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पिंक शौचालय : कहीं मशीन खराब तो कहीं पैड नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:37 AM IST
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Pink Toilets: Machines Out of Order in Some Places, No Pads in Others
करनाल। शहर में महिलाओं के लिए बनाए गए तीनों पिंक शौचालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनों की सुविधा ठप मिली। कहीं मशीन खराब है तो कहीं मशीन में पैड ही उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में बाजारों में खरीदारी या अन्य काम के लिए आने वाली हजारों महिलाओं को अचानक जरूरत पड़ने पर सैनिटरी पैड के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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महिलाओं का कहना है कि पिंक शौचालयों का उद्देश्य ही महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल देना है, इसलिए यहां इमरजेंसी में पैड उपलब्ध होना जरूरी है। शहर के रेलवे रोड, नेहरू पैलेस और आईटीआई क्षेत्र में बनाए गए पिंक शौचालयों की पड़ताल में सैनिटरी पैड की सुविधा प्रभावी रूप से उपलब्ध नहीं मिली।
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रेलवे रोड स्थित पिंक शौचालय में वेंडिंग मशीन लगी हुई है, लेकिन उसमें पैड उपलब्ध नहीं हैं। नेहरू पैलेस स्थित शीरूम में वेंडिंग और डिस्पोज मशीन तो हैं, लेकिन दोनों सक्रिय नहीं मिलीं। वहीं आईटीआई स्थित शीरूम में वेंडिंग मशीन में पैड उपलब्ध नहीं हैं और डिस्पोज मशीन भी नहीं है। इसमें महिलाओं के बैठने की पर्याप्त सुविधा भी नहीं है।
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-जरूरत के समय सुविधाएं नहीं मिलती
शिव कॉलोनी से आई सुरुचि ने बताया कि पहले तो पता नहीं चलता है कि पिंक शौचालय बना कहां है। पिंक शौचालय में अचानक जरूरत पड़ने पर पैड मिलना चाहिए। मशीन होने के बावजूद सुविधा ही नहीं हैं। कई बार बहुत इमरजेंसी होती है। प्रशासन से मांग है कि मशीनों को ठीक करवाया जाए।

पिंक शौचालय में नाम के लिए मशीन

छात्रा रोमी ने बताया कि रेलवे रोड पर बने पिंक शौचालय में बैठने व साफ सफाई की व्यवस्था तो हैं लेकिन कमी केवल सैनिटरी वेंडिंग मशीन की है। उन्होंने बताया कि पिछले काफी साल से यह मशीन केवल नाम के लिए ही लगी है इनमें पैड की कोई सुविधा ही नहीं है।

शीरूम में बैठने की व्यवस्था भी हो
आईटीआई पर यात्री महिला ने बताया कि महिलाओं के लिए शीरूम में बैठने की जगह भी होनी चाहिए। छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं को कई बार बच्चे को दूध पिलाने के लिए कुछ देर बैठना पड़ता है। इसके लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान होना जरूरी है।
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