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बाजरा भावांतर की राशि 975 रुपये प्रति क्विंटल की जाए : अतरलाल
Tue, 28 Oct 2025 12:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 28 Oct 2025 12:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
नारनौल। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने राज्य सरकार से बाजरा भावांतर की राशि 575 से बढ़ाकर 975 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
उन्होंने अनाज मंडियों का दौरा करने के बाद कहा कि सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये तय किया था। इसमें 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदा जाना था और 575 रुपये भावांतर राशि किसानों के खातों में समायोजित करनी थी।
मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद न होने के कारण किसानों को 1800-1850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को तत्काल भावांतर राशि बढ़ाकर 975 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों के खातों में डालनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाजरा खरीद शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है लेकिन अब तक किसान को भावांतर राशि नहीं मिली है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है।
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उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य और भावांतर की पूरी राशि नहीं मिल रही है। साथ ही बाजरा और कपास फसलों के खराबे का मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने तीन दिन के अंदर बाजरा भावांतर की राशि बढ़ाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित नहीं की तो बसपा आंदोलन करेगी।
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नारनौल। बसपा नेता अतरलाल एडवोकेट ने राज्य सरकार से बाजरा भावांतर की राशि 575 से बढ़ाकर 975 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
उन्होंने अनाज मंडियों का दौरा करने के बाद कहा कि सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये तय किया था। इसमें 2200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा खरीदा जाना था और 575 रुपये भावांतर राशि किसानों के खातों में समायोजित करनी थी।
मंडियों में बाजरे की सरकारी खरीद न होने के कारण किसानों को 1800-1850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरा बेचना पड़ रहा है। इससे किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार को तत्काल भावांतर राशि बढ़ाकर 975 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों के खातों में डालनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बाजरा खरीद शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय हो गया है लेकिन अब तक किसान को भावांतर राशि नहीं मिली है। इससे किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है।
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उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य और भावांतर की पूरी राशि नहीं मिल रही है। साथ ही बाजरा और कपास फसलों के खराबे का मुआवजा भी नहीं मिल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने तीन दिन के अंदर बाजरा भावांतर की राशि बढ़ाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित नहीं की तो बसपा आंदोलन करेगी।