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सरस्वती तट पर भारतीय शिल्पकला के हुए दर्शन
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फोटो 23 से 26
-सरस्वती तट पर भारतीय शिल्पकला के हुए दर्शन
-अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव की बनी एक पहचान
-पिहोवा सरस्वती तीर्थ को देखकर गदगद हुए शिल्पकार
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। तीर्थ नगरी के विश्व प्रसिद्घ सरस्वती नदी के तट पर भारतीय शिल्पकला के दर्शन किए जा सकते है। यह शिल्पकला अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में सहजता से देखी जा रही है, इस शिल्पकला को पिहोवा और आसपास के पर्यटक और श्रृद्घालु निहार रहे है। इन पर्यटकों और श्रृद्घालुओं को देश के विभिन्न राज्यों की शिल्पकला को देखने का एक सुनहरी अवसर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा मुहैया करवाया गया है। उपमंडल अधिकारी नागरिक निर्मल नागर का कहना है कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड व उपमंडल प्रशासन की तरफ से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बंसत पंचमी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 10 फरवरी तक चलेगा। इस महोत्सव में देश के विभिन्न कोनों से 75 शिल्पकार अपनी शिल्पकला को लेकर यहां पहुंचे है। उन्होंने कहा कि इस शिल्पकला में सहारनपुर से लकड़ी का सामान, सोनीपत से महिलाओं द्वारा घर की सजावट के लिए हाथ से बना समान, गुजरात से मिट्टी के बर्तन सहित विभिन्न राज्यों से शिल्पकार अपनी शिल्पकला से सबको मोहित कर रहे है, इस शिल्पकला के साथ-साथ विभिन्न जगहों से लोक कलाकार पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे है। इस प्रकार सरस्वती के पावन तट पर शिल्पकला और संस्कृति के विभिन्न रंगों को देखा जा रहा है।
बाक्स
महोत्सव में खास
-----------------------
-महोत्स्व में देश की प्राचीन सरस्वती नदी के इतिहास की प्रदर्शनी के कर सकते है दर्शन
-हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा लगाई गई है पिहोवा में प्रदर्शनी
-अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में 10 फरवरी तक लोग जान सकते है सरस्वती नदी का इतिहास
-महोत्सव में शिल्प मेला भी लगाया गया है
-सरस्वती तट पर भारतीय शिल्पकला के हुए दर्शन
-अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव की बनी एक पहचान
-पिहोवा सरस्वती तीर्थ को देखकर गदगद हुए शिल्पकार
अमर उजाला ब्यूरो
पिहोवा। तीर्थ नगरी के विश्व प्रसिद्घ सरस्वती नदी के तट पर भारतीय शिल्पकला के दर्शन किए जा सकते है। यह शिल्पकला अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में सहजता से देखी जा रही है, इस शिल्पकला को पिहोवा और आसपास के पर्यटक और श्रृद्घालु निहार रहे है। इन पर्यटकों और श्रृद्घालुओं को देश के विभिन्न राज्यों की शिल्पकला को देखने का एक सुनहरी अवसर हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा मुहैया करवाया गया है। उपमंडल अधिकारी नागरिक निर्मल नागर का कहना है कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड व उपमंडल प्रशासन की तरफ से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बंसत पंचमी को लेकर अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 10 फरवरी तक चलेगा। इस महोत्सव में देश के विभिन्न कोनों से 75 शिल्पकार अपनी शिल्पकला को लेकर यहां पहुंचे है। उन्होंने कहा कि इस शिल्पकला में सहारनपुर से लकड़ी का सामान, सोनीपत से महिलाओं द्वारा घर की सजावट के लिए हाथ से बना समान, गुजरात से मिट्टी के बर्तन सहित विभिन्न राज्यों से शिल्पकार अपनी शिल्पकला से सबको मोहित कर रहे है, इस शिल्पकला के साथ-साथ विभिन्न जगहों से लोक कलाकार पर्यटकों का मनोरंजन कर रहे है। इस प्रकार सरस्वती के पावन तट पर शिल्पकला और संस्कृति के विभिन्न रंगों को देखा जा रहा है।
बाक्स
महोत्सव में खास
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-महोत्स्व में देश की प्राचीन सरस्वती नदी के इतिहास की प्रदर्शनी के कर सकते है दर्शन
-हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा लगाई गई है पिहोवा में प्रदर्शनी
-अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में 10 फरवरी तक लोग जान सकते है सरस्वती नदी का इतिहास
-महोत्सव में शिल्प मेला भी लगाया गया है