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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्डन ने 12 और उद्योगों को बंद करने के निर्देश व 5 को कारण बताओ नोटिस किया जारी
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:32 PM IST
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12 और उद्योगों को बंद करने के निर्देश, पांच को कारण बताओ नोटिस
-सीपीसीबी ने अब तक 28 उद्योगों को कर चुका है कारण बताओ नोटिस
-अब तक 44 उद्योगों को बंद करने के दिए जा चुके हैं निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम ने शहर के 12 और उद्योगों को प्रदूषण फैलाने पर क्लोजर नोटिस सेक्शन 5 एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत जारी किया है। इसके अलावा पांच उद्योग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मई माह के दौरान सीपीसीबी की टीम ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ जिले के 127 यूनिटों का औचक निरीक्षण किया था। अब तक 44 उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं , जबकि 28 को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। पानीपत प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड ने अब तक मात्र 12 उद्योगों को ही बंद किया है।
अब प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड ने भोडवाल माजरी गांव स्थित एसएसए इंटरनेशनल, रिसालू रोड स्थित शकुंबरा स्पीनर्स, डाडोला गांव के पास स्थित एसआर ओवरसीज, कुराड़ गांव स्थित सचदेवा होम फर्निसिंग व सर्व इंडिया होम फर्निसिंग, निंबरी गांव स्थित राघव वूलन मिल, इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित जिंदल स्पीनिंग मिल, अनिल स्पीनर्स व डीआरसी वूलन मिल, सेक्टर 25 स्थित हरिसंस ऑटोमोबाइल, पसीना गांव स्थित पॉलिथीन फैबरिक व सेक्टर 25 स्थित चिराग टैक्सटाइल को बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। जांच के दौरान इन फैक्टरियों से सैंपल लिए गए थे। जो लैब में फेल हुए। इन फैक्टरियों को पर्यावरण के लिए घातक पाया गया। इनके अलावा इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित वर्धमान यार्न, यूनिक प्रोसिजर व गर्गी वेविंग, टोल प्लाजा स्थित स्वान मोटर्स व नौल्था गांव के पास स्थित जीआरएम ओवरसीज भी मानकों पर खरी नहीं उतरी। इन पांचों उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। इसी बारे में प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के जिला अधिकारी भूपेंद्र चहल ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली इन फैक्टरियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अब तक 12 फैक्टरियों को सील किया जा चुका है।
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-सीपीसीबी ने अब तक 28 उद्योगों को कर चुका है कारण बताओ नोटिस
-अब तक 44 उद्योगों को बंद करने के दिए जा चुके हैं निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम ने शहर के 12 और उद्योगों को प्रदूषण फैलाने पर क्लोजर नोटिस सेक्शन 5 एन्वायरमेंट प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के तहत जारी किया है। इसके अलावा पांच उद्योग को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। मई माह के दौरान सीपीसीबी की टीम ने हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के साथ जिले के 127 यूनिटों का औचक निरीक्षण किया था। अब तक 44 उद्योगों को बंद करने के निर्देश दिए जा चुके हैं , जबकि 28 को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। पानीपत प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड ने अब तक मात्र 12 उद्योगों को ही बंद किया है।
अब प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड ने भोडवाल माजरी गांव स्थित एसएसए इंटरनेशनल, रिसालू रोड स्थित शकुंबरा स्पीनर्स, डाडोला गांव के पास स्थित एसआर ओवरसीज, कुराड़ गांव स्थित सचदेवा होम फर्निसिंग व सर्व इंडिया होम फर्निसिंग, निंबरी गांव स्थित राघव वूलन मिल, इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित जिंदल स्पीनिंग मिल, अनिल स्पीनर्स व डीआरसी वूलन मिल, सेक्टर 25 स्थित हरिसंस ऑटोमोबाइल, पसीना गांव स्थित पॉलिथीन फैबरिक व सेक्टर 25 स्थित चिराग टैक्सटाइल को बंद करने के निर्देश दे दिए हैं। जांच के दौरान इन फैक्टरियों से सैंपल लिए गए थे। जो लैब में फेल हुए। इन फैक्टरियों को पर्यावरण के लिए घातक पाया गया। इनके अलावा इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित वर्धमान यार्न, यूनिक प्रोसिजर व गर्गी वेविंग, टोल प्लाजा स्थित स्वान मोटर्स व नौल्था गांव के पास स्थित जीआरएम ओवरसीज भी मानकों पर खरी नहीं उतरी। इन पांचों उद्योगों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। इसी बारे में प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड के जिला अधिकारी भूपेंद्र चहल ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली इन फैक्टरियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। अब तक 12 फैक्टरियों को सील किया जा चुका है।
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