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Panipat News: ड्रेन नंबर-एक में अवैध रूप से डाल रहे थे केमिकल युक्त पानी, सिंचाई विभाग ने उखाड़ी पाइपलाइन
Fri, 28 Nov 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 28 Nov 2025 01:15 AM IST
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ड्रेन नंबर-एक पर पाइप उखाड़ते सिंचाई विभाग की टीम। स्रोत : विभाग
पानीपत। सिंचाई विभाग ने ड्रेन नंबर-वन में चौटाला रोड के नजदीक सरकारी जमीन से होकर डाली गई दो फैक्टि्रयों के दूषित पानी की पाइपलाइन को उखाड़ दिया है। आरोप हैं कि इसके लिए सिंचाई विभाग ने किसी प्रकार की मंजूरी नहीं ली गई थी। फैक्टरी मालिकों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को हर महीने के हिसाब से भुगतान किया जा रहा था। जबकि प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग के नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया था।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यमुना में दूषित पानी छोड़ने पर सख्त है। ट्रिब्यूनल ने इसके लिए पिछले दिनों हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूरे प्रदेश की रिपोर्ट तलब की थी। बोर्ड के सदस्य सचिव प्रदीप डागर ने सभी अधिकारियों की बैठक लेकर यमुना में जाने वाली ड्रेन और नालों के अवैध कनेक्शन बंद करने के आदेश दिए थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ड्रेन नंबर-1 का अपने क्षेत्र में निरीक्षण किया था। डाडोला रोड के नजदीक एक बड़ी पाइपलाइन सरकारी जमीन से होकर डाली गई थी। सिंचाई विभाग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को पत्र लिखा था। प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में गत दिनों दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक की। जिसमें दोनों विभागों की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने ड्रेन का मौका मुआयना किया। जिसमें डाडोला रोड के नजदीक एक पाइपलाइन के लिए प्राधिकरण ने अपनी होने से मना कर दिया। सिंचाई विभाग के एसडीओ सतीश व जेई हरीश कुमार ने टीम के साथ पाइपलाइन को उखाड़ दिया।
फैक्टरी मालिक बोले प्राधिकरण को देते हैं बिल
फैक्टरी मालिकों ने अधिकारियाें को पाइपलाइन वैध होने का दावा किया। उन्होंने एचएसवीपी के अधिकारियों को हर तीन महीने पर दो से ढाई लाख रुपये बिल के रूप में देने का दावा किया। जबकि एचएसवीपी के अधिकारियों किसी प्रकार का बिल न देने की बात कही।
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डाडोला रोड के नजदीक ड्रेन नंबर-1 में अवैध तरीके से डाली गई पाइपलाइन को उखाड़ दिया गया है। बाकी स्थानों को भी चिह्नित किया गया है। इनको भी जल्द ही उखाड़ा जाएगा। यमुना में दूषित पानी नहीं जाने दिया जाएगा।
सतीश, एसडीओ, सिंचाई विभाग।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यमुना में दूषित पानी छोड़ने पर सख्त है। ट्रिब्यूनल ने इसके लिए पिछले दिनों हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूरे प्रदेश की रिपोर्ट तलब की थी। बोर्ड के सदस्य सचिव प्रदीप डागर ने सभी अधिकारियों की बैठक लेकर यमुना में जाने वाली ड्रेन और नालों के अवैध कनेक्शन बंद करने के आदेश दिए थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ड्रेन नंबर-1 का अपने क्षेत्र में निरीक्षण किया था। डाडोला रोड के नजदीक एक बड़ी पाइपलाइन सरकारी जमीन से होकर डाली गई थी। सिंचाई विभाग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को पत्र लिखा था। प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग के पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में गत दिनों दोनों विभागों के अधिकारियों की बैठक की। जिसमें दोनों विभागों की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने ड्रेन का मौका मुआयना किया। जिसमें डाडोला रोड के नजदीक एक पाइपलाइन के लिए प्राधिकरण ने अपनी होने से मना कर दिया। सिंचाई विभाग के एसडीओ सतीश व जेई हरीश कुमार ने टीम के साथ पाइपलाइन को उखाड़ दिया।
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फैक्टरी मालिक बोले प्राधिकरण को देते हैं बिल
फैक्टरी मालिकों ने अधिकारियाें को पाइपलाइन वैध होने का दावा किया। उन्होंने एचएसवीपी के अधिकारियों को हर तीन महीने पर दो से ढाई लाख रुपये बिल के रूप में देने का दावा किया। जबकि एचएसवीपी के अधिकारियों किसी प्रकार का बिल न देने की बात कही।
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डाडोला रोड के नजदीक ड्रेन नंबर-1 में अवैध तरीके से डाली गई पाइपलाइन को उखाड़ दिया गया है। बाकी स्थानों को भी चिह्नित किया गया है। इनको भी जल्द ही उखाड़ा जाएगा। यमुना में दूषित पानी नहीं जाने दिया जाएगा।
सतीश, एसडीओ, सिंचाई विभाग।