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Karnal News: साइकिलिंग में बेटियों ने झटके तीन स्वर्ण पदक
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साइकिलिंग में बेटियों ने झटके तीन स्वर्ण पदक
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले की साइकिलिस्ट बेटियों ने पटियाला के बाद रोहतक में भी परचम लहराया है। पटियाला में पांच मेडल जीतने के बाद रोहतक में भी तीन स्वर्ण जिले की झोली में डाले हैं। रोहतक में 29 व 30 अप्रैल तक आयोजित हुई दो दिवसीय रोड साइकिल प्रतियोगिता में करनाल की अंशु देवी ने सीनियर वर्ग 30 किलोमीटर में स्वर्ण व पारूल अंडर-18 ने 20 और 30 किलोमीटर में दो स्वर्ण हासिल किए हैं।
रोहतक में स्पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ओर से नेशनल खेलो इंडिया महिला रोड साइकिलिंग लीग प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। जिसमें प्रदेशभर से 40 साइकिलिस्ट ने प्रतिभागिता दर्ज कराई। कोच ओंकार राणा ने बताया कि शनिवार को अंशु देवी ने 30 किलोमीटर में सोना जीता था। उन्होंने इस रेस को 58 मिनट 34 सेकंड में पूरा किया। जिसमें उन्होंने गुजरात की मुस्कान को पीछे छोड़ते हुए यह पदक हासिल किया। वहीं 20 किलोमीटर व्यक्तिगत समय ट्रायल में पारूल ने 30 मिनट 49 सेकंड के साथ सोना जीता। रविवार को भी पारूल ने मास स्टार्ट (एक साथ सभी खिलाड़ी ) रेस में सोना जीता। इस तरह से करनाल की झोली में तीन स्वर्ण मेडल आए। जिसमें एक स्वर्ण अंशु व दो स्वर्ण पारूल ने जीते।
इस प्रतियोगिता के लिए जिले से अंशु देवी, पारूल, प्रभजोत कौर व शिवानी का चयन किया गया था। प्रभजोत कौर ने भी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन किया और वह चौथे स्थान पर रही। जिले की ये बेटियां लगातार साइकिलिंग प्रतियोगिता जिले को मेडल दिला रही हैं। इससे पहले भी पंजाब के पटियाला में 26-27 अप्रैल को आयोजित ट्रैक इवेंट (वेलोड्रम) में भी करनाल से मुकुल राणा ने दो सिल्वर और पारूल ने एक स्वर्ण व दो सिल्वर मेडल जीते थे। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 170 साइकिलिस्टों को मात देकर परचम लहराया था।
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ट्रैक इवेंट में पदक जीतना बड़ी बात
कर्ण स्टेडियम के कोच ओंकार राणा ने कहा कि करनाल और आसपास के जिलों में कहीं पर भी वेलोड्रम न होने के कारण जिले के साइकिलिस्टों को ट्रैक इवेंट में भाग लेने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। वह आज तक बच्चों को रोड पर ही साइकिल का प्रशिक्षण देते आए हैं। लेकिन अब कुरुक्षेत्र में वेलोड्रम की सौगात मिलने से जिले के खिलाड़ियों को भी इसका फायदा होगा। उनके पास जितने भी साइकिल के खिलाड़ी हैं। सभी बेहतर परिणाम ला रहे हैं। इसके अलावा करनाल में साइकिल की खेल अकादमी मिलने से भी खिलाड़ियों के खेल स्तर में सुधार होगा।
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करनाल। जिले की साइकिलिस्ट बेटियों ने पटियाला के बाद रोहतक में भी परचम लहराया है। पटियाला में पांच मेडल जीतने के बाद रोहतक में भी तीन स्वर्ण जिले की झोली में डाले हैं। रोहतक में 29 व 30 अप्रैल तक आयोजित हुई दो दिवसीय रोड साइकिल प्रतियोगिता में करनाल की अंशु देवी ने सीनियर वर्ग 30 किलोमीटर में स्वर्ण व पारूल अंडर-18 ने 20 और 30 किलोमीटर में दो स्वर्ण हासिल किए हैं।
रोहतक में स्पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) की ओर से नेशनल खेलो इंडिया महिला रोड साइकिलिंग लीग प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। जिसमें प्रदेशभर से 40 साइकिलिस्ट ने प्रतिभागिता दर्ज कराई। कोच ओंकार राणा ने बताया कि शनिवार को अंशु देवी ने 30 किलोमीटर में सोना जीता था। उन्होंने इस रेस को 58 मिनट 34 सेकंड में पूरा किया। जिसमें उन्होंने गुजरात की मुस्कान को पीछे छोड़ते हुए यह पदक हासिल किया। वहीं 20 किलोमीटर व्यक्तिगत समय ट्रायल में पारूल ने 30 मिनट 49 सेकंड के साथ सोना जीता। रविवार को भी पारूल ने मास स्टार्ट (एक साथ सभी खिलाड़ी ) रेस में सोना जीता। इस तरह से करनाल की झोली में तीन स्वर्ण मेडल आए। जिसमें एक स्वर्ण अंशु व दो स्वर्ण पारूल ने जीते।
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इस प्रतियोगिता के लिए जिले से अंशु देवी, पारूल, प्रभजोत कौर व शिवानी का चयन किया गया था। प्रभजोत कौर ने भी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन किया और वह चौथे स्थान पर रही। जिले की ये बेटियां लगातार साइकिलिंग प्रतियोगिता जिले को मेडल दिला रही हैं। इससे पहले भी पंजाब के पटियाला में 26-27 अप्रैल को आयोजित ट्रैक इवेंट (वेलोड्रम) में भी करनाल से मुकुल राणा ने दो सिल्वर और पारूल ने एक स्वर्ण व दो सिल्वर मेडल जीते थे। इस प्रतियोगिता में उन्होंने 170 साइकिलिस्टों को मात देकर परचम लहराया था।
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ट्रैक इवेंट में पदक जीतना बड़ी बात
कर्ण स्टेडियम के कोच ओंकार राणा ने कहा कि करनाल और आसपास के जिलों में कहीं पर भी वेलोड्रम न होने के कारण जिले के साइकिलिस्टों को ट्रैक इवेंट में भाग लेने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती है। वह आज तक बच्चों को रोड पर ही साइकिल का प्रशिक्षण देते आए हैं। लेकिन अब कुरुक्षेत्र में वेलोड्रम की सौगात मिलने से जिले के खिलाड़ियों को भी इसका फायदा होगा। उनके पास जितने भी साइकिल के खिलाड़ी हैं। सभी बेहतर परिणाम ला रहे हैं। इसके अलावा करनाल में साइकिल की खेल अकादमी मिलने से भी खिलाड़ियों के खेल स्तर में सुधार होगा।