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नगरपालिका की बैठक में नहीं पहुंचे अधिकारी, पार्षदों में रोष
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कनीना। अधिकारियों की अनुपस्थिति में नगरपालिका की बैठक हुई। बैठक की कार्रवाई लिपिक द्वारा लिखी गई। जिसमें सचिव, एमई और जेई के नहीं पहुंचने पर पार्षदों ने रोष जताया। उन्होंने डीएमसी को लेटर लिखकर तीनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वो अपना इस्तीफा दे देंगे।
प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि पिछले चार-पांच महीने से 13 सफाई कर्मचारियों का किसी कारणवश वेतन रुका हुआ था। उनको वेतन देने के लिए कुछ दिन पूर्व ही नगरपालिका सचिव ने एजेंडा निकाला था। जो सभी पार्षदों को भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि वीरवार को नगरपालिका की बैठक होनी थी। बैठक में निर्धारित समय पर पूर्व प्रधान एवं पार्षद मास्टर दलीप सिंह, पार्षद दलीप सिंह , उपप्रधान अशोक ठेकेदार, राजेंद्र, विक्की, मनीष, रवि पार्षद प्रतिनिधि, मुकेश रोकी, संदीप धोलिया पार्षद प्रतिनिधि सहित विभिन्न ठेकेदार बैठक में पहुंच गए थे। परंतु तब तक सचिव, एमई, जेई में से कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने बैठक कर प्रस्ताव पारित कर लिया तथा सदन की कार्रवाई लिपिक ने लिखी।
सचिव ने करवाया नोटिस चस्पा:
सचिव नगरपालिका की ओर से कार्यालय में वीरवार को बैठक रद्द का नोटिस चस्पा करवा दिया गया। नोटिस में सचिव की ओर से लिखा गया था कि अपरिहार्य कारणों से बैठक रद्द की जाती है। इस संबंध में प्रधान ने बताया कि सचिव ने इसकी जानकारी न तो मुझे दी न ही किसी पार्षद को दी गई। बैठक रद्द करने से पहले प्रधान को सूचना देना जरूरी होता है।
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अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
मंगलवार को अधिकारियों के कार्यालय नहीं पहुंचने पर नपा प्रधान सहित सभी पार्षदों ने रोष जताया। इस मौके पर उन्होंने डीएमसी के नाम अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भेजी है। जिसमें अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारी कर रहे हैं राजनीति:
पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे केवल राजनीति करते हैं, उनको विकास कार्यों से कोई लेना देना नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सचिव एवं जेई काम पर नहीं लौट रहे हैं, महज खानापूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सचिव के यहां कार्यभार ग्रहण करने के बाद दो बार बैठक आयोजित हो चुकी है किंतु दोनों बैठकों में सचिव मौजूद नहीं रहे। उन्होंने खेद जताया कि कस्बा के सभी विकास कार्य कर्मियों की अकर्मण्यता के कारण रुके हुए हैं।
नहीं बैठ रहा प्रधान और अधिकारियों का तालमेल:
नपा अधिकारियों और प्रधान के बीच कई दिनों से तालमेल नहीं बैठ पा रहा। पहले भी पालिका प्रधान ने परेशान होकर नपा कार्यालय में कर्मियों के न आने पर ताला ही लगा दिया था। तालमेल नहीं होने की वजह से क्षेत्र के विकास कार्यों पर भी ब्रेक लगा हुआ है।
बैठक में उनका कोई संबंध नहीं होता। और वैसे भी उन्हें बैठक की कोई सूचना नहीं थी।
-हितेश जेई, नपा कनीना
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प्रधान सतीश जेलदार ने बताया कि पिछले चार-पांच महीने से 13 सफाई कर्मचारियों का किसी कारणवश वेतन रुका हुआ था। उनको वेतन देने के लिए कुछ दिन पूर्व ही नगरपालिका सचिव ने एजेंडा निकाला था। जो सभी पार्षदों को भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि वीरवार को नगरपालिका की बैठक होनी थी। बैठक में निर्धारित समय पर पूर्व प्रधान एवं पार्षद मास्टर दलीप सिंह, पार्षद दलीप सिंह , उपप्रधान अशोक ठेकेदार, राजेंद्र, विक्की, मनीष, रवि पार्षद प्रतिनिधि, मुकेश रोकी, संदीप धोलिया पार्षद प्रतिनिधि सहित विभिन्न ठेकेदार बैठक में पहुंच गए थे। परंतु तब तक सचिव, एमई, जेई में से कोई अधिकारी नहीं पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने बैठक कर प्रस्ताव पारित कर लिया तथा सदन की कार्रवाई लिपिक ने लिखी।
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सचिव ने करवाया नोटिस चस्पा:
सचिव नगरपालिका की ओर से कार्यालय में वीरवार को बैठक रद्द का नोटिस चस्पा करवा दिया गया। नोटिस में सचिव की ओर से लिखा गया था कि अपरिहार्य कारणों से बैठक रद्द की जाती है। इस संबंध में प्रधान ने बताया कि सचिव ने इसकी जानकारी न तो मुझे दी न ही किसी पार्षद को दी गई। बैठक रद्द करने से पहले प्रधान को सूचना देना जरूरी होता है।
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अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
मंगलवार को अधिकारियों के कार्यालय नहीं पहुंचने पर नपा प्रधान सहित सभी पार्षदों ने रोष जताया। इस मौके पर उन्होंने डीएमसी के नाम अधिकारियों के खिलाफ शिकायत भेजी है। जिसमें अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारी कर रहे हैं राजनीति:
पालिका प्रधान सतीश जेलदार ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे केवल राजनीति करते हैं, उनको विकास कार्यों से कोई लेना देना नहीं हैं। उन्होंने बताया कि सचिव एवं जेई काम पर नहीं लौट रहे हैं, महज खानापूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सचिव के यहां कार्यभार ग्रहण करने के बाद दो बार बैठक आयोजित हो चुकी है किंतु दोनों बैठकों में सचिव मौजूद नहीं रहे। उन्होंने खेद जताया कि कस्बा के सभी विकास कार्य कर्मियों की अकर्मण्यता के कारण रुके हुए हैं।
नहीं बैठ रहा प्रधान और अधिकारियों का तालमेल:
नपा अधिकारियों और प्रधान के बीच कई दिनों से तालमेल नहीं बैठ पा रहा। पहले भी पालिका प्रधान ने परेशान होकर नपा कार्यालय में कर्मियों के न आने पर ताला ही लगा दिया था। तालमेल नहीं होने की वजह से क्षेत्र के विकास कार्यों पर भी ब्रेक लगा हुआ है।
बैठक में उनका कोई संबंध नहीं होता। और वैसे भी उन्हें बैठक की कोई सूचना नहीं थी।
-हितेश जेई, नपा कनीना