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Karnal News: साहब! केंद्रीय मंत्री और सीएम के निर्देश पर भी नहीं हुई गांव की पानी निकासी
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करनाल। मंत्री जी! केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर भी गांव में पानी निकासी की समस्या का समाधान नहीं हुआ। पंचायती राज विभाग के अधिकारी काम करने आते हैं। मुहूर्त के नाम पर दो लड्डू जगह पर रखकर काम भी शुरू कर देते हैं, फिर काम बंद हो जाता है। गांव चौचड़ा के रामफल की इस शिकायत पर पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा का पारा चढ़ गया। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तलब किया और एक माह में काम निपटाने के सख्त निर्देश दिए।
विकास सदन में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामले की सुनवाई करते हुए जब मंत्री ने पंचायती राज के एक्सईएन से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि वन विभाग ने काम में पर्यावरण एक्ट का हवाला देते हुए अड़चन पैदा की है। एनओसी की मांग की गई है। इसलिए काम रोक दिया। इसके बाद जब वन विभाग के रेंज अफसर को मौके पर बुलाया तो उन्होंने कहा कि जिस जगह पर पाइपलाइन डाली जानी है, यह सुरक्षित वन के लिए आरक्षित है। इसके लिए केंद्र सरकार से एनओसी की जरूरत है।
इस बीच उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि चार माह पहले कागज पूरे के लिए दोनों विभागों के अधिकारियों से कहा था। अभी तक काम क्यों नहीं हुआ, इस पर उन्होंने वन विभाग के अधिकारी को मंत्री ने फटकार लगाई। महीनों से कागज अटकाने का मतलब समझते हो? इस पर समिति के गैर सरकारी सदस्यों ने भी वन विभाग के अधिकारियों पर जानबूझकर काम अटकाने के आरोप लगाए।
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एक्सईएन हो तो भी जानकारी नहीं, सामान्य नियम तो मुझे भी पता : मंत्री
शास्त्री नगर के बलदेव व अन्यों की कॉलोनी में बिजली के खंभों न लगने की शिकायत पर मंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों को तलब किया। तो बिजली निगम के एक्सईएन स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि घर से 150 मीटर की दूरी पर उपभोक्ता को कनेक्शन लेने पर अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह नियम खेत और डेरों के लिए है, शहर की कॉलोनियों पर यह नियम कब से लागू हुआ। एक्सईएन होकर गलत जानकारी देते हो। इतना तो नियमों का ज्ञान मुझे भी है। इस पर एसई ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि जेई की गलती के कारण एक साल से यह काम अधर में था। जेई को चार्जशीट कर दिया गया है। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि जनाब इन्हें सख्त हिदायत दो, वरना हमारे जैसों के तो ये अधिकारी जूते घिसवा देते हैं।
जनाब, रात में बेचते हैं डीएपी के कट्टे..
गांव खोरा खेड़ी निवासी श्रीराम ने डीएपी खाद के साथ एक कट्टा बीज और एक थैली सल्फर देने की शिकायत की। संदीप राणा ट्रेडिंग कंपनी घरौंडा पर आरोप भी लगाया कि दिन में डीएपी किसी को नहीं देते, बल्कि रात में चहेतों को आपूर्ति देते हैं। ऐसे लोगों को डीएपी दिया, जो किसान भी नहीं हैं। इस पर कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि खाद विक्रेता का बायो पोटाश का सैंपल भी फेल आया था और उसका लाइसेंस भी निलंबित किया था। मामले में कृषि विभाग के कार्यवाही से संतुष्ट नहीं होने पर प्रार्थी ने पुन: जांच की मांग की। तो मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि पुन: जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। दुकान पर स्टॉक बोर्ड होना जरूरी है। यदि लापरवाही मिलती तो संबंधित के खिलाफ केस भी दर्ज कराएं।
काम मैंने किया, भुगतान किसी दूसरे को हुआ...
पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार हरीश कुमार ने शिकायत दी कि उन्होंने घरौंडा बस अड्डे पर इलेक्ट्रिकल का तीन साल पहले काम किया था। लेकिन तत्कालीन एक्सईएन राजकुमार नैन ने 2.76 लाख रुपये की राशि का भुगतान किसी अन्य को कर दिया। तीन साल से कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं। इस पर मौके पर बुलाए एक्सईएन ऋषि सचदेवा ने कहा कि विभाग की ओर से फंड जारी हो गया है, दो दिन में राशि संबंधित के खाते में चली जाएगी।
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विकास सदन में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामले की सुनवाई करते हुए जब मंत्री ने पंचायती राज के एक्सईएन से जवाब मांगा तो उन्होंने कहा कि वन विभाग ने काम में पर्यावरण एक्ट का हवाला देते हुए अड़चन पैदा की है। एनओसी की मांग की गई है। इसलिए काम रोक दिया। इसके बाद जब वन विभाग के रेंज अफसर को मौके पर बुलाया तो उन्होंने कहा कि जिस जगह पर पाइपलाइन डाली जानी है, यह सुरक्षित वन के लिए आरक्षित है। इसके लिए केंद्र सरकार से एनओसी की जरूरत है।
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इस बीच उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि चार माह पहले कागज पूरे के लिए दोनों विभागों के अधिकारियों से कहा था। अभी तक काम क्यों नहीं हुआ, इस पर उन्होंने वन विभाग के अधिकारी को मंत्री ने फटकार लगाई। महीनों से कागज अटकाने का मतलब समझते हो? इस पर समिति के गैर सरकारी सदस्यों ने भी वन विभाग के अधिकारियों पर जानबूझकर काम अटकाने के आरोप लगाए।
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एक्सईएन हो तो भी जानकारी नहीं, सामान्य नियम तो मुझे भी पता : मंत्री
शास्त्री नगर के बलदेव व अन्यों की कॉलोनी में बिजली के खंभों न लगने की शिकायत पर मंत्री ने बिजली निगम के अधिकारियों को तलब किया। तो बिजली निगम के एक्सईएन स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि घर से 150 मीटर की दूरी पर उपभोक्ता को कनेक्शन लेने पर अतिरिक्त चार्ज देना पड़ता है। इस पर मंत्री ने कहा कि यह नियम खेत और डेरों के लिए है, शहर की कॉलोनियों पर यह नियम कब से लागू हुआ। एक्सईएन होकर गलत जानकारी देते हो। इतना तो नियमों का ज्ञान मुझे भी है। इस पर एसई ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि जेई की गलती के कारण एक साल से यह काम अधर में था। जेई को चार्जशीट कर दिया गया है। इस पर शिकायतकर्ता ने कहा कि जनाब इन्हें सख्त हिदायत दो, वरना हमारे जैसों के तो ये अधिकारी जूते घिसवा देते हैं।
जनाब, रात में बेचते हैं डीएपी के कट्टे..
गांव खोरा खेड़ी निवासी श्रीराम ने डीएपी खाद के साथ एक कट्टा बीज और एक थैली सल्फर देने की शिकायत की। संदीप राणा ट्रेडिंग कंपनी घरौंडा पर आरोप भी लगाया कि दिन में डीएपी किसी को नहीं देते, बल्कि रात में चहेतों को आपूर्ति देते हैं। ऐसे लोगों को डीएपी दिया, जो किसान भी नहीं हैं। इस पर कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि खाद विक्रेता का बायो पोटाश का सैंपल भी फेल आया था और उसका लाइसेंस भी निलंबित किया था। मामले में कृषि विभाग के कार्यवाही से संतुष्ट नहीं होने पर प्रार्थी ने पुन: जांच की मांग की। तो मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए कि पुन: जांच करें और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करें। दुकान पर स्टॉक बोर्ड होना जरूरी है। यदि लापरवाही मिलती तो संबंधित के खिलाफ केस भी दर्ज कराएं।
काम मैंने किया, भुगतान किसी दूसरे को हुआ...
पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार हरीश कुमार ने शिकायत दी कि उन्होंने घरौंडा बस अड्डे पर इलेक्ट्रिकल का तीन साल पहले काम किया था। लेकिन तत्कालीन एक्सईएन राजकुमार नैन ने 2.76 लाख रुपये की राशि का भुगतान किसी अन्य को कर दिया। तीन साल से कार्यालय के चक्कर काट रहा हूं। इस पर मौके पर बुलाए एक्सईएन ऋषि सचदेवा ने कहा कि विभाग की ओर से फंड जारी हो गया है, दो दिन में राशि संबंधित के खाते में चली जाएगी।