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शिकायतकर्ता ने पैमाइश में गड़बड़ी का लगाया आरोप तो पुलिसकर्मियों ने किया बाहर
Updated Sat, 25 Nov 2017 12:59 AM IST
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शिकायतकर्ता ने पैमाइश में गड़बड़ी का लगाया आरोप तो पुलिसकर्मियों ने किया बाहर
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में तमाम शिकायतकर्ताओं के कष्ट दूर नहीं हो पा रहे हैं। इसमें आ रहे तमाम मामलों की कार्यवाही पर अफसरों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं और समस्या के समाधान के बजाय शिकायतकर्ताओं को बाहर कर कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है। शुक्रवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया। यहां आठ मरला से गोहाना रोड के रास्ते की पैमाइश-रिपोर्ट बनाने में शिकायतकर्ता दिलबाग सिंह देशवाल ने एडीसी पर ही सवाल खड़े कर दिए और एडीसी की पोल खोलने की बात कहकर रिकॉर्डिंग सुनाने के लिए मोबाइल हाथ में उठा लिया। इस पर डीसी ने शिकायतकर्ता को पहले ठंडा पानी पीकर आने की नसीहत दी और उनकी शिकायत पर सदन के आखिर में बातचीत करने की कही। फिर क्या था पुलिसकर्मी उसे बाहर ले गए, बाद में किसी ने उसकी शिकायत ही नहीं सुनी। इधर, एडीसी ने अपनी रिपोर्ट दो मकानों के धरातल और कागजी रिपोर्ट अलग-अलग होना बताया।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर आयोजित की गई। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बैठक लेने नहीं पहुंचे। उनके साथ ही समिति सदस्य भी केवल नाममात्र के ही पहुंचे। इस पर डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक पटल पर 14 शिकायत रखी गईं। जिनमें से नौ शिकायतों का समाधान कर दिया गया, बाकी पांच शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को भी हर रोज अपने कार्यालयों में खुले दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने की सलाह दी।
शिकायतकर्ता की धमकी से सदन सन्न
आठ मरला निवासी दिलबाग सिंह देशवाल की सदन में रही छह नंबर शिकायत पर एडीसी राजीव मेहता जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे थे। एडीसी ने बताया कि आठ मरला चौक से गोहाना रोड की तरफ जाने वाली सड़क पर कुछ कब्जा है। दो मकान धरातल पर हैं, लेकिन रिकॉर्ड के हिसाब से वहां पर गली है, जबकि जहां मकान होने चाहिए थे, वहां पर गली बनाई गई है। सड़क की चौड़ाई भी कहीं-कहीं पर कम है। इस पर शिकायतकर्ता ने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जता दी। उसने एडीसी की पूरे मामले को लेकर पोल पट्टी खोलने की धमकी दे डाली और अपना मोबाइल निकाल लिया। इस पर सदन सन्न रह गया। इधर, डीसी ने उनको ठंडा पानी पीकर आने की नसीहत दी। इसके बाद पुलिसकर्मी दिलबाग सिंह देशवाल को बाहर ले गए। डीसी ने उनकी शिकायत सदन के बाद में सुनने की कही। वहीं दिलबाग सिंह देशवाल ने कहा कि इसके बाद किसी भी अधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की।
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खोजकीपुर में पेंशन में फर्जीवाड़ा, पूर्व सरपंज पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
खोजकीपुर निवासी मदन कुमार ने आरोप लगाया कि गांव में करीब 150 लोगों की गलत तरीके से पेंशन बना दी गई। तत्कालीन सरपंच ने खुद अपने परिवार और नजदीकी लोगों को इसका लाभ दिया। उसने तत्कालीन सरपंच सुमन देवी व पेंशन विभाग के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इसमें डीएसडब्ल्यूओ रविंद्र हुड्डा ने कार्रवाई रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच में कुछ लोगों की पेंशन गलत बनाया जाना सामने आया। उन्होंने तत्कालीन सरपंच पर मुकदमा दर्ज करने के लिए डीडीपीओ को पत्र लिखा है। डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक ने बताया कि पूर्व सरपंच पर संबंधित विभाग कार्रवाई कराने में सक्षम होता है। इस पर डीसी डॉ. खरे ने एसडीएम समालखा गौरव कुमार को डीएसपी समालखा से बात कराकर खोजकीपुर की तत्कालीन सरपंच सुमन देवी पर भी मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
मां ने लगाई गुहार- साहब! मुर्दा ही ला दो मेरी बेटी को
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में महादेव कॉलोनी निवासी ललिता ने 27 जनवरी 2016 को बेटी के अपहरण के मामले में न्याय की गुहार लगाई। कहा कि, पुलिस लापरवाही बरत रही है। कहा कि, बेटी को जिंदा बरामद नहीं कर सकते तो उसको मुर्दा ही लाकर दे दें, ताकी उसको संतोष मिल जाए। वहीं डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने इस मामले में एक सप्ताह या फिर अगली बैठक तक पूरा करने का दावा किया। डीसी ने शिकायत को पेंडिंग रख लिया। वहीं समिति सदस्यों ने बताया कि इस मामले में शुरुआती दौर में पुलिस की तरफ से ढील रही है। वहीं डीएसपी जगदीप दून ने कहा कि जांच अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है और उसकी विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
ज्यादातर सदस्यों ने नहीं दिखाई बैठक में दिलचस्पी
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को मेयर सुरेश वर्मा पहुंचे, मगर ज्यादातर सदस्यों ने बैठक में दिलचस्पी नहीं दिखाई। वहीं भाजपा लोकसभा निगरानी समिति के चेयरमैन एवं पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा बैठक में पहुंचे।
पुलिस के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायत
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में सबसे ज्यादा शिकायत पुलिस के खिलाफ रही। डीएसपी जगदीप दून ने बताया कि विनोद कुमार द्वारा की गई शिकायत को लेकर कार्रवाई चल रही है। शिकायत नंबर सुरजीत कौर की रही। उसने उसकी बेटी की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्टेट क्राइम व एसआईटी इस मामले को साफ नहीं कर पाए हैं। जबकि पानीपत में पूर्व में रहे डीएसपी दलबीर ने इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही बताई थी। डीसी ने स्टेट क्राइम ब्रांच अधिकारी को मामले में जल्द ही कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसको अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया गया। शिकायत नंबर 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 व 14 का समाधान होने पर इनको ड्रॉप कर दिया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में तमाम शिकायतकर्ताओं के कष्ट दूर नहीं हो पा रहे हैं। इसमें आ रहे तमाम मामलों की कार्यवाही पर अफसरों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं और समस्या के समाधान के बजाय शिकायतकर्ताओं को बाहर कर कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है। शुक्रवार को ऐसा ही एक मामला सामने आया। यहां आठ मरला से गोहाना रोड के रास्ते की पैमाइश-रिपोर्ट बनाने में शिकायतकर्ता दिलबाग सिंह देशवाल ने एडीसी पर ही सवाल खड़े कर दिए और एडीसी की पोल खोलने की बात कहकर रिकॉर्डिंग सुनाने के लिए मोबाइल हाथ में उठा लिया। इस पर डीसी ने शिकायतकर्ता को पहले ठंडा पानी पीकर आने की नसीहत दी और उनकी शिकायत पर सदन के आखिर में बातचीत करने की कही। फिर क्या था पुलिसकर्मी उसे बाहर ले गए, बाद में किसी ने उसकी शिकायत ही नहीं सुनी। इधर, एडीसी ने अपनी रिपोर्ट दो मकानों के धरातल और कागजी रिपोर्ट अलग-अलग होना बताया।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक शुक्रवार को लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर आयोजित की गई। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज बैठक लेने नहीं पहुंचे। उनके साथ ही समिति सदस्य भी केवल नाममात्र के ही पहुंचे। इस पर डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक पटल पर 14 शिकायत रखी गईं। जिनमें से नौ शिकायतों का समाधान कर दिया गया, बाकी पांच शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। उपायुक्त ने अधिकारियों को भी हर रोज अपने कार्यालयों में खुले दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने की सलाह दी।
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शिकायतकर्ता की धमकी से सदन सन्न
आठ मरला निवासी दिलबाग सिंह देशवाल की सदन में रही छह नंबर शिकायत पर एडीसी राजीव मेहता जांच रिपोर्ट प्रस्तुत कर रहे थे। एडीसी ने बताया कि आठ मरला चौक से गोहाना रोड की तरफ जाने वाली सड़क पर कुछ कब्जा है। दो मकान धरातल पर हैं, लेकिन रिकॉर्ड के हिसाब से वहां पर गली है, जबकि जहां मकान होने चाहिए थे, वहां पर गली बनाई गई है। सड़क की चौड़ाई भी कहीं-कहीं पर कम है। इस पर शिकायतकर्ता ने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जता दी। उसने एडीसी की पूरे मामले को लेकर पोल पट्टी खोलने की धमकी दे डाली और अपना मोबाइल निकाल लिया। इस पर सदन सन्न रह गया। इधर, डीसी ने उनको ठंडा पानी पीकर आने की नसीहत दी। इसके बाद पुलिसकर्मी दिलबाग सिंह देशवाल को बाहर ले गए। डीसी ने उनकी शिकायत सदन के बाद में सुनने की कही। वहीं दिलबाग सिंह देशवाल ने कहा कि इसके बाद किसी भी अधिकारी ने उनकी सुनवाई नहीं की।
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खोजकीपुर निवासी मदन कुमार ने आरोप लगाया कि गांव में करीब 150 लोगों की गलत तरीके से पेंशन बना दी गई। तत्कालीन सरपंच ने खुद अपने परिवार और नजदीकी लोगों को इसका लाभ दिया। उसने तत्कालीन सरपंच सुमन देवी व पेंशन विभाग के अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इसमें डीएसडब्ल्यूओ रविंद्र हुड्डा ने कार्रवाई रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच में कुछ लोगों की पेंशन गलत बनाया जाना सामने आया। उन्होंने तत्कालीन सरपंच पर मुकदमा दर्ज करने के लिए डीडीपीओ को पत्र लिखा है। डीडीपीओ रूपेंद्र मलिक ने बताया कि पूर्व सरपंच पर संबंधित विभाग कार्रवाई कराने में सक्षम होता है। इस पर डीसी डॉ. खरे ने एसडीएम समालखा गौरव कुमार को डीएसपी समालखा से बात कराकर खोजकीपुर की तत्कालीन सरपंच सुमन देवी पर भी मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए।
मां ने लगाई गुहार- साहब! मुर्दा ही ला दो मेरी बेटी को
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में महादेव कॉलोनी निवासी ललिता ने 27 जनवरी 2016 को बेटी के अपहरण के मामले में न्याय की गुहार लगाई। कहा कि, पुलिस लापरवाही बरत रही है। कहा कि, बेटी को जिंदा बरामद नहीं कर सकते तो उसको मुर्दा ही लाकर दे दें, ताकी उसको संतोष मिल जाए। वहीं डीएसपी मुख्यालय जगदीप दून ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने इस मामले में एक सप्ताह या फिर अगली बैठक तक पूरा करने का दावा किया। डीसी ने शिकायत को पेंडिंग रख लिया। वहीं समिति सदस्यों ने बताया कि इस मामले में शुरुआती दौर में पुलिस की तरफ से ढील रही है। वहीं डीएसपी जगदीप दून ने कहा कि जांच अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है और उसकी विभागीय जांच भी शुरू कर दी है।
ज्यादातर सदस्यों ने नहीं दिखाई बैठक में दिलचस्पी
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को मेयर सुरेश वर्मा पहुंचे, मगर ज्यादातर सदस्यों ने बैठक में दिलचस्पी नहीं दिखाई। वहीं भाजपा लोकसभा निगरानी समिति के चेयरमैन एवं पूर्व जिलाध्यक्ष गजेंद्र सलूजा बैठक में पहुंचे।
पुलिस के खिलाफ सबसे ज्यादा शिकायत
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में सबसे ज्यादा शिकायत पुलिस के खिलाफ रही। डीएसपी जगदीप दून ने बताया कि विनोद कुमार द्वारा की गई शिकायत को लेकर कार्रवाई चल रही है। शिकायत नंबर सुरजीत कौर की रही। उसने उसकी बेटी की हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्टेट क्राइम व एसआईटी इस मामले को साफ नहीं कर पाए हैं। जबकि पानीपत में पूर्व में रहे डीएसपी दलबीर ने इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही बताई थी। डीसी ने स्टेट क्राइम ब्रांच अधिकारी को मामले में जल्द ही कार्रवाई करने के आदेश दिए। इसको अगली बैठक के लिए लंबित रख लिया गया। शिकायत नंबर 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13 व 14 का समाधान होने पर इनको ड्रॉप कर दिया गया।