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Karnal News: धर्मपाल पर भारी पड़ी बेवफाई, जनता को भा गई भगवानदास की वफादारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Oct 2024 06:07 AM IST
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Disloyalty weighed heavy on Dharampal, the public liked Bhagwandas's loyalty.
गौतम जोशी
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नीलोखेड़ी। निर्दलीय विधायक बनने के बावजूद साढ़े चार साल तक हरियाणा की भाजपा सरकार से कदमताल करने के बाद अंतिम छह महीने में बेवफाई करने और कांग्रेस से मित्रता करने की जुगत भी धर्मपाल गोंदर के काम नहीं आई लेकिन भगवानदास कबीरपंथी की भाजपा से वफादारी ने उनके लिए विधानसभा का रास्ता प्रशस्त कर दिया।
बता दें कि भाजपा से टिकट नहीं मिलने के बाद 2019 में धर्मपाल गोंदर ने बगावत कर दी थी, निर्दलीय भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ ही चुनाव लड़ा था। क्षेत्र में अपनी लोकप्रियता के बल पर वह विधायक भी बने लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा की हरियाणा सरकार को ही बाहर से समर्थन दे दिया। इसके बाद वह लगातार साढ़े चार साल तक सत्ता के साथ कदमताल करते रहे लेकिन जब मनोहर लाल ने मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र दिया और नायब सैनी मुख्यमंत्री बने तो उसी समय धर्मपाल गोंदर ने भाजपा से बेवफाई कर दी। सरकार पर संकट आने लगा।
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धर्मपाल गोंदर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का हाथ थाम लिया। परिणाम ये हो गया है कि धर्मपाल गोंदर इस बार चुनाव मैदान में कांग्रेस का हाथ लेकर उतरे। गणित स्पष्ट था कि जब निर्दलीय जीत सकते हैं तो इस बार तो कांग्रेस भी साथ है लेकिन भाजपा ने यहां पर पूर्व विधायक भगवानदास कबीरपंथी को फिर मैदान में उतारा, क्योंकि वह पिछला चुनाव हारने के बाद भी पूरी वफादारी से पार्टी का काम कर रहे थे।
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भाजपा प्रत्याशी भगवानदास कबीरपंथी सीधी टक्कर में अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी धर्मपाल गोंदर को 18845 मतों से हराकर दूसरी बार विधायक बन गए। 2019 के चुनाव में 40757 वोट हासिल करने वाले भगवानदास कबीरपंथी ने इस चुनाव में 77657 वोट हासिल कर लोकप्रियता की मिसाल पेश की है। 2019 में भगवानदास कबीरपंथी मात्र 2222 वोट से ही हारे थे। इधर, कांग्रेस का टिकट न मिलने से खफा आजाद प्रत्याशी राजकुमार वाल्मीकि 5461 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर तथा इनेलो-बसपा के साझे प्रत्याशी बलवान वाल्मीकि 2140 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे।


मतगणना के पहले चक्र में कांग्रेस प्रत्याशी धर्मपाल गोंदर को 317 वोटों की लीड मिलने पर उनके समर्थकों ने खुशी का इजहार करना शुरू कर दिया लेकिन दूसरे ही चक्र में भगवानदास कबीरपंथी से 94 वोटों से पिछड़े धर्मपाल गोंदर लगातार पिछड़ते चले गए। 17वें चक्र के बाद भाजपा के प्रत्याशी भगवानदास कबीरपंथी ने 77657 वोट लेकर कांग्रेस के धर्मपाल गोंदर को 18845 मतों के विशाल अंतर से हराकर पिछली हार का बदला ले लिया। संवाद
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