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Karnal: बेटे को कागजों में जिंदा करने के लिए पिता खा रहा सरकारी दफ्तरों के धक्के, अब सीएम विंडो में दी शिकायत
Sat, 03 Feb 2024 11:55 AM IST
नवीन दलाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Sat, 03 Feb 2024 11:55 AM IST
सार
करनाल में एक जिंदा युवक को कागजों में मृत दिखा दिया है। अब उसका पिता कागजों में बेटे को जिंदा करने के लिए सरकारी ऑफिस के चक्कर काट रहा है। अब पीड़ित का कहना है कि अगर कागज ठीक नहीं हुआ तो वह कार्ट में जाएंगे।
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सीएम विंडो में दी गई शिकायत की कॉपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
करनाल में असंध क्षेत्र निवासी एक पिता अपने 20 वर्षीय बेटे को सरकारी कागजों में जिंदा करने के लिए सरकारी दफ्तरों के काफी लंबे समय से धक्के खा रहा है। जब कही भी किसी भी अधिकारी ने उसकी एक न सुनी तो पीड़ित पिता ने थक हारकर सीएम विंडो करनाल में शिकायत दर्ज करवाई है।
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एसडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी पर बहकाने का आरोप
पीड़ित पिता धर्मपाल ने सीएम विंडो में दी शिकायत में बताया कि वह वार्ड नंबर पांच असंध तहसील असंध जिला करनाल का स्थाई निवासी है। उसके परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) में चार सदस्य दर्ज है। उसका पहचान पत्र नंबर 3एनपीके3693 है। परिवार पहचान पत्र में उसके बेटे रवि कुमार को मृत दिखाया गया है और वह लगभग छह माह से उसे परिवार पहचान पत्र में ठीक करने व उसे कागजों में जिंदा करने के लिए दर-दर की भटक रहा है।
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पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि एसडीएम कार्यालय असंध में बैठा एक कर्मचारी उसे बार-बार बहला-फुसलाकर वापस भेज देता है। वह अब थक हार चुका है। जिसके बाद ही वह सीएम विंडो में शिकायत देने आया है। आरोप है कि कर्मचारी अमित जांगड़ा कहता है कि यह तो ऊपर से ठीक होगा। इसमें वह कुछ नहीं कर सकता जबकि उसने परिवार पहचान पत्र को ठीक करवाने के लिए टोल फ्री नंबर पर बात की तो उन्होंने कहा कि वे स्वयं अपने क्षेत्र के एसडीएम कार्यालय में जाकर उसे ठीक करवा सकते है लेकिन जब भी वह कार्यालय में जाता है तो वह उसे बार-बार टालमटोल कर वापस भेज देता है।
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बेटा गन्नोर कपड़ा फैक्टरी में करता है काम
पीड़ित पिता धर्मपाल ने बताया कि जिस बेटे को वह कागजों में मृत से जिंदा करने के लिए बार-बार धक्के खा रहा है। वह गन्नौर स्थित एक कपड़ा फैक्टरी में करीब तीन साल से काम कर रहा है। वही वह अपनी बहन के घर रहता है। छुट्टी होने पर घर असंध आता रहता है। पीड़ित ने बताया कि छह माह पहने सरकारी राशन मिलना बंद हो गया था।
जब वह एसडीएम कार्यालय गया तो वहां उसे पता चला कि उसके बेटे को पीपीपी में मृत दिखाया गया है। जिस कारण उसका राशन नहीं मिल रहा है। इसके बाद ही उसने कागज ठीक करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की। वहीं धर्मपाल का आरोप है कि उसने अपने बेटे के दस्तावेज भी कर्मचारियों को दिखाएं, बावजूद इसके पहचान पत्र ठीक नहीं हुई। अगर इसके बाद भी अगर कागज ठीक नहीं हुआ तो वे कार्ट में जाएंगे।
अधिकारी के अनुसार
यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मंगलवार को ऑफिस में जाकर इस मामले में जांच करेंगे। अगर किसी कर्मचारी ने गुमराह किया है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -वीरेंद्र सिंह, एसडीएम, असंध।