हरियाणा: फर्जी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के मामले में गिरोह का एक और सदस्य महेंद्रगढ़ से धरा
साइट हैक कर फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का नेटवर्क देशभर में फैला है। एक हजार से अधिक फर्जी प्रमाणपत्र बरामद किए जा चुके हैं। वेबसाइट के आईडी और पासवर्ड बदलकर गिरोह के सदस्य बना जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र बना रहे थे।
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स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट हैक कर फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के मामले में पुलिस ने गिरोह में शामिल एक और आरोपी को महेंद्रगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में पुलिस अभी तक गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस द्वारा अभी तक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भी उजागर नहीं की गई है।
आरोपियों के पास से पुलिस को उतर प्रदेश, झारखंड, बिहार, जम्मू-कश्मीर, पंजाब सहित अन्य राज्यों के फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र भी मिले हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि हैकर्स उतर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा सहित देश के विभिन्न राज्यों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रमाणपत्र बनाने का अवैध धंधा करते थे। प्रमाणपत्र बनाने के लिए एक हजार रुपये से 1200 रुपये तक ले लेते थे।
गिरोह द्वारा देशभर में बनाए जा चुके हैं हजारों फर्जी प्रमाणपत्र
आरोपियों द्वारा देशभर में इस तरह के हजारों प्रमाणपत्र बनाए जा चुके थे। जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एसआईटी गठित की और टीम को जल्द से जल्द कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ने के निर्देश दिए। एसआईटी द्वारा मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
इन साइबर अपराधियों का जाल पूरे देश में फैला हुआ था। मुख्य सरगना वाराणसी का रहने वाला है और उसने वेबसाइट हैक कर खुद को नेशनल एडमिन बनाया हुआ था। इससे वह हर राज्य के गिरोह के सदस्यों को पैसों के बदले में लॉगइन आईडी व पासवर्ड मुहैया करवाता था।
लॉगइन आईडी मिलने के बाद संबंधित राज्य के सदस्य अपने-अपने क्षेत्र में प्रमाणपत्र बनाने का कारोबार करते थे। आरोपी सीएससी सेंटर संचालन का कार्य भी करते थे और इसी वजह से सरकारी वेबसाइटों की सीआरएस आईडी की खामियों से परिचित थे। इसका फायदा उठाकर उन्होंने वेबसाइट को हैक कर लिया था।
अगस्त में दर्ज कर दिए थे जन्म के 147 तथा मृत्यु के 21 पंजीकरण
साइट हैक होने का पता अगस्त 2021 में चला था, जब महेंद्रगढ़ के नागरिक अस्पताल की रजिस्ट्रार ने जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रेशन के आवेदन के निपटारण के लिए सीआरएस पोर्टल पर आईडी को लॉगइन किया। इस दौरान उनके स्क्रीन पर यूजर आईडी पासवर्ड गलत होने का मैसेज आया।
उन्होंने जांच की तो पता चला कि उनकी लॉगइन आईडी हैक कर 147 जन्म और 21 मृत्यु प्रमाणपत्र बना लिए गए। उन्होंने इसकी शिकायत महेंद्रगढ़ पुलिस थाने में दर्ज करवाई। इस पर एसपी चंद्रमोहन ने एएसपी सिद्धांत जैन की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की।
देशभर में फैला है नेटवर्क
इस मामले में एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए पटौदी, कैथल, जींद, बरेली, आगरा, लखनऊ, वाराणसी सहित अलग-अलग जगहों से बदमाशों को गिरफ्तार कर गिरोह के नेटवर्क का पता लगाया। जिनसे बरामद उपकरणों की जांच करने पर हजारों जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्रों का रिकार्ड मिला था।
गिरोह के सरगना ने साइट हैक कर खुद को नेशनल एडमिन बनाया हुआ था, जिसे एसआईटी ने छापा मारकर बनारस से गिरफ्तार किया था। बरामद उपकरणों की जांच करने पर उतर प्रदेश, झारखंड, बिहार, जम्मू-कश्मीर, पंजाब सहित अन्य राज्यों के प्रमाण पत्रों का रिकार्ड मिला था। इससे खुलासा हुआ था कि इस गिरोह का नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ था।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार 11 आरोपियों में से अभी तक किसी की भी पहचान उजागर नहीं की गई है। एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। इस मामले में शामिल गिरोह के सभी सदस्यों को काबू किया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि फर्जी जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने का नेटवर्क देशभर में फैला हुआ है। सभी आरोपी शीघ्र की पुलिस की गिरफ्त में होंगे। - सुमित कुमार, पुलिस प्रवक्ता महेंद्रगढ़