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Panipat News: नागरिक अस्पताल की ड्रेनेज व्यवस्था ठप और छत से टपक रहा पानी
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पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की विशेष सार्थक टीम ने शनिवार को स्काईलार्क में स्वास्थ्य विभाग, एनएचएम और जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। टीम के सदस्यों ने रिपोर्ट में निरक्षण के दाैरान मिली कमियों को उजागर किया। रिपोट में उन्होंने बताया कि अस्पताल की छत से पानी टपक रहा, ड्रेनेज व्यवस्था ठप है, पानी ठहरा रहा और आपरेशन थियेटर (ओटी) ऐसी बंद पड़े हैं।
सार्थक टीम के सदस्यों ने निरीक्षण में अस्पताल में पंजीकरण से लेकर इलाज, दवा व सुविधाओं पर सवाल उठाए। इन सबके चलते नहीं लगता कि यहां ठीक से इलाज होता होगा।
टीम ने जिला नागरिक अस्पताल की मातृ एवं शिशु (एमसीएच विंग) की खस्ताहाली और गंभीर निर्माण खामियों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। अधिकारियों को साफ कहा कि यदि समय रहते एसी जैसी समस्याओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो भुगतान रोक दिया जाएगा।
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बैठक में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, एनएचएम निदेशक, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उप-निदेशक एवं सार्थक टीम इंचार्ज डॉ. वीरेंद्र यादव और सीएमओ डॉ. विजय मलिक मुख्य रूप से मौजूद रहे। सार्थक टीम ने चार दिनों के दौरान जिला नागरिक अस्पताल, समालखा उपमंडल अस्पताल सहित जिले के विभिन्न सीएचसी और पीएचसी के निरीक्षण की रिपोर्ट सबके सामने रखी। इन कमियों को पीपीटी के माध्यम से सभी नोडल अधिकारियों के सामने रखा गया। समालखा में स्टाफ नर्स पर गाज, नोडल अधिकारियों को फटकार : निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने पर टीम ने कड़ा रुख अपनाया है। समालखा अस्पताल में कार्यरत एक स्टाफ नर्स को ब्रेस्ट फीडिंग (स्तनपान) से संबंधित बुनियादी जानकारी न होने पर तुरंत कार्रवाई पत्र जारी करने के आदेश दिए।
वहीं जिला नागरिक अस्पताल के दो कर्मचारियों के स्थानांतरण के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, बापौली और इसराना सीएचसी में फार्मासिस्टों को कार्य में लापरवाही के लिए जमकर लताड़ लगाई। बैठक में बत्रा कॉलोनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रदर्शन पर असंतोष जताया। समालखा उपमंडल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनोलॉजिस्ट) और सर्जन की स्थायी तैनाती न होने पर अधिकारियों को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए। संवाद
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सार्थक टीम के सदस्यों ने निरीक्षण में अस्पताल में पंजीकरण से लेकर इलाज, दवा व सुविधाओं पर सवाल उठाए। इन सबके चलते नहीं लगता कि यहां ठीक से इलाज होता होगा।
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टीम ने जिला नागरिक अस्पताल की मातृ एवं शिशु (एमसीएच विंग) की खस्ताहाली और गंभीर निर्माण खामियों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया। अधिकारियों को साफ कहा कि यदि समय रहते एसी जैसी समस्याओं को दुरुस्त नहीं किया गया तो भुगतान रोक दिया जाएगा।
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बैठक में स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, एनएचएम निदेशक, उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ, उप-निदेशक एवं सार्थक टीम इंचार्ज डॉ. वीरेंद्र यादव और सीएमओ डॉ. विजय मलिक मुख्य रूप से मौजूद रहे। सार्थक टीम ने चार दिनों के दौरान जिला नागरिक अस्पताल, समालखा उपमंडल अस्पताल सहित जिले के विभिन्न सीएचसी और पीएचसी के निरीक्षण की रिपोर्ट सबके सामने रखी। इन कमियों को पीपीटी के माध्यम से सभी नोडल अधिकारियों के सामने रखा गया। समालखा में स्टाफ नर्स पर गाज, नोडल अधिकारियों को फटकार : निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही सामने आने पर टीम ने कड़ा रुख अपनाया है। समालखा अस्पताल में कार्यरत एक स्टाफ नर्स को ब्रेस्ट फीडिंग (स्तनपान) से संबंधित बुनियादी जानकारी न होने पर तुरंत कार्रवाई पत्र जारी करने के आदेश दिए।
वहीं जिला नागरिक अस्पताल के दो कर्मचारियों के स्थानांतरण के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, बापौली और इसराना सीएचसी में फार्मासिस्टों को कार्य में लापरवाही के लिए जमकर लताड़ लगाई। बैठक में बत्रा कॉलोनी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के प्रदर्शन पर असंतोष जताया। समालखा उपमंडल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनोलॉजिस्ट) और सर्जन की स्थायी तैनाती न होने पर अधिकारियों को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए गए। संवाद