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96 घंटे बाद भी नहीं लगा पिता-पुत्र का सुराग
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96 घंटे बाद भी नहीं लगा पिता-पुत्र का सुराग
हथीन। दहेज के मामले में तारीख पर गए समीपवर्ती गांव गुराकसर निवासी आस मोहम्मद और उसके बेटे शौकीन का नूंह जिला अंतर्गत पिनगंवा से सोमवार को अपहरण कर लिया गया। वारदात के 96 घंटे बाद भी पिता-पुत्र का कोई सुराग नहीं लग पाया है। इससे गांव गुराकसर के लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर रोष व्याप्त है। इस संदर्भ में अपहरण किए गए आस मोहम्मद की पत्नी अमीना ने बताया कि पिनगंवा थाने में कई बार जाकर गुहार लगाई गई लेकिन पुलिस को अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
दरअसल, सोमवार को गुराकसर निवासी आस मोहम्मद और उसके पुत्र शौकीन का अपहरण कोर्ट से लौटते समय कर लिया गया था। इस संदर्भ में आस मोहम्मद की पत्नी अमीना ने गांव रानोता निवासी शौकीन के साले असरू, साहुन, असलम, अरशद, तालीम और वकील के खिलाफ पिनगंवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस विवाद की पृष्ठभूमि के बारे में पता चला है कि अपहरण किए गए युवक शौकीन का निकाह वर्ष 2013 में रानौता निवासी एक युवती के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही दोनों पक्षों में दहेज को लेकर विवाद था। इस मामले में लड़की पक्ष ने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसी मुकदमे की पैरवी के लिए गुराकसर से आस मोहम्मद और उसका पुत्र शौकीन मोबाइल कोर्ट पिनगंवा पेशी पर गए थे। पेशी से वापस आते समय रहपुआ के पास एक सफेद बोलेरो में सवार लोगों ने उनको रोक लिया और जबरदस्ती कार में डालकर अपने साथ ले गए। इस संदर्भ में अपहरण का मुकदमा तत्काल दर्ज करा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक इस मामले को पंचायती स्तर पर निपटाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। गांव गुराकसर और रानौता गांव के लोगों के बीच मध्यस्थता चल रही है। वहीं गुराकसर गांव के लोगों को पिता-पुत्र की चिंता बनी हुई है।
इस मामले में कई बार आरोपी पक्ष के यहां छापा मारकर आए हैं। लेकिन अभी तक दोनों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। समसुद्दीन, थाना प्रभारी, पिनगंवा
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हथीन। दहेज के मामले में तारीख पर गए समीपवर्ती गांव गुराकसर निवासी आस मोहम्मद और उसके बेटे शौकीन का नूंह जिला अंतर्गत पिनगंवा से सोमवार को अपहरण कर लिया गया। वारदात के 96 घंटे बाद भी पिता-पुत्र का कोई सुराग नहीं लग पाया है। इससे गांव गुराकसर के लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर रोष व्याप्त है। इस संदर्भ में अपहरण किए गए आस मोहम्मद की पत्नी अमीना ने बताया कि पिनगंवा थाने में कई बार जाकर गुहार लगाई गई लेकिन पुलिस को अभी तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है।
दरअसल, सोमवार को गुराकसर निवासी आस मोहम्मद और उसके पुत्र शौकीन का अपहरण कोर्ट से लौटते समय कर लिया गया था। इस संदर्भ में आस मोहम्मद की पत्नी अमीना ने गांव रानोता निवासी शौकीन के साले असरू, साहुन, असलम, अरशद, तालीम और वकील के खिलाफ पिनगंवा थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इस विवाद की पृष्ठभूमि के बारे में पता चला है कि अपहरण किए गए युवक शौकीन का निकाह वर्ष 2013 में रानौता निवासी एक युवती के साथ हुआ था। शादी के बाद से ही दोनों पक्षों में दहेज को लेकर विवाद था। इस मामले में लड़की पक्ष ने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसी मुकदमे की पैरवी के लिए गुराकसर से आस मोहम्मद और उसका पुत्र शौकीन मोबाइल कोर्ट पिनगंवा पेशी पर गए थे। पेशी से वापस आते समय रहपुआ के पास एक सफेद बोलेरो में सवार लोगों ने उनको रोक लिया और जबरदस्ती कार में डालकर अपने साथ ले गए। इस संदर्भ में अपहरण का मुकदमा तत्काल दर्ज करा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक इस मामले को पंचायती स्तर पर निपटाने के भी प्रयास किए जा रहे हैं। गांव गुराकसर और रानौता गांव के लोगों के बीच मध्यस्थता चल रही है। वहीं गुराकसर गांव के लोगों को पिता-पुत्र की चिंता बनी हुई है।
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इस मामले में कई बार आरोपी पक्ष के यहां छापा मारकर आए हैं। लेकिन अभी तक दोनों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। समसुद्दीन, थाना प्रभारी, पिनगंवा