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Haryana: मादक पदार्थों की पड़ताल में ढिलाई नहीं बरत सकेंगी जांच एजेंसियां, तैयार करना होगा ठोस केस

Sat, 24 Sep 2022 02:18 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 24 Sep 2022 02:18 AM IST
सार

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने नीति की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने यह नीति मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में जल्दी और निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए बनाई है ताकि ऐसे मामले लंबे समय तक लंबित न रहें।

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Investigation agency will not be able to lax in drug cases
नशा तस्करों की गिरफ्तारी - फोटो : Istock

विस्तार

हरियाणा में मादक पदार्थों के मामलों की पड़ताल में जांच एजेंसी बिल्कुल ढिलाई नहीं बरत सकेंगी। इन पदार्थों की बरामदगी और नशा तस्करों की गिरफ्तारी के बाद ठोस केस तैयार करना होगा। सरकार ने हाईकोर्ट के समय-समय पर आए आदेशों के मद्देनजर ऐसे मामलों की जांच के संबंध में नई नीति बनाई है, जिसमें जांच अधिकारियों से जेल प्राधिकरण तक की भूमिका तय है।

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गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने नीति की अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने यह नीति मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में जल्दी और निष्पक्ष परीक्षण सुनिश्चित करने के लिए बनाई है ताकि ऐसे मामले लंबे समय तक लंबित न रहें। केस से संबंधित एसएचओ पूरी लग्न के साथ के साथ केस तैयार करेंगे। डीएसपी और एसीपी पर जांच की प्रगति की निगरानी का जिम्मा रहेगा। पुलिस अधीक्षक व पुलिस आयुक्त जांच की स्थिति की समीक्षा करेंगे। नशीले पदार्थों की मात्रा वाणिज्यिक और आरोपी के विदेशी नागरिक होने पर वे जांच अधिकारी को उचित दिशा-निर्देश देंगे।
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यह भी पढ़ें : हाईकोर्ट पहुंचा मामला: वकील से छेड़छाड़ के आरोप में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पर केस दर्ज
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जांच अधिकारी चालान तैयार करते और उसे अंतिम रूप देते समय सीआरपीसी की धारा 173 के तहत रिपोर्ट सुनिश्चित करेंगे। सभी गवाहों का पूरा पता, उनके ई-मेल और फोन नंबर का स्पष्ट उल्लेख करना होगा। समन एजेंसी को वारंट तामील करने में सक्षम बनाया जाएगा। जिन मामलों में मूल रिकॉर्ड या दस्तावेज कब्जे में लेना संभव नहीं है, वहां चालान के साथ उनकी प्रमाणित या सत्यापित प्रति संलग्न की जाएगी। विदेशी नागरिक का पासपोर्ट और वीजा, उनके जारी और खत्म होने की तिथि को मोटे अक्षरों में दर्शाना होगा।

एसएचओ चालान पेश करने की निर्धारित अवधि के भीतर एफएसएल रिपोर्ट जरूर प्राप्त करेंगे। एफएसएल को प्रतिबंधित पदार्थ का नमूना भेजकर जांच अधिकारी तुरंत सूचित करेगा। चालान में प्रतिबंधित पदार्थ में आरोपी व्यक्ति की गिरफ्तारी की तारीख का विशेष ध्यान रखना होगा। पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय या सहायक आयुक्त पुलिस मुख्यालय को जिला नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

विदेशी नागरिक की दूतावास को देनी होगी सूचना

एनडीपीएस के मामले में विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी पर जांच अधिकारी संबंधित दूतावास को तुरंत सूचित करेंगे। उसका पासपोर्ट और वीजा नंबर, जारी होने और समाप्ति की तारीख की सूचना संबंधित अधीक्षक को भी भेजी जाएगी। जेल प्रशासन के साथ ही निदेशक, एफएसएल को सूचित करना होगा। समन और वारंट तामील करने के साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि रिकॉर्डिंग के लिए तय तारीख को गवाह कोर्ट के सामने पेश हों। अगर कोई गवाह पेश नहीं हो सकता है, तो समय रहते कोर्ट से छूट ली जाए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश होने का भी प्रावधान करना होगा।

लोक अभियोजक करेंगे चालान की जांच

लोक अभियोजक, सहायक लोक अभियोजक कोर्ट में पेश किए जाने वाले चालान और अंतिम रिपोर्ट की पूरी जांच करेंगे। गवाहों का पूरा विवारण परखना होगा। ये भी देखेंगे कि किसी गैर जरूरी गवाह का उल्लेख तो नहीं किया गया है। संबंधित लोक अभियोजक आरोप तय होने के बाद जल्दी सुनवाई के लिए अदालत से अनुरोध करेंगे। अधिकारिक गवाह अगर तय तिथियों पर कोर्ट में पेश नहीं होता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करनी होगी।

फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की भूमिका

निदेशक एफएसएल नमूने के परीक्षण के लिए समय सीमा निर्धारित करेंगे। पुलिस से प्राप्त सामग्री की तुरंत जांच शुरू करनी होगी। चालान, अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने से कम से कम 10 दिन पहले एफएसएल को अपनी रिपोर्ट सौंपना जरूरी है। वाणिज्यिक मात्रा और विदेशी नागरिकों के मामलों को प्राथमिकता देनी होगी। इससे पुलिस को अपनी जांच आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। अगर किसी आरोपी को न्यायिक मदद की जरूरत है तो विधिक सेवाएं प्राधिकरण से दिलाई जाएगी।

जेल प्रशासन कराएगा राष्ट्रीयता की जांच

विदेशी कैदी के जेल में प्रवेश करने पर अधीक्षक उसकी राष्ट्रीयता की जांच करेगा या करवाएगा। उसके रहने का नियम अनुसार प्रबंध करना होगा। पुलिस से कैदी के बारे में पूरी जानकारी ली जाएगी। राष्ट्रीयता के सत्यापन के लिए क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी, विदेश के साथ जेल अधीक्षक बात करेंगे। जेल में विदेशी कैदी के प्रवेश के एक सप्ताह के भीतर उसकी सूचना गृह विभाग, डीजीपी, जिला मजिस्ट्रेट, सीपी, एसपी के अलावा केंद्रीय विदेश और गृह मंत्रालय को भेजना अनिवार्य रहेगा।

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