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Karnal News: एचएसजीपीसी ने संभाली श्री मंजी साहिब और श्री शीशगंज साहिब गुरुद्वारों की सेवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल/तरावड़ी। एचएसजीपीसी ने करनाल शहर के गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब और तरावड़ी स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री शीशगंज साहिब की सेवा को संभाल लिया है। बुधवार सुबह गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में एचएसजीपीसी के प्रधान महंत कर्मजीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध, जूनियर उप प्रधान बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, महासचिव गुरविंदर सिंह धमीजा, कार्यकारिणी समिति सदस्य रमणीक सिंह मान, बीबी रविंदर कौर अजराना, जसवंत सिंह दुनियामाजरा, कवलजीत सिंह अजराना व तजिंदर सिंह मक्कड़ संत बाबा सुक्खा सिंह के पास पहुंचे और पैदल गुरुद्वारा मंजी साहिब में गए।
यहां उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका और अरदास करने के बाद सेवा संभाली। एचएसजीपीसी के प्रधान महंत कर्मजीत सिंह व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने बताया कि हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल का मुद्दा काफी पुराना है और कमेटी ने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। काफी समय तक इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में केस भी चलता रहा। आखिरकार 20 सितंबर 2022 को देश के सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा की सिख संगत को उसका अधिकार देते हुए एचएसजीपीसी को मान्यता देते हुए सेवा संभाल के लिए हरी झंडी दी थी। अब संस्था ने प्रांत के गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल ली है।
मौके पर सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल मौजूद रहा। कमेटी अध्यक्ष व सदस्यों ने पहले माथा टेका और अरदास की। इसके बाद गुरुद्वारा संभाल के लिए चाबियां मांग ली। सेवादारों ने चाबियां कमेटी को सौंप दी। सभी शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। कमेटी ने सोकड़ा के भूपेंद्र सिंह लाड़ी और मूनक के गुलाब सिंह को सेवा संभाल के लिए आदेश दिया। कमेटी ने उन्हें सिरोपा भेंट उनका सम्मान किया। अध्यक्ष महंत कर्मजीत सिंह ने कहा कि सरकार के सहयोग से हरियाणा के सभी गुरद्वारों की संभाल कर रही है। भूपेंद्र सिंह लाडी ने कहा कि 22 साल के संघर्ष के बाद सेवा संभालने का अवसर मिला है। मौके पर नलदेव सिंह विर्क, गरदेव सिंह, लखविंद्र सिंह, अमन तरावड़ी, नलराज सिंह अमरजीत या वीरेंद्र नीलोखेड़ी, अमन तरावड़ी, राम, गुरविंद्र सिंह तरावड़ी, रूपिंद्र सिंह रमाना और गुरप्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की सुविधाएं रहेंगी जारी
महंत कर्मजीत सिंह ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उन्हें पहले से दी जा रही सुविधाएं निरंतर जारी रहेंगी। संस्था की ओर से कर्मचारियों के हित में और भी कारगर कदम उठाए जाएंगे। करनाल के अलावा हरियाणा गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बुधवार को ही तरावड़ी स्थित श्री शीशगंज गुरुद्वारा साहिब की सेवा भी संभाल ली। अब तक यह सेवा संभाल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (अमृतसर) द्वारा की जा रही थी। सुबह आठ बजे बुधवार को एचजीपीसी के अध्यक्ष कर्मजीत सिंह, महासचिव गुरविंद्र सिंह धमीजा, कार्यकारिणी सदस्य मोहन जोत सिंह, मलकीत सिंह गोराया, दीदार सिंह नलवी, गरजिंद्र सिंह आदि के साथ तरावड़ी स्थित नौवीं पातशाही श्री शीशगंज गुरुद्वारा साहिब पहुंचे।
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करनाल/तरावड़ी। एचएसजीपीसी ने करनाल शहर के गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब और तरावड़ी स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री शीशगंज साहिब की सेवा को संभाल लिया है। बुधवार सुबह गुरुद्वारा डेरा कार सेवा में एचएसजीपीसी के प्रधान महंत कर्मजीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध, जूनियर उप प्रधान बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला, महासचिव गुरविंदर सिंह धमीजा, कार्यकारिणी समिति सदस्य रमणीक सिंह मान, बीबी रविंदर कौर अजराना, जसवंत सिंह दुनियामाजरा, कवलजीत सिंह अजराना व तजिंदर सिंह मक्कड़ संत बाबा सुक्खा सिंह के पास पहुंचे और पैदल गुरुद्वारा मंजी साहिब में गए।
यहां उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेका और अरदास करने के बाद सेवा संभाली। एचएसजीपीसी के प्रधान महंत कर्मजीत सिंह व वरिष्ठ उपाध्यक्ष जत्थेदार भूपिंदर सिंह असंध ने बताया कि हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल का मुद्दा काफी पुराना है और कमेटी ने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी है। काफी समय तक इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में केस भी चलता रहा। आखिरकार 20 सितंबर 2022 को देश के सर्वोच्च न्यायालय ने हरियाणा की सिख संगत को उसका अधिकार देते हुए एचएसजीपीसी को मान्यता देते हुए सेवा संभाल के लिए हरी झंडी दी थी। अब संस्था ने प्रांत के गुरुद्वारा साहिबान की सेवा संभाल ली है।
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मौके पर सुरक्षा को देखते हुए भारी पुलिस बल मौजूद रहा। कमेटी अध्यक्ष व सदस्यों ने पहले माथा टेका और अरदास की। इसके बाद गुरुद्वारा संभाल के लिए चाबियां मांग ली। सेवादारों ने चाबियां कमेटी को सौंप दी। सभी शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। कमेटी ने सोकड़ा के भूपेंद्र सिंह लाड़ी और मूनक के गुलाब सिंह को सेवा संभाल के लिए आदेश दिया। कमेटी ने उन्हें सिरोपा भेंट उनका सम्मान किया। अध्यक्ष महंत कर्मजीत सिंह ने कहा कि सरकार के सहयोग से हरियाणा के सभी गुरद्वारों की संभाल कर रही है। भूपेंद्र सिंह लाडी ने कहा कि 22 साल के संघर्ष के बाद सेवा संभालने का अवसर मिला है। मौके पर नलदेव सिंह विर्क, गरदेव सिंह, लखविंद्र सिंह, अमन तरावड़ी, नलराज सिंह अमरजीत या वीरेंद्र नीलोखेड़ी, अमन तरावड़ी, राम, गुरविंद्र सिंह तरावड़ी, रूपिंद्र सिंह रमाना और गुरप्रताप सिंह आदि मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की सुविधाएं रहेंगी जारी
महंत कर्मजीत सिंह ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उन्हें पहले से दी जा रही सुविधाएं निरंतर जारी रहेंगी। संस्था की ओर से कर्मचारियों के हित में और भी कारगर कदम उठाए जाएंगे। करनाल के अलावा हरियाणा गुरद्वारा प्रबंधक कमेटी ने बुधवार को ही तरावड़ी स्थित श्री शीशगंज गुरुद्वारा साहिब की सेवा भी संभाल ली। अब तक यह सेवा संभाल शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (अमृतसर) द्वारा की जा रही थी। सुबह आठ बजे बुधवार को एचजीपीसी के अध्यक्ष कर्मजीत सिंह, महासचिव गुरविंद्र सिंह धमीजा, कार्यकारिणी सदस्य मोहन जोत सिंह, मलकीत सिंह गोराया, दीदार सिंह नलवी, गरजिंद्र सिंह आदि के साथ तरावड़ी स्थित नौवीं पातशाही श्री शीशगंज गुरुद्वारा साहिब पहुंचे।