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करनाल से सीख लेते तो चार प्रतिशत अधिक लोगों को लगती वैक्सीन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 02:36 AM IST
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Learning from Karnal 4 percent more people could have been vaccinated
राज्य में एक ओर जहां वैक्सीन का कमी बनी हुई है, वहीं इसकी बर्बादी भी हो रही है। हरियाणा में ही औसतन छह प्रतिशत से अधिक वैक्सीन की डोज बर्बाद हो चुकी है। इसका मतलब है कि जिस वैक्सीन में हम सौ लोगों का टीकाकरण कर रहे हैं, उसमें कम से कम एक सौ छह लोगों का वैक्सीनेशन किया जा सकता था। स्वास्थ्य विभाग करनाल से भी सीख ले सकता है। जहां औसत से कम यानी दो प्रतिशत ही वैक्सीन बर्बाद हुई है। ऐेसे में चार प्रतिशत अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई जा सकती है, हालांकि केंद्र की ओर से अधिकतम एक प्रतिशत से अधिक वैक्सीन बर्बाद नहीं करने की हिदायत दी गई है।
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केंद्र की ओर से राज्यों को आवंटित की गई वैक्सीन में यह विशेष रूप से कहा गया है कि एक प्रतिशत से अधिक की बर्बादी नहीं होनी चाहिए। इसके विपरीत हरियाणा के कई जिलों में बारह प्रतिशत तक वैक्सीन बर्बाद हुई है, जो चिंता का विषय है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैक्सीन की बर्बादी के लिए जो कारण बताए जा रहे हैं, उनमें शीशी का टूटना, शीशी का खुला रह जाना, दोषपूर्ण सीरिंज और ऐन मौके पर लोगों की ओर से टीका लगवाने से इंकार कर देना शामिल है। दरअसल, वैक्सीन को खोलने के बाद चार घंटे में उपयोग करना जरूरी होता है, जिसके बाद यह कारगर नहीं मानी जाती। इस कारण इसे फेंक देना मजबूरी हो जाती है। लेकिन इन कारणों के बावजूद कुछ जिलों ने बेहतर प्रबंधन से वैक्सीन की कम बर्बादी की है और अधिक से अधिक लोगों का टीकाकरण किया है।
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इसमें करनाल भी शामिल है, जहां दो प्रतिशत के करीब ही वैक्सीन बर्बाद हुई है। अगर विभाग और सरकार करनाल जिले से भी सीख ले तो लाखों जरूरतमंदों का टीकाकरण किया जा सकता था, जो महीनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और रजिस्ट्रेशन तथा टीकाकरण के लिए केंद्रों पर चक्कर काट रहे हैं।
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करनाल के मुख्य चिकित्साधिकारी डाक्टर योगेश शर्मा का कहना है कि वैक्सीन की बर्बादी को रोकने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं। अन्य जिलों की अपेक्षा करनाल में वैक्सीन की बर्बादी कम हुई है। यह करीब दो प्रतिशत है। इसमें और सुधार का प्रयास किया जा रहा है। अब तक जिले में करीब तीन लाख 37 हजार लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।

वैक्सीन के लिए करना होगा इंतजार
सूत्रों के अनुसार देश में चल रहे टीकाकरण की कमी से अभी राज्य और जिलों को टीके के लिए कम से कम एक माह का इंतजार करना होगा, यानी जून के बाद ही वैक्सीन की आपूर्ति सुचारु हो सकेगी। हालांकि इससे पहले जिलों की ओर से राज्य सरकार को और राज्य की ओर से केंद्र सरकार को वैक्सीन के लिए डिमांड भेजी गई है।
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