{"_id":"62000ec5091c9b7f3c2f9ff2","slug":"adarsh-station-did-not-get-facilities-even-after-17-years-ram-niwas-narnol-news-rtk6376759115","type":"story","status":"publish","title_hn":"17 साल बाद भी आदर्श स्टेशन को नहीं मिलीं सुविधाएं : रामनिवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
17 साल बाद भी आदर्श स्टेशन को नहीं मिलीं सुविधाएं : रामनिवास
विज्ञापन
महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन। संवाद
- फोटो : Narnol
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
17 साल पहले केंद्र सरकार ने महेंद्रगढ़ स्टेशन को आदर्श स्टेशन का दर्जा दिया था। लेकिन आज तक इसे कोई सुविधा नहीं दे पा रहीं है। आदर्श स्टेशन की सुविधाओं के लिए दैनिक रेलयात्री महासंघ ने कई बार प्रधानमंत्री, रेलमंत्री, जयपुर जोन, बीकानेर मंडल को ज्ञापन भेजकर स्टेशन पर आदर्श सुविधाओं को लेकर अवगत करवा चुका है, लेकिन रेल मंत्रालय ने स्टेशन की सुविधाओं को लेकर कोई रुचि नहीं दिखाई है।
दैनिक रेलयात्री महासंघ के अध्यक्ष रामनिवास पाटोदा ने बीकानेर मंडल, जयपुर जोन के अधिकारियों पर क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष 2021-22 रेल बजट में जयपुर जोन को 4672.55 करोड़ रुपये दिया था। इस बजट की राशि राजस्थान राज्य के स्टेशनों पर विकास के लिए खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ के आदर्श रेलवे स्टेशन पर बजट का रुपया खर्च नहीं किया गया। 1 फरवरी को केंद्र सरकार ने 2022-23 का बजट पास किया है। इसमें जयपुर जोन को इस बार भी पिछले बजट की तुलना में अधिक मिला है। इस बार जयपुर जोन को केंद्र सरकार की ओर से 6724.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि अब यह देखना है कि जयपुर जोन इस बार भी महेंद्रगढ़ के आदर्श स्टेशन की सुविधाओं के लिए कुछ करता है या नहीं। पाटोदा ने बताया कि दक्षिण हरियाणा के सभी रेलवे स्टेशन राजस्थान जोन में आते हैं और जयपुर जोन व बीकानेर मंडल में अधिकारी व कर्मचारी राजस्थान राज्य के कार्यरत हैं।
विज्ञापन
सात साल में भी पूरी नहीं हो पाईं घोषणाएं
रेलवे द्वारा जो बजट मंजूर किया जाता है, उसका अधिकांश भाग राजस्थान राज्य के रेलवे स्टेशन पर प्राथमिकता के साथ लगवा देते हैं। केंद्र में भाजपा सरकार 2014 में बनी थी। 2015 में केंद्र सरकार ने रेल बजट पेश किया था। उसने घोषणा की थी कि रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ 50 किलोमीटर की लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा, परंतु 7 साल बीतने के बाद भी आज तक वह घोषणा ही बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि 2012 के रेल बजट में कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि अलवर-नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। लेकिन 10 साल बीतने के बाद भी न तो प्रदेश सरकार ने और न केंद्र सरकार ने इसका निर्माण करवाने में कोई रुचि दिखाई है।
क्षेत्र के प्रतिनिधित्व ने नहीं उठाए मुद्दे
पाटोदा ने कहा कि इन सभी घोषणाओं में हमारे जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने कभी भी संसद में प्रमुखता से क्षेत्र की मांगों को नहीं उठाया। क्षेत्र के प्रतिनिधित्व संसद सत्र में नियमित रूप से क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मांग उठाते तो आज आदर्श स्टेशन को मूलभूत सुविधाएं भी मिल जातीं। लेकिन प्रतिनिधित्व ने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से नहीं उठाया, जिसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।
लंबे समय से उठाई जा रही है आदर्श स्टेशन पर सुविधाओं की मांग
स्टेशन पर पूछताछ काउंटर, टीसी की पोस्ट खोलने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। लोहारू स्टेशन पर टीसी की तीन पोस्टें हैं, लेकिन महेंद्रगढ़ स्टेशन पर एक भी नहीं। इलेट्रॉनिक ट्रेन कोच इंडिकेशन बोर्ड, दोनों प्लेटफार्म पर टीनशेड की व्यवस्था (एक प्लेटफार्म पर टीन शेड है, लेकिन वह बरसात के समय टपकता है), प्लेटफार्म एक से दो पर जाने के लिए दिव्यांगों के लिए रैंप, दोनों प्लेटफार्म पर आगे-पीछे माइक की व्यवस्था, यात्रियों को गाड़ी के आवागमन की पूरी सूचना देना, प्लेटफार्म पर पुलिस बूथ बनाना, स्टेशन पर सर्कुलेटिंग एरिया में एटीएम स्थापित करना, सीसीटीवी कैमरे, साइन बोर्ड सहित अन्य सुविधाओं की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
दैनिक रेलयात्री महासंघ के अध्यक्ष रामनिवास पाटोदा ने बीकानेर मंडल, जयपुर जोन के अधिकारियों पर क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष 2021-22 रेल बजट में जयपुर जोन को 4672.55 करोड़ रुपये दिया था। इस बजट की राशि राजस्थान राज्य के स्टेशनों पर विकास के लिए खर्च की जा रही है। उन्होंने कहा कि महेंद्रगढ़ के आदर्श रेलवे स्टेशन पर बजट का रुपया खर्च नहीं किया गया। 1 फरवरी को केंद्र सरकार ने 2022-23 का बजट पास किया है। इसमें जयपुर जोन को इस बार भी पिछले बजट की तुलना में अधिक मिला है। इस बार जयपुर जोन को केंद्र सरकार की ओर से 6724.29 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अब यह देखना है कि जयपुर जोन इस बार भी महेंद्रगढ़ के आदर्श स्टेशन की सुविधाओं के लिए कुछ करता है या नहीं। पाटोदा ने बताया कि दक्षिण हरियाणा के सभी रेलवे स्टेशन राजस्थान जोन में आते हैं और जयपुर जोन व बीकानेर मंडल में अधिकारी व कर्मचारी राजस्थान राज्य के कार्यरत हैं।
विज्ञापन
सात साल में भी पूरी नहीं हो पाईं घोषणाएं
रेलवे द्वारा जो बजट मंजूर किया जाता है, उसका अधिकांश भाग राजस्थान राज्य के रेलवे स्टेशन पर प्राथमिकता के साथ लगवा देते हैं। केंद्र में भाजपा सरकार 2014 में बनी थी। 2015 में केंद्र सरकार ने रेल बजट पेश किया था। उसने घोषणा की थी कि रेवाड़ी से महेंद्रगढ़ 50 किलोमीटर की लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा, परंतु 7 साल बीतने के बाद भी आज तक वह घोषणा ही बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि 2012 के रेल बजट में कांग्रेस सरकार ने घोषणा की थी कि अलवर-नारनौल-महेंद्रगढ़-दादरी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। लेकिन 10 साल बीतने के बाद भी न तो प्रदेश सरकार ने और न केंद्र सरकार ने इसका निर्माण करवाने में कोई रुचि दिखाई है।
क्षेत्र के प्रतिनिधित्व ने नहीं उठाए मुद्दे
पाटोदा ने कहा कि इन सभी घोषणाओं में हमारे जनप्रतिनिधि भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि उन्होंने कभी भी संसद में प्रमुखता से क्षेत्र की मांगों को नहीं उठाया। क्षेत्र के प्रतिनिधित्व संसद सत्र में नियमित रूप से क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मांग उठाते तो आज आदर्श स्टेशन को मूलभूत सुविधाएं भी मिल जातीं। लेकिन प्रतिनिधित्व ने क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से नहीं उठाया, जिसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं।
लंबे समय से उठाई जा रही है आदर्श स्टेशन पर सुविधाओं की मांग
स्टेशन पर पूछताछ काउंटर, टीसी की पोस्ट खोलने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। लोहारू स्टेशन पर टीसी की तीन पोस्टें हैं, लेकिन महेंद्रगढ़ स्टेशन पर एक भी नहीं। इलेट्रॉनिक ट्रेन कोच इंडिकेशन बोर्ड, दोनों प्लेटफार्म पर टीनशेड की व्यवस्था (एक प्लेटफार्म पर टीन शेड है, लेकिन वह बरसात के समय टपकता है), प्लेटफार्म एक से दो पर जाने के लिए दिव्यांगों के लिए रैंप, दोनों प्लेटफार्म पर आगे-पीछे माइक की व्यवस्था, यात्रियों को गाड़ी के आवागमन की पूरी सूचना देना, प्लेटफार्म पर पुलिस बूथ बनाना, स्टेशन पर सर्कुलेटिंग एरिया में एटीएम स्थापित करना, सीसीटीवी कैमरे, साइन बोर्ड सहित अन्य सुविधाओं की मांग की जा रही है।