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21वीं सदी में देश को विश्वसुरैया जैसे इंजीनियर की जरूरत: प्रो. राणा
Updated Sat, 16 Sep 2017 01:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यंत्रीकरण विभाग एवं विज्ञान भारती हरियाणा प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में इंजीनियर दिवस मनाया गया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश राणा ने कहा कि आज दुनिया में हर क्षेत्र में इंजीनियर की भारी मांग है। देश व दुनिया के विकास में इंजीनियर का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वसुरैया का जन्म दिवस देश में इंजीनियरिंग दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे भारत के महान इंजीनियर थे। इसी के फलस्वरूप 1955 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। मंच का संचालन व धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. रश्मि पुंडीर ने किया। इस मौके पर विभाग के प्राध्यापक प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. बीएम मूर्ति, विज्ञान भारती के सचिव डॉ. जीपी दुबे, डॉ. गगनदीप सिंह गिल, डॉ. अवनीश वर्मा, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. जयपाल मौजूद थे।
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कुरुक्षेत्र।
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यंत्रीकरण विभाग एवं विज्ञान भारती हरियाणा प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में इंजीनियर दिवस मनाया गया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश राणा ने कहा कि आज दुनिया में हर क्षेत्र में इंजीनियर की भारी मांग है। देश व दुनिया के विकास में इंजीनियर का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि भारत रत्न मोक्षगुंडम विश्वसुरैया का जन्म दिवस देश में इंजीनियरिंग दिवस के रूप में मनाया जाता है। वे भारत के महान इंजीनियर थे। इसी के फलस्वरूप 1955 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। मंच का संचालन व धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. रश्मि पुंडीर ने किया। इस मौके पर विभाग के प्राध्यापक प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. बीएम मूर्ति, विज्ञान भारती के सचिव डॉ. जीपी दुबे, डॉ. गगनदीप सिंह गिल, डॉ. अवनीश वर्मा, डॉ. सुरेंद्र, डॉ. जयपाल मौजूद थे।