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निर्धारित समय पर स्कूल में नहीं पहुंचते शिक्षक, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला

Fri, 14 Sep 2018 12:51 AM IST
Updated Fri, 14 Sep 2018 12:51 AM IST
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निर्धारित समय पर स्कूल में नहीं पहुंचते शिक्षक, गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
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नांगल चौधरी। गांव मूसनौता के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में स्टाफ की कमी व अध्यापकों के द्वारा छात्र व छात्राओं को अध्यापन नहीं कराने को लेकर ग्रामीण ने वीरवार सुबह 8 बजे स्कूल पहुंचे। ग्रामीणों ने शिक्षकों व बच्चों को स्कूल से बाहर निकालकर स्कूल को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने शिक्षकों पर अध्यापन नहीं करवाने के आरोप लगाए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। हंगामे की सूचना पाकर नांगल चौधरी ब्लॉक के कार्यवाहक बीईओ व महिल कॉलेज के प्राचार्य बीरसिंह मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन देकर दोपहर सवा 12 बजे ताला खुलवाया।
जानकारी के अनुसार गांव में वीरवार सुबह सात बजे सरपंच शेर सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसके बाद शिक्षकों की कार्यशैली के विरोध में सर्वसम्मति से तालाबंदी का निर्णय लिया और ग्रामीणों ने आठ बजे स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी आरंभ कर दी।
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पूरे प्रकरण की सूचना सरपंच ने उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल को दी। इसके बाद 11:30 बजे नांगल चौधरी महिला स्कूल के प्राचार्य एवं कार्यकारी बीईओ बीरसिंह चौधरी स्कूल पहुंचे। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद स्टाफ को तलब किया। उन्होंने स्टाफ को आदत सुधारने की नसीहत दी। साथ ही ग्रामीणों से स्टाफ के खिलाफ लिखित में शिकायत लेकर सख्त कार्रवाई कराने का भरोसा दिया। इससे संतुष्ट ग्रामीणों ने दोपहर 12:15 बजे ताला खोल दिया।
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ग्रामीण महेंद्र, अमर सिंह, रामनिवास, रोहताश व छात्र राहुल, राजेश व मुकेश ने अध्यापकों पर आरोप लगाते हुए कहा की पिछले एक वर्ष से अध्यापक स्कूल में बच्चों को पढ़ाई को लेकर गंभीर नहीं है। क्लास में फोन पर बातचीत व गेम खेलते रहते हैं। वहीं, कई अध्यापक स्कूल में समय पर नहीं पहुंचते। ग्रामीणों के साथ सरपंच शेर सिंह ने दुख जाहिर करते हुए कहा कि स्टॉफ की कमी को लेकर उनके द्वारा विभाग के उच्चाधिकारियों को भी लिखा जा चुका है।

12 से अधिक का स्टाफ है
स्कूल में 12 से अधिक शिक्षकों का स्टाफ है। ग्रामीणों ने प्राचार्य अशोक समेत 4-5 शिक्षकों पर राजनीति करने और निर्धारित समय पर स्कूल न आने का आरोप लगाया। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बीते सत्र का परीक्षा परिणाम भी संतोषजनक नहीं रहा। इससे चिंतित सरपंच शेरसिंह ने प्राचार्य अशोक कुमार को समय पर पहुंचने तथा शिक्षा के स्तर सुधार करने का आग्रह किया। पंचायत के आग्रह को अनसुना कर दिया, उल्टा सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का केस दर्ज करवाने की धमकी दे डाली। स्कूल में करीब 400 बच्चे हैं।

तीन माह से नहीं गणित का शिक्षक
विद्यार्थियों ने बताया कि अंग्रेजी, गणित, साइंस विषय जटिल होते हैं। स्कूल में नियमित रूप से कक्षाएं लगनी अनिवार्य हैं, तभी परीक्षा में उत्तीर्ण होना संभव है, लेकिन बीते तीन महीने से स्कूल में गणित विषय का शिक्षक ही नहीं है। ग्रामीण क्षेत्र में कोचिंग का भी प्रबंध नहीं है। गरीब वर्ग के बच्चे कोचिंग की फीस चुकाने में भी सक्षम नहीं है।

रंजिशवश की तालाबंदी, बच्चों से हो पूछताछ
स्कूल प्राचार्य अशोक कुमार ने बताया कि समय पर स्कूल पहुंचने के लिए निजी खर्चे से वाहन का प्रबंध किया गया है। ऐसे में लेट आने का आरोप बेबुनियाद हैं। गांव के कुछ लोग ने आपसी रंजिश के चलते तालाबंदी व हंगामा किया है। स्कूल में सभी कक्षाएं नियमित रूप से लगती हैं, इसकी पुष्टि बच्चों से पूछताछ करके कर सकते हैं। गणित विषय का शिक्षक उपलब्ध नहीं है, जिससे अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।


वर्जन
ग्रामीणों ने शिक्षकों पर लेटलतीफी स्कूल आने तथा राजनीति करने के आरोप लगाए हैं। वहीं बच्चों ने गणित विषय का शिक्षक नहीं होने की समस्या उनके सामने रखी है। उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजकर स्कूल में शिक्षक की आंतरिक व्यवस्था की सिफारिश की जाएगी। जांच में जो भी शिक्षक दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
- बीरसिंह चौधरी, कार्यकारी बीईओ, नांगल चौधरी।
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