Kurukshetra: फसल नुकसान से चिंता में डूबे किसान, अधिकारियों के पास शिकायतों का अंबार
भारी बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिले में 62 हजार 200 एकड़ गेहूं व 1607 एकड़ सरसों की फसल में नुकसान की आशंका है। कृषि विभाग ने प्रारंभिक तौर पर आकलन किया है। अधिकारियों के पास शिकायतों का अंबार लगने लगा है।
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लगातार दो व तीन मार्च को हुई तेज बारिश व हवा से फसलों में भारी नुकसान का अनुमान लगाया जाने लगा है। कृषि विभाग द्वारा प्रारंभिक तौर पर किए गए आकलन के मुताबिक ही 62 हजार 200 एकड़ गेहूं व 1607 एक सरसों की फसल प्रभावित हुई है। खराब हुई फसलों को देखकर किसान चिंता में डूबे हुए हैं और अब कृषि विभाग के पास नुकसान की भरपाई के लिए शिकायतों का अंबार लगना शुरू हो गया है।
बारिश रुकने के बाद पहले दिन सोमवार को कृषि विभाग का कार्यालय खुला तो सुबह ही किसान शिकायत लेकर पहुंचने शुरू हो गए। दर्जनों किसान पहुंचे तो अधिकारियों ने उन्हें ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की अपील की। हालांकि आधा दर्जन किसानों ने ऑफ लाइन ही शिकायत दी, जबकि ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराए जाने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
हालांकि फसलों में नुकसान को लेकर किसानों को 72 घंटे तक आवेदन करने होंगे। बता दें कि जिले में इस बार एक लाख सात हजार हेक्टेयर रकबे में गेहूं व आठ हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की हुई है। दो व तीन मार्च को मौसम में बदलाव के चलते जिले में भारी बारिश हुई थी। सबसे ज्यादा बारिश थानेसर खंड में 76 एमएम व बाबैन में 72.4 एमएम दर्ज की गई थी। लाडवा व इस्माईलाबाद में 25-25 एमएम व पिहोवा और शाहाबाद में 32-32 एमएम बारिश दर्ज की गई थी।
बारिश से प्रभावित फसलें
- फीसदी 0 से 25 फीसदी 26-50 फीसदी 51 से 75 फीसदी
- गेहूं 49300 एकड़ 12400 एकड़ 500 एकड़
- सरसों 1315 एकड़ 280 एकड़ 12 एकड़
पूरी फसल ही बिछ गई, अब क्या करें
कृषि विभाग में फरियाद लेकर आए किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दी। कई किसानों ने बताया कि उनके पास चार से पांच एकड़ तक गेहूं की फसल थी और पूरी फसल ही बिछ गई। अब इसके खड़े होने की भी उम्मीद नहीं है। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने ठेके पर लेकर गेहूं की बिजाई की थी, लेकिन अब कुछ नहीं बचा। सरकार को जल्द गिरदावरी करवा मुआवजा देना चाहिए, ताकि कुछ भरपाई हो सके।
अभी प्रांरभिक तौर पर किया आकलन : मेहता
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डॉ. जितेंद्र मेहता का कहना है कि बारिश से फसलें कितनी प्रभावित हुईं है, यह विभाग की ओर से प्रारंभिक तौर पर आकलन किया गया है। अभी किसान शिकायत दर्ज करवा रहे हैं, जिसके बाद सरकार के दिशा-निर्देशानुसार जांच कार्य शुरू किया जाएगा।