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खुशखबरीः पंजाब के सरकारी स्कूलों में मिलेगी 12वीं तक शिक्षा मुफ्त, इसी सत्र से नहीं लगेगी फीस
Tue, 18 Aug 2020 02:36 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Aug 2020 02:36 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
पंजाब सरकार द्वारा राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली से बारहवीं कक्षा तक सभी छात्र-छात्राओं को मुफ्त शिक्षा देने के वादे पर आखिरकार सूबे के राज्यपाल ने भी मुहर लगा दी। राज्य शिक्षा विभाग की तरफ से इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है और शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने इसकी पुष्टि की है।
उल्लेखनीय है कि इस साल फरवरी में पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने सूबे के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक सभी विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा देने का एलान किया था। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2020-21 के लिए राज्य के शिक्षा के लिए बजट में 12488 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जो कुल बजट का 8 फीसदी बनता है।
इस तरह वर्ष 2016-17 के बजट में इस मद में रखी गई राशि से यह 23 फीसदी ज्यादा रहा। वित्त मंत्री ने इसके साथ ही 4150 क्लासरूम, असुरक्षित स्कूली इमारतों की मरम्मत, सभी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल में बदलने, डिजिटल एजुकेशन के लिए भी बजट में प्रावधान किए थे।
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राज्य सरकार के इस फैसले को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि राज्यपाल की ओर से प्रसन्नतापूर्वक राज्य के सभी बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों में पहली से 10+2 कक्षा तक सभी विद्यार्थियों (लड़के और लड़कियां) को मुफ्त शिक्षा की सुविधा प्रदान करने की मंजूरी दे दी है।
इस वजह से विद्यार्थियों से ली जा रही फीस, जो खजाने में जमा कराई जाती है, नहीं ली जाएगी। यह आदेश शैक्षिक सत्र 2020-21 से लागू होगा।
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उल्लेखनीय है कि इस साल फरवरी में पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने सूबे के सरकारी स्कूलों में 12वीं कक्षा तक सभी विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा देने का एलान किया था। इसके लिए उन्होंने वर्ष 2020-21 के लिए राज्य के शिक्षा के लिए बजट में 12488 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जो कुल बजट का 8 फीसदी बनता है।
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इस तरह वर्ष 2016-17 के बजट में इस मद में रखी गई राशि से यह 23 फीसदी ज्यादा रहा। वित्त मंत्री ने इसके साथ ही 4150 क्लासरूम, असुरक्षित स्कूली इमारतों की मरम्मत, सभी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल में बदलने, डिजिटल एजुकेशन के लिए भी बजट में प्रावधान किए थे।
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राज्य सरकार के इस फैसले को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि राज्यपाल की ओर से प्रसन्नतापूर्वक राज्य के सभी बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों में पहली से 10+2 कक्षा तक सभी विद्यार्थियों (लड़के और लड़कियां) को मुफ्त शिक्षा की सुविधा प्रदान करने की मंजूरी दे दी है।
इस वजह से विद्यार्थियों से ली जा रही फीस, जो खजाने में जमा कराई जाती है, नहीं ली जाएगी। यह आदेश शैक्षिक सत्र 2020-21 से लागू होगा।