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Palwal News: स्वच्छ भारत मिशन को पलीता लगा रही गंदगी, आलदोका के लोग परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। एक ओर केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही इस अभियान को कमजोर कर रही है। इंड़री खंड के गांव आलदोका में गांव की गलियों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर फैली गंदगी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।
आलदोका जिले के बड़े और ऐतिहासिक गांवों में गिना जाता है। राजनीतिक रूप से भी यह गांव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। गांव में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष का निवास है, जबकि इंड़री ब्लॉक समिति के चेयरमैन भी इसी गांव के रहने वाले हैं। इसके बावजूद गांव की सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बीच वाली चौपाल, जिसे चार गांवों की साझा चौपाल भी माना जाता है, इन दिनों गंदगी से पटी है। चौपाल के आसपास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और नालियों में कीचड़ जमा होने से गंदा पानी रास्तों में बह रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और वातावरण भी दूषित हो रहा है।
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तीन कर्मचारी नियुक्त, एक ही करता है काम
ग्रामीण मास्टर किशनलाल, बुधराम देशवाल, सतीश, परवीन, रिषभ गर्ग, महेश कुमार, लखन देशवाल और सतपाल आदि ने बताया कि गांव में तीन सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं, लेकिन उनमें से केवल एक कर्मचारी ही नियमित रूप से काम करता दिखाई देता है। बाकी दो कर्मचारी मनमानी करते हैं और सफाई कार्य में रुचि नहीं लेते। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गांव का मिजाजपुर मोहल्ला, बड़ी पोखर वाला मोहल्ला और अन्य कई हिस्से गंदगी की चपेट में हैं।
इस संबंध में उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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नूंह। एक ओर केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन की ओर से सफाई व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही इस अभियान को कमजोर कर रही है। इंड़री खंड के गांव आलदोका में गांव की गलियों, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर फैली गंदगी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है।
आलदोका जिले के बड़े और ऐतिहासिक गांवों में गिना जाता है। राजनीतिक रूप से भी यह गांव काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। गांव में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष का निवास है, जबकि इंड़री ब्लॉक समिति के चेयरमैन भी इसी गांव के रहने वाले हैं। इसके बावजूद गांव की सफाई व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बीच वाली चौपाल, जिसे चार गांवों की साझा चौपाल भी माना जाता है, इन दिनों गंदगी से पटी है। चौपाल के आसपास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं और नालियों में कीचड़ जमा होने से गंदा पानी रास्तों में बह रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और वातावरण भी दूषित हो रहा है।
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तीन कर्मचारी नियुक्त, एक ही करता है काम
ग्रामीण मास्टर किशनलाल, बुधराम देशवाल, सतीश, परवीन, रिषभ गर्ग, महेश कुमार, लखन देशवाल और सतपाल आदि ने बताया कि गांव में तीन सफाई कर्मचारी नियुक्त हैं, लेकिन उनमें से केवल एक कर्मचारी ही नियमित रूप से काम करता दिखाई देता है। बाकी दो कर्मचारी मनमानी करते हैं और सफाई कार्य में रुचि नहीं लेते। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के कारण गांव का मिजाजपुर मोहल्ला, बड़ी पोखर वाला मोहल्ला और अन्य कई हिस्से गंदगी की चपेट में हैं।
इस संबंध में उपायुक्त अखिल पिलानी ने कहा कि मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो उचित कार्रवाई की जाएगी।