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हर पल की खबर थी बदमाशों के पास
ब्यूरो/अमर उजाला कुरुक्षेत्र
Updated Thu, 27 Aug 2015 01:28 AM IST
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शहर के उद्योगपति के बेटे का अपहरण करने वाले बदमाशों ने वारदात के बाद पुलिस के नेटवर्क पर ही नजर नहीं रखी बल्कि उद्यमी के घर पर भी उन्होंने गिद्ध दृष्टि जमाए रखी।
हालात ऐसे थे कि उद्यमी के घर पर आने वाली प्रत्येक गाड़ी तक का नंबर उन बदमाशों तक पहुंच रहा था और वे प्रत्येक व्यक्ति के बारे में उद्यमी से भी पूछ लेते थे।
बदमाशों में न केवल हरियाणा बल्कि साथ लगते राज्य उत्तर प्रदेश के बदमाशों का भी हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, दूसरी ओर एसपी ने भी गैंग में कम से 6-8 बदमाशों के शामिल होने और हरियाणा के साथ-साथ दूसरे राज्यों के बदमाशों के भी शामिल होने की आशंका जताई है।
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यूपी की भाषा बोल रहा था पहला बदमाश
उद्योगपति जयभगवान सिंगला ने बताया कि उनके बेटे का अपहरण करने वाले ने जब उन्हें पहला फोन किया तो वह उत्तर प्रदेश की भाषा में बोल रहा था।
उसने सीधे ही कहा था कि ओ लाला, यो तेरा लौंडा इब म्हारे पास आ गया, इन पैसा दे जा और इसे ले जा। इसके बाद जितने भी फोन आए उसमें बदमाश सीधे सीधे ओ सेठ, सेठ पैसे बटले करले। इतना ही नहीं वह बार्गेनिंग कर रहा था।
मैंने उन्हें कहा कि इतना पैसा नहीं दिया जा सकता। इस पर उसने कहा कि वह जानता है कि चार करोड़ रुपये कोई नहीं दे रहा है। कभी वह दो करोड़ तो कभी चार करोड़ पर ही अड़े रहे। उन्होंने संभावना जताई कि बदमाशों का किंग पिन वही था जो बार-बार सेठ-सेठ बोल रहा था।
यह परंपरा कुरुक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में ही है कि सेठ बोला जाए।
वारदात के बाद भी थी हर पल नजर
गैंग ने हन्नी की किडनैपिंग से पहले जहां पूरी योजनाबद्ध तरीके से रैकी की, वहीं दूसरी ओर वारदात के बाद भी उन्होंने उद्यमी परिवार पर गिद्ध दृष्टि जमाए रखी।
बदमाशों ने पूरी तरह से सारे इलाके को कवर किया हुआ था। घर में जो भी गाड़ी आ रही थी तो फोन करने के दौरान बदमाश उद्यमी को बता देते थे कि तुम्हारे घर इस नंबर की गाड़ी क्यों आई है। सिंगला की बेटी पहुंची तो भी उन्हें पता था।
करनाल में ही छुपा रखा था हन्नी को
हालांकि बदमाशों ने सभी फोन कॉल्स हन्नी के मोबाइल से ही किए, लेकिन इस फोन की लोकेशन हर बार अलग-अलग स्थान से ही हुई।
बदमाशों द्वारा जब भी फोन किए गए, तब तब सभी फोन अलग अलग स्थानों पर लोकेशन आई। लेकिन, अधिकतर लोकेशन करनाल के आसपास की ही आ रही थी। इससे साफ हो गया था कि हन्नी को बदमाशों ने करनाल जिले में ही कहीं कमरे में छुपा कर रखा हुआ था।
मंगलवार रात को वे उसे बाइक पर नमस्ते चौक पर लेकर आए और वहां छोड़कर 150 रुपये किराए के दिए। मकान में बंद रखने के दौरान और बाइक पर लाने के दौरान उन्होंने उसकी आंख पर काली पट्टी बांध कर रखी।
बेटी के जन्मदिन की तैयारी थी परिवार की सिंगला परिवार हन्नी की बेटी के जन्मदिन की तैयारियों में जुटा हुआ था। हनी की बेटी का जन्मदिन 27 अगस्त को है। इसकी तैयारी के दौरान ही बदमाशों ने हन्नी को किडनैप कर लिया। इससे सारा परिवार सकते में आ गया।
लेकिन, एक मां की उम्मीदों और एक वर्ष की बेटी की दुआओं को ईश्वर ने सुन लिया और हन्नी सही सलामत घर वापस आ गया। हन्नी ने बताया कि बदमाशों ने उसे बेहोश कर दिया था, जिससे उसके पूरे चेहरे पर रिएक्शन हो गया है। बदमाश उसका मोबाइल भी ले गए।
शहर के उद्योगपति के बेटे का अपहरण कर चार करोड़ की फिरौती मांगने वाले गिरोह की तह तक पुलिस पहुंच चुकी है। पुलिस प्रशासन द्वारा दबाव बनाने के बाद बदमाशों ने युवक को रिहा कर दिया है। इस गिरोह के सभी सदस्यों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और फिरौती की रकम को भी बरामद किया जाएगा। गिरोह में 5 से 8 सदस्य होने की संभावना हैं और इन सदस्यों के तार हरियाणा के साथ-साथ आसपास के राज्यों से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने इस गिरोह का पता लगा लिया है और आरोपियों की भी पहचान कर ली है।
-सिमरदीप सिंह, एसपी, कुरुक्षेत्र।
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हालात ऐसे थे कि उद्यमी के घर पर आने वाली प्रत्येक गाड़ी तक का नंबर उन बदमाशों तक पहुंच रहा था और वे प्रत्येक व्यक्ति के बारे में उद्यमी से भी पूछ लेते थे।
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बदमाशों में न केवल हरियाणा बल्कि साथ लगते राज्य उत्तर प्रदेश के बदमाशों का भी हाथ होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, दूसरी ओर एसपी ने भी गैंग में कम से 6-8 बदमाशों के शामिल होने और हरियाणा के साथ-साथ दूसरे राज्यों के बदमाशों के भी शामिल होने की आशंका जताई है।
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यूपी की भाषा बोल रहा था पहला बदमाश
उद्योगपति जयभगवान सिंगला ने बताया कि उनके बेटे का अपहरण करने वाले ने जब उन्हें पहला फोन किया तो वह उत्तर प्रदेश की भाषा में बोल रहा था।
उसने सीधे ही कहा था कि ओ लाला, यो तेरा लौंडा इब म्हारे पास आ गया, इन पैसा दे जा और इसे ले जा। इसके बाद जितने भी फोन आए उसमें बदमाश सीधे सीधे ओ सेठ, सेठ पैसे बटले करले। इतना ही नहीं वह बार्गेनिंग कर रहा था।
मैंने उन्हें कहा कि इतना पैसा नहीं दिया जा सकता। इस पर उसने कहा कि वह जानता है कि चार करोड़ रुपये कोई नहीं दे रहा है। कभी वह दो करोड़ तो कभी चार करोड़ पर ही अड़े रहे। उन्होंने संभावना जताई कि बदमाशों का किंग पिन वही था जो बार-बार सेठ-सेठ बोल रहा था।
यह परंपरा कुरुक्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में ही है कि सेठ बोला जाए।
वारदात के बाद भी थी हर पल नजर
गैंग ने हन्नी की किडनैपिंग से पहले जहां पूरी योजनाबद्ध तरीके से रैकी की, वहीं दूसरी ओर वारदात के बाद भी उन्होंने उद्यमी परिवार पर गिद्ध दृष्टि जमाए रखी।
बदमाशों ने पूरी तरह से सारे इलाके को कवर किया हुआ था। घर में जो भी गाड़ी आ रही थी तो फोन करने के दौरान बदमाश उद्यमी को बता देते थे कि तुम्हारे घर इस नंबर की गाड़ी क्यों आई है। सिंगला की बेटी पहुंची तो भी उन्हें पता था।
करनाल में ही छुपा रखा था हन्नी को
हालांकि बदमाशों ने सभी फोन कॉल्स हन्नी के मोबाइल से ही किए, लेकिन इस फोन की लोकेशन हर बार अलग-अलग स्थान से ही हुई।
बदमाशों द्वारा जब भी फोन किए गए, तब तब सभी फोन अलग अलग स्थानों पर लोकेशन आई। लेकिन, अधिकतर लोकेशन करनाल के आसपास की ही आ रही थी। इससे साफ हो गया था कि हन्नी को बदमाशों ने करनाल जिले में ही कहीं कमरे में छुपा कर रखा हुआ था।
मंगलवार रात को वे उसे बाइक पर नमस्ते चौक पर लेकर आए और वहां छोड़कर 150 रुपये किराए के दिए। मकान में बंद रखने के दौरान और बाइक पर लाने के दौरान उन्होंने उसकी आंख पर काली पट्टी बांध कर रखी।
बेटी के जन्मदिन की तैयारी थी परिवार की सिंगला परिवार हन्नी की बेटी के जन्मदिन की तैयारियों में जुटा हुआ था। हनी की बेटी का जन्मदिन 27 अगस्त को है। इसकी तैयारी के दौरान ही बदमाशों ने हन्नी को किडनैप कर लिया। इससे सारा परिवार सकते में आ गया।
लेकिन, एक मां की उम्मीदों और एक वर्ष की बेटी की दुआओं को ईश्वर ने सुन लिया और हन्नी सही सलामत घर वापस आ गया। हन्नी ने बताया कि बदमाशों ने उसे बेहोश कर दिया था, जिससे उसके पूरे चेहरे पर रिएक्शन हो गया है। बदमाश उसका मोबाइल भी ले गए।
शहर के उद्योगपति के बेटे का अपहरण कर चार करोड़ की फिरौती मांगने वाले गिरोह की तह तक पुलिस पहुंच चुकी है। पुलिस प्रशासन द्वारा दबाव बनाने के बाद बदमाशों ने युवक को रिहा कर दिया है। इस गिरोह के सभी सदस्यों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और फिरौती की रकम को भी बरामद किया जाएगा। गिरोह में 5 से 8 सदस्य होने की संभावना हैं और इन सदस्यों के तार हरियाणा के साथ-साथ आसपास के राज्यों से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने इस गिरोह का पता लगा लिया है और आरोपियों की भी पहचान कर ली है।
-सिमरदीप सिंह, एसपी, कुरुक्षेत्र।