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Karnal News: बिना सबूत और गवाह निगम ने जारी किए 61 विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:56 AM IST
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The corporation issued 61 marriage registration certificates without proof and witnesses.
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नगर निगम में बिना गवाह और सबूत के विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र बनाए जा रहे हैं। ये सिलसिला करीब तीन माह से जारी था यानी जब आयुक्त अवकाश पर थीं तो निगम कर्मियों ने बिना दस्तावेज और अधूरी प्रक्रिया के ये प्रमाणपत्र जारी कर दिए। ये मामला तब सामने आया जब एक शिकायतकर्ता सोमवार को मेयर कार्यालय में शिकायत लेकर पहुंचा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके बेटे के विवाह के करीब 15 दिन बाद ही उसका तलाक हो गया और निगम ने उनका विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिया। उन्होंने केवल इसके लिए सीएससी सेंटर से आवेदन तो किया था लेकिन निगम ने बिना सत्यापन, दस्तावेज और गवाहों के ही इसे जारी कर दिया।
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने जब अधिकारियों से इस पर जवाब तलब किया तो उन्होंने बताया कि ये प्रमाणपत्र पोर्टल से ऑटोमेटिक जारी हो गए हैं। इनमें किसी भी कर्मचारी की कोई भूमिका नहीं है। इस पर मेयर ने ऐसे जारी प्रमाणपत्रों के बारे में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि छह माह में ऐसे करीब 61 प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। मेयर ने सभी प्रमाणपत्रों की जांच करने के बाद रिपोर्ट देने की बात कही। वहीं शिकायतकर्ता को आश्वासन देकर लौटा दिया गया।
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कोर्ट की ओर से किया जाता है रद्द
सेक्टर-32 निवासी एक दंपती मेयर कार्यालय में सोमवार को शिकायत लेकर पहुंचा। उन्होंने मेयर को बताया कि उनके बेटे सचिन की शादी लाइनपार एरिया की एक लड़की से करीब एक साल पहले हुई थी। उन्होंने विवाह प्रमाणपत्र के लिए निगम में आवेदन किया लेकिन निगम की ओर से कोई सत्यापन नहीं किया गया। इसके बाद दोनों का सहमति से शादी के 15 दिन बाद पंचायती तौर पर तलाक हो गया और निगम की ओर से उनका पंंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करवा दिया गया। दोनों ने कोर्ट से तलाक लेने के बजाय पंचायती तौर पर तलाक लिया था। अब जो विवाह पंजीकरण जारी हुआ है निगम उसे रद्द नहीं कर पा रहा है। चूंकि इसे कोर्ट की ओर से ही रद्द किया जा सकता है।
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ये दस्तावेज जरूरी-

नगर निगम से विवाह प्रमाणपत्र जारी करवाने के लिए लड़के और लड़की दोनों का आधार कार्ड, दोनों की 10वीं की डीएमसी या फिर जन्म प्रमाणपत्र, दोनों की फैमिली आईडी/परिवार पहचान पत्र, दोनों की साइड से माता9पिता का आधार कार्ड, एक गवाह लड़के की तरफ से और दूसरा लड़की पक्ष की ओर से होना चाहिए। गवाह केवल खून के रिश्ते के मान्य होंगे। इसके अलावा उस पंडित का लेटर पैड जिसने शादी कराई है। जहां शादी हुई थी वहां के पैलेस का लेटर पैड। शादी का कार्ड दोनों तरफ से। छह बड़ी फोटो, जिसमें माता और पिता के पैर छूते हुए, मांग भरते हुए, वरमाला डालते हुए, फेरे लेते हुए और एक-दो फोटो एल्बम में से। दोनों की छह कपल फोटो (राशन कार्ड साइज) और दोनों का एक-एक फोटो पासपोर्ट साइज सभी की जो भी साइन करने आएंगे चाहिए।


वर्जन

ये मामला आज ही सामने आया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि निगम की ओर से बिना वेरिफिकेशन के विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। जब पड़ताल की तो ऐसे करीब 61 प्रमाणपत्र और जारी करने की बात सामने आई। इस बारे में अधिकारियों को जांच करने के आदेश जारी किए गए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - रेणु बाला गुप्ता, मेयर
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