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Panipat News: आर्यन बना मुक्केबाजी का चमकता सितारा
Thu, 02 Oct 2025 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 02 Oct 2025 12:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं होती, जरूरत होती है केवल अवसर और मार्गदर्शन की। इस बात को सच कर दिखाया है जिले के पूठर गांव के 16 वर्षीय मुक्केबाज आर्यन ने। साधारण परिवार के आर्यन ने कम उम्र में ही मुक्केबाजी में जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश का भी नाम रोशन किया है। आर्यन ने अब तक जिला स्तर पर छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। यही नहीं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भी दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी काबिलियत साबित की है। हाल ही में 15 से 18 सितंबर तक सोनीपत में आयोजित राज्य स्तरीय मुक्केबाजी में आर्यन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
आर्यन ने बताया कि उनके पिता मोहन एक ढाबे पर काम करते हैं और उनकी मां सुमन गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी खेल प्रतिभा को कभी दबने नहीं दिया। पिता मोहन ने कहा कि कि बेटे में मुक्केबाजी का शौक देखकर उसका हौसला बढ़ाया है।
आर्यन फिलहाल बुआना लाखू गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं में पढ़ाई कर रहे हैं व इसी गांव के पीएस अकादमी में कोच सुरेंद्र के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच सुरेंद्र ने बताया कि आर्यन बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी है। आर्यन ने बताया कि वे मुक्केबाजी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम ऊंचा करने का सपना है।
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पानीपत। खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं होती, जरूरत होती है केवल अवसर और मार्गदर्शन की। इस बात को सच कर दिखाया है जिले के पूठर गांव के 16 वर्षीय मुक्केबाज आर्यन ने। साधारण परिवार के आर्यन ने कम उम्र में ही मुक्केबाजी में जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश का भी नाम रोशन किया है। आर्यन ने अब तक जिला स्तर पर छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। यही नहीं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में भी दो स्वर्ण पदक जीतकर अपनी काबिलियत साबित की है। हाल ही में 15 से 18 सितंबर तक सोनीपत में आयोजित राज्य स्तरीय मुक्केबाजी में आर्यन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।
आर्यन ने बताया कि उनके पिता मोहन एक ढाबे पर काम करते हैं और उनकी मां सुमन गृहिणी हैं। परिवार ने उनकी खेल प्रतिभा को कभी दबने नहीं दिया। पिता मोहन ने कहा कि कि बेटे में मुक्केबाजी का शौक देखकर उसका हौसला बढ़ाया है।
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आर्यन फिलहाल बुआना लाखू गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं में पढ़ाई कर रहे हैं व इसी गांव के पीएस अकादमी में कोच सुरेंद्र के मार्गदर्शन में मुक्केबाजी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। कोच सुरेंद्र ने बताया कि आर्यन बेहद अनुशासित और मेहनती खिलाड़ी है। आर्यन ने बताया कि वे मुक्केबाजी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम ऊंचा करने का सपना है।
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