गैंगस्टर पपला: गुरु की मौत का बदला लेने के लिए पहलवान से अपराधी बना, फिरौती व हत्या के दर्जनों मामले दर्ज
- हरियाणा और राजस्थान में पपला गुर्जर का खौफ
- दोनों राज्यों में फिरौती एवं हत्या के दर्जनों मामले दर्ज
- बिमला हत्याकांड में दोषी करार, कोर्ट आज सुनाएगी फैसला
- छह साल पहले घर पर सो रही बिमला पर दागी थी 23 गोलियां
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विस्तार
विक्रम उर्फ पपला गुर्जर का खौफ हरियाणा एवं राजस्थान दोनों राज्यों में समान रूप से रहा है। दोनों राज्यों में पपला के खिलाफ 20 से अधिक फिरौती, हत्या, मारपीट, धमकी देने के मामले दर्ज हैं। पपला कितना शातिर है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि तीन बार वह पुलिस की पकड़ में आया पर दो बार वह पुलिस की गिरफ्त से भाग निकला। एक बार उसके साथी महेंद्रगढ़ कोर्ट तथा दूसरी बार बहरोड़ थाने से घुसकर छुड़वाकर ले जा चुके हैं। हरियाणा एवं राजस्थान सरकारों ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच-पांच लाख रुपये का ईनाम रख दिया था। एक के बाद एक हत्या कर दो बार पुलिस की गिरफ्त से भाग उसने इतनी दहशत फैला दी थी।
विक्रम उर्फ पपला महेंद्रगढ़ के गांव खैरोली का निवासी है। वह पहलवानी शौक रखता तथा गांव के ही शक्ति सिंह पहलवान के साथ जुड़ा था। वह और उसका साथी वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर दोनों ही शक्ति सिंह को अपना गुरु मानते थे। 4 फरवरी 2014 को चौबारे में सो रहे शक्ति सिंह की चार पांच युवकों ने मिलकर हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने चीकू, संदीप फौजी, महेश, राजू उर्फ काना पर हत्या का मुकद्दमा दर्ज किया था। अपने गुरु शक्ति सिंह की मौत का बदला लेने के लिए दोनों ने क्राइम की दुनिया में कदम रखा। शक्ति सिंह की मौत के बाद विक्रम उर्फ पपला ने उक्त शक्ति सिंह के हत्यारोपी संदीप फौजी सहित परिवार के चार सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया था। इसके पहले भी वर्ष 2010 व 2014 में पपला के खिलाफ गवाहों को मारपीट व धमकाने के मुकदमे भी दर्ज हुए। वहीं, पपला का हरियाणा के टॉप पांच गैंगस्टर में नाम आने लगा।
तीन बार पुलिस की गिरफ्त में रहा है पपला गुर्जर
पहली बार पपला को नारनौल की सीआईए टीम ने 12 फरवरी 2016 को उसके गांव के पास से अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। गुरु की मौत का बदला लेने के लिए की गई चार हत्याओं के आरोप में नसीबपुर जेल में बंद रहा। 7 सितंबर 2017 को महेंद्रगढ़ कोर्ट में उसकी पेशी थी। इसी दौरान उसके साथ कोर्ट में घुसकर पुलिस वालों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसे छुड़वा ले गए। इस दौरान गोली लगने से चार पुलिस वाले जख्मी हो गए। बाद में एक की डेढ़ वर्ष बाद मौत भी हो गई। ठीक दो वर्ष बाद 6 सितंबर 2019 को बहरोड़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसी दिन उसके साथी उसे छुड़वा ले गए थे। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने उसको 27 जनवरी 2021 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया था।
मोबाइल का करता था कम प्रयोग
पपला वारदात को अंजाम देने के बाद कभी मोबाइल का प्रयोग नहीं करता था। उसने अपने साथियों को भी फोन न करने के निर्देश दे रखे थे जब कभी वह साथियों से बात करता तो सिम बदल लेता था। एक बार सिम का प्रयोग करने पर उसको तोड़कर फेंक देता था। इस वजह से वह पुलिस से काफी दिनों तक बचा रहा।
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गिरफ्तारी के पांच घंटे के भीतर छुड़ा ले गए साथी
बहरोड़ पुलिस ने 6 सितंबर 2019 को विक्रम उर्फ पपला को 30 लाख रुपये तथा हथियार के साथ गिरफ्तार किया था। पपला को पुलिस ने बहरोड़ थाने के लॉकअप में बंद कर दिया था। पांच घंटे बाद उसके करीब दो दर्जन साथी गाड़ियों में सवार होकर एके-47 से फायरिंग करते हुए बहरोड़ थाने में घूस गए और उन्होंने वहां ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दी। अचानक हुए इस वारदात से पुलिस सहम गई। दूसरी तरफ बेखौफ बदमाशों ने पपला को थाने के लॉकअप को तोड़कर उसे छुड़वाकर फरार हो गए।
महेंद्रगढ़ जिले की वारदात
- वर्ष तारीख एफआईआर नंबर अपराध
- 2010 16 दिसंबर 459 सदर थाना महेंद्रगढ़ लड़ाई- झगड़ा
- 2014 14 अगस्त 148- सदर थाना महेंद्रगढ़ लड़ाई-झगड़ा, चोरी
- 2014 31 मार्च 151- सदर थाना महेंद्रगढ़ हत्या
- 2014 23 दिसंबर 522 सिटी थाना नारनौल हत्या
- 2015 - 376- सदर थाना महेंद्रगढ़ हत्या
- 2015 16 नवंबर 305- सदर थाना नांगल चौधरी हत्या
- 2017 - 106-सिटी थाना नारनौल प्रिजन एक्ट
- 2017 8 सितंबर 507- सदर थाना महेंद्रगढ़ हत्या
- 2019 29 अक्तूबर 544 सदर थाना महेंद्रगढ़ डकैती
इनके अलावा एक पुलिस कर्मचारी की हत्या का मामला दर्ज है।