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गोठड़ी में अज्ञात बीमारी से 15 पशुओं की मौत, ग्रामीण चिंतित
Updated Thu, 30 Nov 2017 10:30 PM IST
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गोठड़ी में अज्ञात बीमारी से 15 पशुओं की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। पिछले 10 दिनों के अंदर गांव गोठड़ी में अज्ञात बीमारी फैलने से लगभग 15 पशुओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने विभाग के चिकित्सकों को अवगत करवा दिया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सरपंच सुमन देवी के पति बिरेंद्र ने बताया कि 20 नवंबर को रामकरण कसाना की गाय अचानक बीमार हो गई। डॉक्टर नहीं मिलने पर उसे घरेलू उपचार दिया गया। किंतु राहत नहीं मिली तथा सुबह उसकी मौत हो गई। शुरुआत में ग्रामीणों ने बीमारी को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया, इसके बाद 8-10 पशु और मर गए। इसकी जानकारी रायमलिकपुर अस्पताल में शिकायत दी लेकिन अभी तक चिकित्सक टीम नहीं पहुंची है। उन्होंने बताया कि गांव में 10 से अधिक भैंस, भेड़, बकरी बीमार हैं। जिनको लेकर ग्रामीण खासे चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी के दौरान पशु चारा खाना बंद कर देता है। शरीर में कंपकंपी होने के कारण खड़े रहने में सक्षम नहीं होता। दवाइयां देने के बावजूद 10-15 घंटे में दम तोड़ देते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन ने जांच व इलाज की गुहार लगाई है ताकि ग्रामीणों का पशुधन सुरक्षित रह सके।
शिकायत नहीं मिली, निशुल्क मिलेगा इलाज
पशुपालन विभाग के एसडीओ डा. नसीब सिंह ने बताया कि गोठड़ी के पशुओं में बीमारी फैलने तथा मरने संबंधित शिकायत नहीं मिली है। शुक्रवार सुबह टीम को भेजकर जांच करवाई जाएगी। इलाज के दौरान पशुपालकों को निशुल्क दवाइयां दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि पशुधन की सुरक्षा को लेकर विभाग अलर्ट है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नांगल चौधरी। पिछले 10 दिनों के अंदर गांव गोठड़ी में अज्ञात बीमारी फैलने से लगभग 15 पशुओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने विभाग के चिकित्सकों को अवगत करवा दिया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सरपंच सुमन देवी के पति बिरेंद्र ने बताया कि 20 नवंबर को रामकरण कसाना की गाय अचानक बीमार हो गई। डॉक्टर नहीं मिलने पर उसे घरेलू उपचार दिया गया। किंतु राहत नहीं मिली तथा सुबह उसकी मौत हो गई। शुरुआत में ग्रामीणों ने बीमारी को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया, इसके बाद 8-10 पशु और मर गए। इसकी जानकारी रायमलिकपुर अस्पताल में शिकायत दी लेकिन अभी तक चिकित्सक टीम नहीं पहुंची है। उन्होंने बताया कि गांव में 10 से अधिक भैंस, भेड़, बकरी बीमार हैं। जिनको लेकर ग्रामीण खासे चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि बीमारी के दौरान पशु चारा खाना बंद कर देता है। शरीर में कंपकंपी होने के कारण खड़े रहने में सक्षम नहीं होता। दवाइयां देने के बावजूद 10-15 घंटे में दम तोड़ देते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन ने जांच व इलाज की गुहार लगाई है ताकि ग्रामीणों का पशुधन सुरक्षित रह सके।
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शिकायत नहीं मिली, निशुल्क मिलेगा इलाज
पशुपालन विभाग के एसडीओ डा. नसीब सिंह ने बताया कि गोठड़ी के पशुओं में बीमारी फैलने तथा मरने संबंधित शिकायत नहीं मिली है। शुक्रवार सुबह टीम को भेजकर जांच करवाई जाएगी। इलाज के दौरान पशुपालकों को निशुल्क दवाइयां दी जाएंगी। उन्होंने बताया कि पशुधन की सुरक्षा को लेकर विभाग अलर्ट है।
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