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Karnal News: दो और राइस मिलों में हेराफेरी की आशंका
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) का कार्य करने वाले राइस मिलों में स्थलीय सत्यापन (फिजिकल वेरीफिकेशन) कराए जाने के दौरान बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। हैफेड के जिला प्रबंधक के सत्यापन में दो राइस मिलों में करीब छह करोड़ रुपये के चावल की हेराफेरी के बाद अब जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) को भी दो अन्य राइस मिलों में गड़बड़ी मिली है। इसमें भी एक हैफेड का है, जिसमें डीएम हैफेड व राइस मिल संचालक से जवाब मांगा गया है।
हैफेड ने घरौंडा के बजाज राइस मिल घरौंडा व रामा राइस मिल करनाल में सीएमआर के लिए दिन गए धान के सत्यापन में गड़बड़ी मिली थी। बताया गया कि धान के स्टॉक के स्थान पर खाली बोरियों में भूसा भरकर रख दिया गया है। इस मामले में हैफेड के तत्कालीन जिला प्रबंधक ने बताया कि उनका तबादला 27 जुलाई को हो गया था, इसके बाद 21 अगस्त तक चार बार वेरीफिकेशन कराया गया तो समय स्टाक पूरा था। अब वहां हेराफेरी मिली है।
हालांकि बजाज राइस मिल संचालक का कहना है कि उनके मिल में अभी स्टाक मौजूद है। इधर, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अनिल कुमार ने जब घरौंडा के शिवओम राइस मिल, जिसे हैफेड ने धान दिया है का फिजिकल वेरीफिकेशन कराया तो वहां 1200 क्विंटल और श्रीराम राइस मिल इंद्री में 700 क्विंटल चावल कम पाया गया है। इस मामले में डीएफएससी ने हैफेड के जिला प्रबंधक और राइस मिल संचालक दोनों से ही स्पष्टीकरण मांगा है।
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डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि बताया कि जिले में कुल 230 राइस मिलों को सीएमआर के लिए धान दिया गया है। अब प्रदेशस्तरीय टीमों ने इन सभी का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए हरियाणा सरकार की ओर से विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सहभागिता वाली टीमें गठित कर दी गई हैं। सभी राइस मिलों का सत्यापन करने के बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेगी।
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करनाल। जिले में कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) का कार्य करने वाले राइस मिलों में स्थलीय सत्यापन (फिजिकल वेरीफिकेशन) कराए जाने के दौरान बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। हैफेड के जिला प्रबंधक के सत्यापन में दो राइस मिलों में करीब छह करोड़ रुपये के चावल की हेराफेरी के बाद अब जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) को भी दो अन्य राइस मिलों में गड़बड़ी मिली है। इसमें भी एक हैफेड का है, जिसमें डीएम हैफेड व राइस मिल संचालक से जवाब मांगा गया है।
हैफेड ने घरौंडा के बजाज राइस मिल घरौंडा व रामा राइस मिल करनाल में सीएमआर के लिए दिन गए धान के सत्यापन में गड़बड़ी मिली थी। बताया गया कि धान के स्टॉक के स्थान पर खाली बोरियों में भूसा भरकर रख दिया गया है। इस मामले में हैफेड के तत्कालीन जिला प्रबंधक ने बताया कि उनका तबादला 27 जुलाई को हो गया था, इसके बाद 21 अगस्त तक चार बार वेरीफिकेशन कराया गया तो समय स्टाक पूरा था। अब वहां हेराफेरी मिली है।
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हालांकि बजाज राइस मिल संचालक का कहना है कि उनके मिल में अभी स्टाक मौजूद है। इधर, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक अनिल कुमार ने जब घरौंडा के शिवओम राइस मिल, जिसे हैफेड ने धान दिया है का फिजिकल वेरीफिकेशन कराया तो वहां 1200 क्विंटल और श्रीराम राइस मिल इंद्री में 700 क्विंटल चावल कम पाया गया है। इस मामले में डीएफएससी ने हैफेड के जिला प्रबंधक और राइस मिल संचालक दोनों से ही स्पष्टीकरण मांगा है।
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डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि बताया कि जिले में कुल 230 राइस मिलों को सीएमआर के लिए धान दिया गया है। अब प्रदेशस्तरीय टीमों ने इन सभी का स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए हरियाणा सरकार की ओर से विभिन्न विभागों के अधिकारियों की सहभागिता वाली टीमें गठित कर दी गई हैं। सभी राइस मिलों का सत्यापन करने के बाद ही सही स्थिति सामने आ सकेगी।