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विधायक सीताराम की शिकायत पर तहसीलदार कंवल सिंह की जांच शुरू, एसडीएम ने दर्ज किए बयान

Fri, 20 Dec 2019 11:12 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 20 Dec 2019 11:12 PM IST
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tehsildar blame crupt sdm inquiry
कनीना। तहसीलदार कंवल सिंह के खिलाफ अटेली के हलका विधायक की ओर से प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मुख्य सचिव, एफसीआर को की गई भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत पर जांच कार्रवाई शुरू हो गई है। चंडीगढ़ से ये शिकायत जिला उपायुक्त नारनौल के पास आई थी। जिसे जांच के लिए एसडीएम कनीना को भेजी गई। शुक्रवार को एसडीएम अजय चोपड़ा ने जांच शुरू की। जांच में पहले स्तर पर ककराला के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से अपने बयान कलमबद्ध कराए।
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ककराला के ग्रामीण श्रीराम, मुनीलाल, गणेश कुमार, कुरड़ाराम, राकेश कुमार, दलबीर सिंह, रामकुमार, राजेश कुमार, जयपाल, बीरसिंह, बिरेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, नरेश कुमार, शादीराम, अमर सिंह, पूर्ण सिंह, अधिवक्ता विक्रम सिंह, बुधराम की ओर से कलमबद्ध कराए। सामूहिक बयानों में कहा कि हमारी तकसीम केस की फाइल तहसीलदार के पास चल रही थी। जिसमें 132 हिस्सेदार थे। सभी हिस्सेदारों ने भूमि की तकसीम 9 खातों में करवाई है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार कंवल सिंह ने इस तकसीम केस में कोई पैसे नहीं लिए। उन्होंने अपने बयानों में लिखवाया कि विधायक सीताराम की ओर से तहसीलदार के खिलाफ की गई शिकायत झूठी है। जिस पर कार्रवाई की जाए।
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कोटिया गांव की महिला अंजू देवी ने बताया कि वसिका नंबर 2409 का पंजीकरण करवाया था। जिस पर विधायक ने डेढ़ लाख रुपये तहसीलदार, उनके स्टाफ पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया था जो बेबुनियाद है। उनसे कोई रुपया नहीं लिया गया। आकाश चेलावास ने बताया कि उनकी तकसीम की गई थी, जिस पर विधायक की ओर से पैसे लेने का आरोप लगाया गया था, जोकि तथ्यों से परे है। विधायक की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं। मुंडिया खेड़ा में नंबरदार नियुक्ति के लिए पैसे लेने का आरोप लगाया था। जिसमें प्रदीप कुमार ने बताया कि लंबे समय से उनका केस कनीना तहसील कार्यालय में चल रहा था, जिसका फैसला किया गया था। केस में उनसे कोई नकदी नहीं ली गई। विधायक की ओर से लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
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विदित रहे कि तहसीलदार कंवल सिंह ने बीते समय एसीएस वित्तायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग हरियाणा, चंडीगढ़ को पत्र भेजकर अपनी बदली करवाने की मांग की थी। उन्होंने अटेली के विधायक सीताराम पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि 2011 में जब वे अटेली में बतौर नायब तहसीलदार कार्यरत थे तब सीताराम ने रिश्वतखोरी के फर्जी केस में फंसाया गया था। तहसीलदार ने विधायक पर अब पुन: किसी फर्जी केस में फंसाने की प्रबल संभावना जताते हुए शीघ्रता से अपना तबादला नूंह-तावडू या चरखी दादरी करने की मांग की थी।
विधायक सीताराम यादव मुझे जान बूझकर परेशान कर रहा है। रिश्वत लेने झूठे आरोप लगाकर मेरी छवि को धूमिल कर रहा है। मामले की जांच की जा रही है, जिसमें दूध का दूध व पानी का पानी हो जाएगा।
- कंवल सिंह, तहसीलदार, कनीना।
विधायक की ओर से उच्च अधिकारियों की गई शिकायत की जांच की जा रही है। अभी लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने अपने बयान दिए हैं। जांच करने के बाद रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी।

- अजय चोपड़ा, एसडीएम, कनीना।
ग्रामीणों की ओर से मौखिक शिकायतें मिली थी। जिस आधार पर मैंने सीएम, एफसीआर को शिकायत की थी। जांच के बारे में मुझे किसी ने सूचना नहीं दी। जनता ने मुझे चुनकर विधानसभा में भेजा है। जनता की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।
- सीताराम, विधायक, मंडल अटेली।
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