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चौकी प्रभारी समेत तीन पुलिस कर्मचारियों पर आरोपी को भगाने के आरोप में केस दर्ज
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। ओल्ड पुलिस चौकी में पूछताछ के लिए आया आरोपी गिरफ्तारी से पहले ही फरार हो गया। आरोप है कि चौकी में तैनात एचसी ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी की फरार होने में मदद की है। मामले की जांच डीएसपी ने की और पाया कि चौकी प्रभारी ईएसआई, एएसआई और एचसी की लापरवाही से आरोपी फरार हुआ। डीएसपी की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने तीनों पर केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार सात जनवरी को मोहल्ला पीरआगा निवासी आरोपी दारा सिंह को एक मामले में ओल्ड पुलिस चौकी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। आरोपी पर नौ दिसंबर 2017 में धारा 306 के तहत केस दर्ज हुआ था और उसकी गिरफ्तारी बाकी थी। अनुसंधानकर्ता एएसआई कपूर सिंह ने आरोपी को सात जनवरी को पुलिस चौकी में बुलाया था। जिस पर आरोपी दारा सिंह दो अन्य लोगों के साथ चौकी में पहुंचा।
एएसआई कपूर आरोपी दारा सिंह से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान चौकी में तैनात एचसी नरेंद्र ने एएसआई कपूर से कहा कि आरोपी दारा सिंह उसका जानकार है। इसके बाद एचसी नरेंद्र आरोपी दारा सिंह को बातचीत के लिए चौकी की खंडहर बिल्डिंग की तरफ ले गया। एएसआई कपूर ने एचसी से कहा कि आरोपी दारा सिंह से पूछताछ चल रही है और आरोपी को बुलाया। आरोप है कि कुछ देर बाद एचसी नरेंद्र ने जांच अधिकारी को बताया कि आरोपी दारा सिंह चौकी कैंपस में नहीं है। इसके बाद चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों ने दारा सिंह की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने डीएसपी महेश कुमार को जांच सौंपी।
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डीएसपी ने जांच में पाया कि आरोपी दारा सिंह को एचसी नरेंद्र ने फरार कराया है। इस दौरान चौकी में इंचार्ज ईएसआई लालसिंह भी मौजूद थे और उन्हें पूरे मामले की जानकारी थी। प्रभारी की जिम्मेदारी बनती थी कि आरोपी दारासिंह पर वे स्वयं निगरानी रखें। वहीं, जांच अधिकारी एएसआई कपूर सिंह द्वारा नामजद आरोपी दारा सिंह की गिरफ्तारी में ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए थी। एसपी विनोद कुमार ने डीएसपी की रिपोर्ट पर तीनों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दे दिया। 16 जनवरी को सिटी थाना पुलिस ने तीन आरोपी पुलिस कर्मियों पर धारा 223, 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले का आरोपी फरार करने का आरोप
मोहल्ला पीराआगा निवासी बिमला देवी (35) पत्नी दारा सिंह ने दी पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सात दिसंबर 2017 को भाई मनीष रिश्तेदार कृष्ण और ज्ञानी उसके पास आए थे। इसी दौरान पति दारा सिंह घर पर आया और उसके भाईयों को गाली-गलौज करते हुए धक्का देकर बाहर निकाल दिया। पीड़िता छत पर चली गई तो आरोपी पति मिट्टी का तेल लेकर छत पर आया और उसके ऊपर छिड़ककर आग लगा दी।
पीड़िता ने स्वयं बाथरूम में घुसकर आग बुझाई। पुलिस को दिए बयान में बिमला ने पति पर जान से मारने की नियत से मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की शिकायत दी थी। ओल्ड चौकी प्रभारी जयभगवान ने बताया कि उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई थी। पहले पुलिस ने आईसीपी की धारा 307 के तहत और फिर धारा के 302 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में धारा 302 यानि हत्या का मामला नहीं पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला धारा 306 में बदल दिया। इसी मामले में आरोपी को पूछताछ और गिरफ्तारी के लिए चौकी में बुलाया गया था।
वर्जन
मामला संज्ञान पर आने पर तीनों पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर तीनों को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मामले की जांच डीएसपी के देखरेख में की जा रही है। दूसरी ओर पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
- विनोद कुमार, एसपी नारनौल।
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नारनौल। ओल्ड पुलिस चौकी में पूछताछ के लिए आया आरोपी गिरफ्तारी से पहले ही फरार हो गया। आरोप है कि चौकी में तैनात एचसी ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी की फरार होने में मदद की है। मामले की जांच डीएसपी ने की और पाया कि चौकी प्रभारी ईएसआई, एएसआई और एचसी की लापरवाही से आरोपी फरार हुआ। डीएसपी की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने तीनों पर केस दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार सात जनवरी को मोहल्ला पीरआगा निवासी आरोपी दारा सिंह को एक मामले में ओल्ड पुलिस चौकी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। आरोपी पर नौ दिसंबर 2017 में धारा 306 के तहत केस दर्ज हुआ था और उसकी गिरफ्तारी बाकी थी। अनुसंधानकर्ता एएसआई कपूर सिंह ने आरोपी को सात जनवरी को पुलिस चौकी में बुलाया था। जिस पर आरोपी दारा सिंह दो अन्य लोगों के साथ चौकी में पहुंचा।
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एएसआई कपूर आरोपी दारा सिंह से पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान चौकी में तैनात एचसी नरेंद्र ने एएसआई कपूर से कहा कि आरोपी दारा सिंह उसका जानकार है। इसके बाद एचसी नरेंद्र आरोपी दारा सिंह को बातचीत के लिए चौकी की खंडहर बिल्डिंग की तरफ ले गया। एएसआई कपूर ने एचसी से कहा कि आरोपी दारा सिंह से पूछताछ चल रही है और आरोपी को बुलाया। आरोप है कि कुछ देर बाद एचसी नरेंद्र ने जांच अधिकारी को बताया कि आरोपी दारा सिंह चौकी कैंपस में नहीं है। इसके बाद चौकी में तैनात पुलिस कर्मियों ने दारा सिंह की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने डीएसपी महेश कुमार को जांच सौंपी।
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डीएसपी ने जांच में पाया कि आरोपी दारा सिंह को एचसी नरेंद्र ने फरार कराया है। इस दौरान चौकी में इंचार्ज ईएसआई लालसिंह भी मौजूद थे और उन्हें पूरे मामले की जानकारी थी। प्रभारी की जिम्मेदारी बनती थी कि आरोपी दारासिंह पर वे स्वयं निगरानी रखें। वहीं, जांच अधिकारी एएसआई कपूर सिंह द्वारा नामजद आरोपी दारा सिंह की गिरफ्तारी में ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए थी। एसपी विनोद कुमार ने डीएसपी की रिपोर्ट पर तीनों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दे दिया। 16 जनवरी को सिटी थाना पुलिस ने तीन आरोपी पुलिस कर्मियों पर धारा 223, 34 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस मामले का आरोपी फरार करने का आरोप
मोहल्ला पीराआगा निवासी बिमला देवी (35) पत्नी दारा सिंह ने दी पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सात दिसंबर 2017 को भाई मनीष रिश्तेदार कृष्ण और ज्ञानी उसके पास आए थे। इसी दौरान पति दारा सिंह घर पर आया और उसके भाईयों को गाली-गलौज करते हुए धक्का देकर बाहर निकाल दिया। पीड़िता छत पर चली गई तो आरोपी पति मिट्टी का तेल लेकर छत पर आया और उसके ऊपर छिड़ककर आग लगा दी।
पीड़िता ने स्वयं बाथरूम में घुसकर आग बुझाई। पुलिस को दिए बयान में बिमला ने पति पर जान से मारने की नियत से मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने की शिकायत दी थी। ओल्ड चौकी प्रभारी जयभगवान ने बताया कि उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई थी। पहले पुलिस ने आईसीपी की धारा 307 के तहत और फिर धारा के 302 के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस जांच में धारा 302 यानि हत्या का मामला नहीं पाया गया। जिसके बाद पुलिस ने मामला धारा 306 में बदल दिया। इसी मामले में आरोपी को पूछताछ और गिरफ्तारी के लिए चौकी में बुलाया गया था।
वर्जन
मामला संज्ञान पर आने पर तीनों पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर तीनों को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मामले की जांच डीएसपी के देखरेख में की जा रही है। दूसरी ओर पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
- विनोद कुमार, एसपी नारनौल।