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फर्जी तरीके से चकबंदी करने के मामले में चकबंदी अधिकारी, पटवारी समेत 15 पर केस दर्ज

Tue, 12 Feb 2019 12:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 Feb 2019 12:35 AM IST
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फर्जी तरीके से चकबंदी करने के मामले में चकबंदी अधिकारी, पटवारी समेत 15 पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। गांव कैरवाली, अमृतपुर कलां और अमृतपुर खुर्द की चकबंदी में धांधली करने पर सहायक चकबंदी अधिकारी और पटवारी सहित 15 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने मिलीभगत करके रिकार्ड में कटिंग करके व हेराफेरी से अवांछित मालिकों को अवांछित मालिकाना हक दिया था।
ग्रामीणों की शिकायत पर मामले की जांच के लिए जांच के लिए महानिदेशक चकबंदी विभाग हरियाणा के आदेश पर एक कमेटी गठित की गई थी। इस संबंध में करनाल के उपायुक्त के नेतृत्व में जांच की गई। जांच के आधार पर विजिलेंस विभाग की ओर से आरोपित जय सिंह, राजपाल, देवी सिंह, शीशपाल, नारायणदत्त, हरिचंद, रामधारी, मेहर सिंह, मूसा, जगदीश, रोहताश, मोढी, मलखान, उमराउ सिंह सहित सहायक चकबंदी अधिकारी दलबीर सिंह और पटवारी जुगलाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मामले के अनुसार, इन गांवों के ग्रामीणों ने 1939 में उबड़-खाबड़ जमीन खरीदी थी और मेहनत मजदूरी करके उपजाऊ बनाया था। वर्ष 1965 में इन गांवों की चकबंदी हुई थी और सभी किसानों को उनकी जमीन मिल गई थी। वर्ष 1994-95 की चकबंदी में किसानों की सैकड़ों एकड़ जमीन छीन लेने का आरोप था। ऐसे में वर्ष 2013 में उसी चकबंदी के आधार पर किसानों को नुकसान पहुंचाया गया। आरोप है कि गलत चकबंदी की गई थी। इस संबंध में चकबंदी पीड़ित किसान संघर्ष कर रहे हैं और लगातार न्याय की गुहार लगाते रहे हैं।
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