{"_id":"5c1002d0bdec2241822ef12e","slug":"91544553168-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईपीएफ जमा ना कराने वाली 266 फर्मों के किये खाते अटैच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईपीएफ जमा ना कराने वाली 266 फर्मों के किये खाते अटैच
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ईपीएफ जमा ना कराने वाली 266 फर्मों के किये खाते अटैच
पानीपत। पानीपत की चार हजार फर्मों में से 266 फर्मों द्वारा ईपीएफ जमा ना कराने के कारण पीएफ डिपार्टमेंट द्वारा रिकवरी के लिए इन फर्मों के खाते अटैच कर दिए गए। वहीं 1600 फर्में और ऐसी है जो इस माह की डिफॉल्टर की सूची में आती है, जिनको नोटिस भेजा जाएगा व सेक्सन 7ए के तहत उनपर न्यायिक जांच की जाएगी। पीएफ एक्ट के प्रावधानों के अनुसार 1600 फर्मों की चल अचल संपत्ति से ही ईपीएफ की रिकर्वी की जाएगी है।
जिन 266 फर्मों के खाते अटैच किए गए हैं, उनमें शहर की कईं बड़ी फर्म शामिल है, जिन्होंने करोड़ों की रकम अब तक जमा नहीं करवाई है। इन सबके खाते अटैच करने पर भी ईपीएफ की रिकर्वी नहीं हो पाती है, तो उनकी अचल संपत्ति को रिकवरी के लिए प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद भी रिकवरी ना हो सके तो फर्म के मालिक के खिलाफ एरेस्ट वारंट निकाला जाएगा।
वहीं इस माह 1600 फर्म ऐसी है जिन्होंने 15 नवंबर तक अक्तूबर का ईपीएफ जमा नहीं कराया था। जिस कारण इन्हें डिफॉल्टर की सूची में रखा गया। गौरतलब है कि हर माह की 15 तारीख तक ईपीएफ जमा करवाना अनिवार्य होता है। जिस फर्म का ईपीएफ जमा नहीं होता, उसको डिफॉल्टर की सूची में डालकर रिकवरी करनी शुरू कर दी जाती है। सबसे पहले कंपनी को कारण बताओ नोटिस दिया जाता है, उसके बाद उसकी चल अचल संपत्ति अटैच की जाती है, फिर भी रिकवरी न हो तो उनको गिरफ्तारी का नोटिस दिया जाता है। यह प्रक्रिया अधिकारी पर अपने अनुसार बदल भी सकता है। अधिकारी को अधिकार होता है कि वह सीधा अरेस्ट वारंट भी निकाल सकता है।
विज्ञापन
ईपीएफ ना जमा करवाने वाली 266 फर्मों के किए गए है खाते अटैच : अमित नैन
ईपीएफ ना जमा कराने वाली 266 फर्मों से रिकवरी के लिए उनके खाते अटैच किए गए है। वहीं जिले की चार हजार फर्मों में से 1600 फर्म ऐसी है, जिन्होंने इस माह अब तक ईपीएफ जमा नहीं करवाया है। जिस कारण वो डिफॉल्टर्स की सूची में आती है। उनके खिलाफ भी सेक्सन 7ए के तहत कार्रवाई की जाएगी।
:- अमित नैन, सहआयुक्त, भविष्य निधि कोष
पानीपत। पानीपत की चार हजार फर्मों में से 266 फर्मों द्वारा ईपीएफ जमा ना कराने के कारण पीएफ डिपार्टमेंट द्वारा रिकवरी के लिए इन फर्मों के खाते अटैच कर दिए गए। वहीं 1600 फर्में और ऐसी है जो इस माह की डिफॉल्टर की सूची में आती है, जिनको नोटिस भेजा जाएगा व सेक्सन 7ए के तहत उनपर न्यायिक जांच की जाएगी। पीएफ एक्ट के प्रावधानों के अनुसार 1600 फर्मों की चल अचल संपत्ति से ही ईपीएफ की रिकर्वी की जाएगी है।
जिन 266 फर्मों के खाते अटैच किए गए हैं, उनमें शहर की कईं बड़ी फर्म शामिल है, जिन्होंने करोड़ों की रकम अब तक जमा नहीं करवाई है। इन सबके खाते अटैच करने पर भी ईपीएफ की रिकर्वी नहीं हो पाती है, तो उनकी अचल संपत्ति को रिकवरी के लिए प्रयोग किया जाएगा। इसके बाद भी रिकवरी ना हो सके तो फर्म के मालिक के खिलाफ एरेस्ट वारंट निकाला जाएगा।
विज्ञापन
वहीं इस माह 1600 फर्म ऐसी है जिन्होंने 15 नवंबर तक अक्तूबर का ईपीएफ जमा नहीं कराया था। जिस कारण इन्हें डिफॉल्टर की सूची में रखा गया। गौरतलब है कि हर माह की 15 तारीख तक ईपीएफ जमा करवाना अनिवार्य होता है। जिस फर्म का ईपीएफ जमा नहीं होता, उसको डिफॉल्टर की सूची में डालकर रिकवरी करनी शुरू कर दी जाती है। सबसे पहले कंपनी को कारण बताओ नोटिस दिया जाता है, उसके बाद उसकी चल अचल संपत्ति अटैच की जाती है, फिर भी रिकवरी न हो तो उनको गिरफ्तारी का नोटिस दिया जाता है। यह प्रक्रिया अधिकारी पर अपने अनुसार बदल भी सकता है। अधिकारी को अधिकार होता है कि वह सीधा अरेस्ट वारंट भी निकाल सकता है।
विज्ञापन
ईपीएफ ना जमा करवाने वाली 266 फर्मों के किए गए है खाते अटैच : अमित नैन
ईपीएफ ना जमा कराने वाली 266 फर्मों से रिकवरी के लिए उनके खाते अटैच किए गए है। वहीं जिले की चार हजार फर्मों में से 1600 फर्म ऐसी है, जिन्होंने इस माह अब तक ईपीएफ जमा नहीं करवाया है। जिस कारण वो डिफॉल्टर्स की सूची में आती है। उनके खिलाफ भी सेक्सन 7ए के तहत कार्रवाई की जाएगी।
:- अमित नैन, सहआयुक्त, भविष्य निधि कोष