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Punjab: नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेंगे सीएम भगवंत मान, कहा-मैं पूरा होमवर्क करके जा रहा हूं
Sun, 07 Aug 2022 01:30 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 01:30 AM IST
सार
सीएम भगवंत मान ने कहा कि नीति आयोग ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह को बैठक में पंजाब के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं गए, इस कारण पंजाब के कई मुद्दों का समाधान नहीं हो सका।
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पंजाब के सीएम भगवंत मान।
- फोटो : twitter
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में रविवार को दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री शनिवार को दिल्ली पहुंच गए हैं और उन्होंने कहा कि वह पूरा होमवर्क करके आए हैं और बैठक के दौरान किसानी समेत पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाएंगे।
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दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि वह बैठक में पंजाब के पानी, किसान कर्ज, एमएसपी की गारंटी, पंजाब के उद्योग, पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ और बीबीएमबी सहित राज्य से जुड़े मुद्दों को प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय बैठक के दौरान पंजाब से जुड़ी हर समस्या को रखा जाएगा क्योंकि तीन साल बाद पंजाब का कोई प्रतिनिधि इस बैठक में हिस्सा लेने जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और चरणजीत सिंह को बैठक में पंजाब के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन वे नहीं गए, इस कारण पंजाब के कई मुद्दों का समाधान नहीं हो सका।
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मान ने कहा कि अब मैं पूरा होमवर्क करके जा रहा हूं। जब भी पंजाब के मुद्दों को सुलझाने का ऐसा मौका मिलेगा, वे इसे नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में किसानों की फसलों को लेकर एमएसपी कमेटी बनाई है। यह कमेटी फसलों पर एमएसपी को लेकर सरकार को अपना सुझाव देगी, लेकिन इसमें पंजाब सरकार का कोई प्रतिनिधि नहीं है। उन्होंने कहा कि सिंघु बार्डर पर 378 दिनों के किसान आंदोलन में पंजाब के सबसे ज्यादा किसानों ने हिस्सा लिया और पंजाब के किसानों को सबसे ज्यादा जान गंवानी पड़ी। इस आंदोलन को खत्म करने की शर्त के बदले एमएसपी कमेटी का गठन किया गया, लेकिन जिन्होंने कृषि सुधार कानूनों का समर्थन किया था, केंद्र सरकार ने उन्हें ही इस कमेटी में सदस्य बना दिया, जो सही नहीं है। वह इस मुद्दे को नीति आयोग की बैठक में जोर-शोर से उठाएंगे।