव के कारण अभिषेक नियंत्रण खो बैठा और वो पानी में डूबने लगा। अभिषेक के साथ सूरज भी पानी में डूबने लगा। सूरज, अभिषेक से पहले ही नहर में डूब गया और अभिषेक ने एक हाथ पानी में ऊपर निकाला। उसका हाथ देख कर मैंने पास पड़ी एक रस्सी नहर में फेंकी, लेकिन वो रस्सी नहीं पकड़ सका और देखते ही देखते दोनों नहर में बह गए।
विज्ञापन
- एक माह पहले नहर में नहाने की बात का पता लगने पर गली में दौड़ा कर पीटा था अभिषेक को : पिता
मूल रूप से गांव महसपुर जिला भागलपुर बिहार निवासी प्रमोद कुमार ने बताया कि वो 10 साल से पानीपत में उक्त पते पर किराये के मकान में रह रहे हैं। उसका 13 साल का बड़ा बेटा अंश, 11 साल का बेटा अभिषेक व 9 साल के छोटा बेटा सूरज हैं। तीनों ही कॉलोनी के एक निजी स्कूल में पढ़ते हैं। उसकी पत्नी सुनीता और वह गोल चक्कर के पास टीएनटी धागा कंपनी में काम करते हैं। पिता ने बताया कि तीनों को तैरना नहीं आता था, लेकिन एक माह पहले मुझे पता लगा था कि अभिषेक नहर पर नहा कर आया है व वो कुछ-कुछ तैरना भी जानता है। नहर में नहा कर आने के बाद पता लगने पर मैंने उसे गली में दौड़ा कर पीटा था। साथ ही भविष्य में दोबारा नहर में फिर कभी न नहाने की सख्त हिदायत दी थी। पिता ने कहा कि बच्चों पर सख्त नजर रखता, तो आज मेरे दो चिराग इस तरह पानी में न बह जाते।
विज्ञापन
शिकायत आई है, पुलिस छानबीन में लगी है। रविवार सुबह गोताखोरों को नहर में उतारा जाएगा।
- रमेश कुमार, असंध नाका चौकी, प्रभारी।