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महेंद्रगढ़: मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर मेधावी उत्साहित, बोले- मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर हौसला बढ़ा

Mon, 26 Sep 2022 01:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़ (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Mon, 26 Sep 2022 01:07 AM IST
सार

मुख्यमंत्री के हाथों सम्मान पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए।  विद्यार्थी सम्मान पाने के बाद बहुत गर्व महसूस कर रहे थे। विद्यार्थियों ने बताया कि वास्तव में यह एक अच्छा कार्यक्रम था।

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Meritorious excited to be honored by the Chief Minister
सम्मानित हुए महेंद्रगढ़ जिले के टॉपर्स। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा शिक्षा बोर्ड की परीक्षा 2022 के दसवीं और 12वीं के टॉपर जिले के विद्यार्थी रविवार को रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के राधाकृष्णनन सभागार में अमर उजाला की ओर से आयोजित मेधावी छात्र सम्मान में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हाथों सम्मानित होकर उत्साहित हैं।

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महेंद्रगढ़ जिले से सम्मानित होने वाले छात्र और छात्राओं ने सम्मान समारोह की सराहना की। कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री से सम्मानित होने से उनका हौसला बढ़ा है। अब वे अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए और मेहनत करेंगे। मेधावियों ने कहा कि सफलता का कोई शार्टकट तरीका नहीं है। सफलता पानी है तो मेहनत करनी ही होगी। कोरोना काल में विद्यालय बंद होने से उन्होंने ऑनलाइन कक्षाओं और इंटरनेट के सहारे तैयारी की और पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया।
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मुख्यमंत्री से सम्मान मिलना गर्व की बात: वर्षा
दसवीं में 493 अंकों के साथ जिले में द्वितीय स्थान पाने वाली गांव पाली निवासी वर्षा ने बताया कि उसका लक्ष्य सीए बनना है। इसके लिए वह प्रतिदिन छह घंटे पढ़ाई कर रही है। लैपटॉप का प्रयोग कर इंटरनेट से पाठ्य सामग्री भी जुटा रही है। माता रीना देवी साधारण गृहणी और पिता सुरेंद्र पाल किसान होने के बावजूद उसके सपने को पूरा करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
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सुरेंद्र पाल ने बताया कि कई बार बेटी पढ़ाई करते समय खाना तक भूल जाती थी। उसे पढ़ाई से उठाकर ही खाना खिलाना पड़ता है। वर्षा ने बताया कि कोविड संकट के दौरान उन्होंने कभी भी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया। इस दौरान ऑनलाइन कक्षाओं, मोबाइल और इंटरनेट से पाठ्य सामग्री जुटाकर अध्ययन जारी रखा।

Meritorious excited to be honored by the Chief Minister
सीएम मनोहर लाल के साथ सम्मान पाने वाले मेधावी। - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री से सम्मान पाकर हौसला बढ़ा
दसवीं में 492 अंकों के साथ जिले में तीसरे स्थान पर रहे महेंद्रगढ़ निवासी जनक ने बताया कि वह प्रतिदिन आठ घंटे पढ़ाई कर आईआईटी की तैयारी कर रहे हैं। वे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर माता-पिता का सपना पूरा करना चाहते हैं। कक्षा नौंवी में पढ़ाई करते समय अपना यूट्यूब चैनल बना लिया था। इसके बाद इसमें प्रतिदिन एडीटिंग से लेकर पाठ्य सामग्री भी अन्य बच्चों के लिए डालता रहा।

पिता संतलाल एक निजी स्कूल में अध्यापक हैं तथा माता संयोगिता गृहणी होते हैं। उनका भरपूर सहयोग एवं मार्गदर्शन मिलता है। पिछले दो वर्षों में कोरोना संकट के चलते कभी भी अपनी पढ़ाई को बाधित नहीं होने दिया। बचपन से ही इंजीनियर बनने का सपना है, अपने सपने को पूरा करने के लिए जी जान से मेहनत कर रहे हैं। मोबाइल का सदुपयोग किया जाए तो बहुत सी पाठ्य सामग्री इंटरनेट के माध्यम से लेकर ज्ञान वृद्धि की जा सकती है। पिता संतलाल का कहना है कि बेटे को पढ़ाई करना ही अधिक पसंद है।

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12 टॉपर विद्यार्थियों का साक्षात्कार
आईएएस बनकर करेंगे देश की सेवा

12वीं में 500 में 490 अंकर पाकर जिले के टॉपर रहे गांव नायन की ढाणी बड़वाली, नांगल चौधरी निवासी राहुल ने बताया कि वे आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय से बीएससी ऑनर्स करेंगे। इसके बाद यूपीएससी की तैयारी करेंगे। बताया कि अध्यापक जो होम वर्क देते थे उसको पूरा करते थे। लॉकडाउन में पढ़ाई अवश्य प्रभावित हुई लेकिन कक्षा 12वीं में उसने स्कूल में पढ़ाई के साथ खुद तैयारी की। परीक्षा में सफलता पाने के लिए आठ घंटे नियिमित रूप से पढ़ाई की। राहुल के पिता भूपेंद्र प्राइवेट स्कूल में अध्यापक हैं तथा मम्मी संतोष देवी गृहिणी है। सनराइज सैनिक स्कूल नांगल चौधरी, चेयरमैन विक्रम सिंह ने बताया कि राहुल हमेशा से प्रतिभाशाली रहा। स्कूल में किसी प्रकार की समस्या होती तो वह अध्यापकों को बता देता था।

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आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं मुस्कान
गांव रघुनाथपुरा की बेटी मुस्कान यादव आईएएस ऑफिसर बनना चाहती हैं। मुस्कान ने बताया कि वह टाइमिंग अनुसार पढ़ाई नहीं करती थी। अध्यापकों द्वारा जो काम दिया जाता था उसको पूरा करने के बाद ही सोती थी, चाहे उनको करने में कितने भी घंटे लगे। सोशल मीडिया से हमेशा दूरी बनाए रखी और अभी भी दूर हूं। पढ़ाई से ऊब जाती तो घर के बाहर घूम लेती थी। अभी वह दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन लेना चाहती है जिसकी प्रक्रिया चल रही है। लॉकडाउन में काफी दिक्कत हुई थी ऑनलाइन पढ़ाई तथा ऑफ लाइन पढ़ाई काफी अंतर होता है लेकिन कक्षा 12वीं में मैंने शुरू से अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। अध्यापकों ने बताया कि मुस्कान से स्कूल को भी यही उम्मीद थी मुस्कान के पिता प्रकाश चंद किसान हैं तथा माता बबली देेवी गृहिणी है। मुस्कान ने 12वीं कला संकाय में 500 में से 488 अंक लेकर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।

सीए बनना चाहती है कोमल गोयल
12वीं कामर्स वर्ग में 485 अंक प्राप्त करने वाली श्रीराम स्कूल नांगल चौधरी की छात्रा व नांगल चौधरी निवासी कोमल ने बताया कि वे सीए बनाना चाहती हैं। बताया कि वह पांच छह घंटे पढ़ाई करती थीं। सोशल मीडिया का कभी प्रयोग नहीं किया। पढ़ाई में कहीं संदेह होता था तो स्कूल में पूछ लेती थी। कहा कि लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करने से सफलता अवश्य मिलती है। लॉकडाऊन में पढ़ाई बाधित नहीं होने दी। इस वजह से 12वीं कक्षा में उसको ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ी। कहा कि सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री से सम्मानित होकर उसका हौसला बढ़ा है। स्कूल संचालक अनिल यादव ने बताया कि कोमल हमेशा बेहतरी का प्रयास करती है। वह कक्षा में हमेशा अव्वल ही रही। कोमल के पिता मुकेश गोयल दुकानदार तथा मम्मी सुमन गोयल गृहिणी हैं।

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समारोह में सम्मान पाना अविस्मरणीय : अनिशा
12वीं की टॉपर गांव बापड़ौली निवासी अनिशा पुत्री रामकरण इंजीनियर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि लक्ष्य निर्धारित कर नियमित पढ़ाई करनी चाहिए। इससे सफलता मिलती है। परीक्षा के दौरान नींद पूरी लेनी चाहिए। अलग-अलग राइटर की किताबें पढ़ने की बजाय एनसीईआरटी की किताबों को पांच से छह बार रिवाइज कर लेना चाहिए। हमेशा सोशल मीडिया से हमेशा दूरी बनाए रखी। लॉकडाउन में अध्यापक गांव में ही पढ़ाने के लिए आते थे। ऑलाइन पढ़ाई करने के बाद मैंने हमेशा नियमित पढ़ाई जा रखी। 12वीं में होने के बाद स्कूल खुल गए थे तो बाद में पीछे की कमी पूरी करने के लिए अतिरिक्त पढ़ाई करती थी। कहा कि अमर उजाला के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर उनका हौसला बढ़ा है। उसने वैदिक स्कूल में पढ़ाई कर 500 में से 484 अंक प्राप्त किए। स्कूल के संचालक अशोक एवं प्राचार्य लीलाधर शर्मा ने बताया कि अनिशा हमेशा से प्रतिभाशाली रही, अगर कोई डाउट होते तो वह स्कूल में पूछ लेती थी

छह से सात घंटे पढ़ाई कर पाया तीसरा स्थान
प्रिया ने बताया कि वह सोशल मीडिया से हमेशा दूर रहती थी। स्कूल से आने के बाद छह से सात घंटे पढ़ाई करती। वह आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती है। उसने बताया कि पढ़ाई का कोई शार्ट कट नहीं होता। नियमित पढ़ाई करने पर ही सफलता प्राप्त होती है। उसके पिता अनिल कुमार किसान है तथा माता उर्मिला देवी गृहिणी है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोजावास की छात्रा प्रिया ने छह से सात घंटे पढ़ाई कर नान मेडिकल संकाय में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। प्रिया ने 12वीं में 500 में से 483 अंक प्राप्त किए थे।

सीए बनना चाहते हैं चंद्रपाल
चंद्रपाल ने बताया कि पढ़ाई का कोई शॉर्ट कट नहीं होता। नियमित पढ़ाई करने से ही सफलता प्राप्त होती है। उसने हमेशा लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई की। परीक्षा से एक महीने पहले वह लक्ष्य निर्धारित कर लेता था कि आज इतने चैप्टर कवर करना है, उनको कवर करने के बाद ही वह रात को सोता था। वह घर पर रहकर ही सीए फाउंडेशन की तैयारी कर रहे हैं। लॉकडाउन में काफी परेशानी हुई लेकिन ऑनलाइन कक्षा के जरीए ही उसने अपनी स्टडी की। 12वीं कक्षा में तो शुरुआत से ही पढ़ाई पर पूरा फोकस रखा।

बताया कि जब 12वीं टॉप किया तो परिजन बहुत खुश हो गए थे जो मेरे जीवन का सबसे यादगार है। उसने बताया कि वह पढ़ाई के साथ-साथ पिता की खेती में भी मदद करवाता है। उसके पिता रामकरण किसान है तथा माता मीरा देवी गृहिणी हैं। चंद्रपाल ने हरियाणा सीनियर सेकेंडरी स्कूल मो. चौधरियान में पढ़ाई कर12वीं कक्षा में 483 अंक प्राप्त किए थे। स्कूल चेयरमैन हितेंद्र शर्मा ने बताया कि वास्तव में ही चंद्रपाल होनहार विद्यार्थी था। डाउट लेने में कभी कोई संकोच नहीं करता था। इसी वजह से वह इस मुकाम तक पहुंच पाया।

दसवीं कक्षा के टॉपर्स
आईएएस बनना चाहती हैं गौरल
नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र के गांव भुंगारका निवासी गौरल चौधरी आईएएस बनकर देश सेवा करना चाहती हैं। अभी वह बॉलाजी स्कूल में कक्षा 11वीं में मेडिकल एवं नॉन मेडिकल दोनों की साथ पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने बताया कि वह प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। पढ़ाई से ऊब जाने पर भाई के साथ कुछ समय बैडमिंटन खेल लेती थी। उसने बताया कि हमे अपना बेस्ट करना चाहिए। सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखना चाहिए। गौरल के पिता राजबीर एवं माता दोनों ही निजी स्कूल में अध्यापक हैं। गौरल ने 500 में से 494 अंक लेकर दसवीं में जिले में टॉप किया था।

आईएस बनना है लक्ष्य: सौम्या
लंबोरिया एकेडमी की छात्रा सौम्या आईएएस बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि वह स्कूल से आने के बाद छह से सात घंटे पढ़ाई करती थी। जो संदोह होता था उसे स्कूल में अध्यापकों से पूछ लेती थी। उसने बताया कि अतिरिक्त कोई पढ़ाई नहीं की। जो स्कूल में पढ़ाया जाता था उसे घर आकर दोहराती थी। रटने की बजाए हमेशा समझने का प्रयास करती थी। सौम्या ने 500 में से 493 अंक प्राप्त किए थे। अभी वह कक्षा 11वीं नॉन मेडिकल की छात्रा है। अपने लक्ष्य का ध्यान में रखकर पढ़ाई कर रही हैं। कहा कि सम्मान समारोह से उसे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली

आईआईटी कर बनना चाहता है इंजीनियर
गांव चिंडालिया निवासी अक्षय आईआईटी कर इंजीनियर बनना चाहते है। उन्होंने बताया कि हमें अपना बेस्ट देना चाहिए तथा प्रतिदिन नियमित पढ़ाई करनी चाहिए। आज का कार्य कल पर नहीं छोड़ना चाहिए। वह पांच से छह घंटे पढ़ाई करता था। सोशल मीडिया पर मेरा कोई अकाउंट नहीं है। पढ़ाई कर थक जाता तो थोड़ी देर घर घूमने चला जाता था। परिवार वालों, दोस्तों तथा गुरुजनों का हमेशा सपोर्ट मिला। वर्तमान में इंद्रप्रस्थ स्कूल से वह 11वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही आईटीआई की तैयारी कर रहा है। अक्षय ने दसवीं कक्षा में 500 में से 493 अंक प्राप्त कर जिला स्तर पर दूसरा स्थान हासिल किया था।

हौसला बढ़ा, डॉक्टर बनना लक्ष्य
नांगल चौधरी क्षेत्र की बेटी आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि सम्मान समारोह से उसका हौसला बढ़ा है। वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करके रहेगी। उसने बताया कि प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। जो पूछना होता थास्कूल में पूछ लेती थी। उसने बताया कि चाहे टेस्ट छोटा हो या बड़ा लेकिन उनमें हमेशा अपना बेस्ट देना चाहिए। दूसरा नियमित पढ़ाई करनी चाहिए। उसने बताया कि परिवार, मित्रों तथा गुरुजनों का पूरा सपोर्ट मिला। इसी की वजह से वो इस मुकाम तक पहुंची हैं। वर्तमान में वह 11वीं मेडिकल की छात्रा है। इसके बाद नीट की तैयारी करेंगी। आकांक्षा दसवीं कक्षा में 500 में से 492 अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।

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