करनाल। अवध बिहारी हो कनक बिहारी हो, हम आये शरण तिहारी, गिरवर धारी हो आये शरण तिहारी.. पर श्रद्धालु झूम उठे। मौका था श्री रघुनाथ मंदिर में आयोजित श्री राम कथा का। श्रीराम कथा करते हुए साध्वी दीपमाला ने कहा कि भगवान धन के नहीं भाव के भूखे हैं। कलयुग केवल राम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहिं पारा, रामनाम से ही सारे संकट टल जाते हैं। कलयुग में केवल प्रभु का सिमरण ही भव से पार किए जाने का एक मात्र आधार है।
राम नाम जपने से जो आनंद मिलता है उसका वर्णन नहीं किया जा सकता, इसमें अलग ही आनंद है। राम नाम ही भव से पार निकालता है। जिस घर में श्री राम चरित्र मानस का स्वरूप होता है वहां श्रीराम विराजमान होते हैं। आजकल समय के अभाव में नवरात्र पर केवल अखंड जोत जलाई और हो गई पूजा लेकिन ऐसे नहीं होना चाहिए। पहले विधि विधान से पूजा की जाती थी। श्रीराम जी की शरण में आने से सभी संकट दूर हो जाते है। शनिवार शाम को कथा का शुभारंभ केवल कृष्ण और उनकी धर्मपत्नी कमलेश रानी ने जोत प्रचंड कर किया। मंदिर सभा के प्रधान विनोद खेतरपाल ने बताया कि दो अप्रैल से शुरू हुई श्रीराम कथा 10 अप्रैल को श्रीराम नवमी उत्सव के साथ संपन्न होगी। इस अवसर पर विनीत भाटिया, अशोक सरदाना, अमित आहूजा, ऋषिपाल आर्य, सोनी चोपड़ा और धनश्याम मौजूद रहे।