फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   admenestrative action on mining, tracter and jcb impound

छापेमारी कर ट्रैक्टर और जेसीबी किए जब्त

Sat, 12 Sep 2015 11:06 PM IST
नारनौल/महेंद्रगढ़
नारनौल/महेंद्रगढ़ Updated Sat, 12 Sep 2015 11:06 PM IST
विज्ञापन

प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद भी अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। शनिवार की सुबह सीटीएम रोहित यादव के नेतृत्व में टास्क फोर्स की ओर से कृष्णावती नदी के पास नांगल पीपा में छापेमारी की गई। इस दौरान टीम ने चार ट्रैक्टर और एक जेसीबी को जब्त कर लिया।

विज्ञापन


कृष्णावती नदी के साथ लगते गांव  नांगल पीपा, नांगल कालिया, नोलायजा, ढाणी जाजमा, दोस्तपुर, भेड़टी आदि गांव  हैं। इनमें बजरी खनन होने की शिकायत मिलने पर जिला उपायुक्त अतुल कुमार ने टास्क फोर्स गठित की थी। इसकी जिम्मेदारी सीटीएम रोहित यादव  को दी गई। योजना के मुताबिक पिछले महीने कृष्णावती नदी में छापेमारी कर 10 वाशिंग प्लांटों को ध्वस्त कराया गया था।
विज्ञापन


इसके अलावा दोबारा निर्माण शुरू होने पर एक दर्जन प्लांटों को तोड़ा गया। इसके बावजूद अवैध खनन पर अंकुश नहीं लग पाया। शिकायत के मुताबिक शनिवार की सुबह करीब 7.30 बजे टास्क फोर्स कृष्णावती में पहुंची। इस दौरान दर्जनों ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन अवैध खनन में जुटी हुई थी। टीम को देखते ही खनन माफियाओं में अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने विभिन्न संसाधनों को चोर रास्तों से बाहर निकाल दिया। लेकिन खदान में फंसने के कारण एक ट्रैक्टर और जेसीबी मशीन टास्क फोर्स के हत्थे चढ़ गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों वाहनों को बाड़े में बंद करने के बाद कोटपुतली रोड पर चेकिंग की गई। इस दौरान छापेमार टीम को देखकर एक चालक चलते ट्रैक्टर से कूदकर भाग गया। रेस कम होने  के कारण ट्रैक्टर बंद हो गया, अन्यथा बढ़ा हादसा हो सकता था। यहां बजरी से  लोड दो ट्रैक्टर-ट्राली जब्त किए गए। जानकारी के मुताबिक टास्क फोर्स  द्वारा करीब एक दर्जन खदानों में छापेमारी की योजना बनाई गई थी। लेकिन  नांगल पीपा में छापेमारी की सूचना तुरंत अन्य गांवों की नदियों में पहुंच गई। खनन माफिया संसाधनों समेत भूमिगत हो गए। इसलिए टास्क फोर्स को नांगल पीपा के बाद वापस नारनौल रवाना होना पड़ा। टीम में बीडीपीओ और खनन विभाग के अधिकारी शामिल किए गए।


अवैध खनन की जांच करवाए प्रशासन
ग्रामीणों ने बताया कि फारेस्ट विभाग की ओर से कृष्णावती नदी में 10 हजार से अधिक पौधारोपण किया गया था। चार साल बाद सभी पौधे बड़े पेड़ों में तब्दील हो गए। लेकिन अवैध खनन होने के कारण अधिकांश पेड़ों की कटाई गई। इससे पर्यावरण की शुद्धता प्रभावित होने के अलावा विभागीय बजट पर पानी फिर गया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed