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चार आतंकी गिरफ्तार: तेलंगाना पुलिस करनाल पहुंचकर आतंकियों से करेगी पूछताछ, तीसरी बार विस्फोटक पदार्थ लेकर जा रहा था आतंकी गुरप्रीत

हरियाणा के करनाल में गिरफ्तार चार आतंकियों से कई घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया कि हरविंद्र सिंह रिंदा ने चारों आरोपियों से विस्फोटक सामग्री पहुंचाने के लिए डील की थी, लेकिन डील कितने में हुई थी, इसका पैसा आखिर इन तक पहुंचता कैसे है, यह खुलासा नहीं हुआ है। ये आतंकी इससे पहले भी दो बार सामग्री की डिलीवरी कर चुके हैं। 

एसपी गंगाराम पूनिया के अनुसार आतंकी गुरप्रीत ने पूछताछ में बताया कि इससे पहले भी वह दो बार विस्फोटक पदार्थ आतंकी हरविंदर रिंदा द्वारा बताई गई लोकेशन तक पहुंचा चुका है। इनमें एक बार वह महाराष्ट्र के नांदेड़ में विस्फोटक पदार्थ लेकर गया था, लेकिन उन्होंने यह खुलासा नहीं किया है कि यह डील कितने में हुई थी, आज तीसरी डील कितने भी हुई है। विस्फोटक सामग्री और हथियार पहुंचाने के लिए चारों को कितना रुपये मिल चुके हैं, कितने और मिलने हैं यह भी खुलासा नहीं किया है। 
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हरियाणा: कहीं देश की राजधानी तो नहीं थी आतंकियों के निशाने पर, दिल्ली नंबर की गाड़ी के इस्तेमाल से उठ रहे सवाल

हरियाणा के करनाल के घरौंडा क्षेत्र में बसताड़ा टोल पर घेराबंदी कर चार आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आया है कि फिरोजपुर से चलकर दिल्ली होते हुए उन्हें तेलंगाना के आदिलाबाद पहुंचना था, लेकिन पुलिस के लिए बड़ा सवाल यह है कि जब आतंकियों को फिरोजपुर से आदिलाबाद जाना था तो उन्होंने दिल्ली नंबर की इनोवा गाड़ी का इस्तेमाल क्यों किया और यह कहां से आई।

आशंका जताई जा रही है कि इस गाड़ी को दिल्ली में पहुंचकर बदला जाना था या फिर टारगेट आदिलाबाद नहीं बल्कि दिल्ली था। विदित हो करनाल में आतंकियों की गाड़ी से जिस तरह के कंटेनर में विस्फोटक मिले हैं, इससे पहले दिल्ली के गाजीपुर और सीमापुरी के साथ-साथ दूसरी जगह पर इस तरह के कंटेनर मिल चुके हैं। 

पुलिस का दावा है कि पाकिस्तान में रहकर आतंकी गतिविधियों को संचालित करने वाला हरविंद्र सिंह रिंदा ही इस बारूदी साजिश का मास्टरमाइंड है। इस साजिश में दिल्ली नंबर की गाड़ी को शामिल करना कई सवाल खड़े कर रहा है, जिसका जवाब ढूंढने में पुलिस टीमें जुटी हैं। सूत्रों के मुताबिक माना जा रहा है कि विस्फोटक लेकर जा रहे आतंकियों को दिल्ली में प्रवेश करना था।

वहां से दिल्ली नंबर की गाड़ी को बदलना था। चंडीगढ़-दिल्ली के बीच दिल्ली वालों का आना-जाना अधिक रहता है, इसलिए कोई शक नहीं करता है। भले ही पुलिस को मोबाइल एप में आदिलाबाद की लोकेशन मिली हो लेकिन जब चारों पकड़े गए तो उस समय ये चंडीगढ़ से दिल्ली की ओर जा रहे थे। यदि पुलिस को थोड़ा भी विलंब हो गया होता तो इन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता।

चारों को पुलिस ने बिना किसी शोर शराबे के आसानी से दबोच लिया, ये बात भी कहीं न कहीं खटकती है। वहीं दूसरी ओर आईजी सतेंद्र कुमार गुप्ता भी कह चुके हैं कि धरे गए आतंकी तो सिर्फ कूरियर मात्र हैं। ऐसे में सिर्फ आदिलाबाद पर केंद्रित रहकर जांच करना बेमानी होगी, इनका निशाना कुछ और भी हो सकता है। फिलहाल तो जांच एजेंसियां सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हैं।
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करनाल: बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को उम्रकैद और दो भाइयों को 20-20 साल की सजा

हरियाणा के करनाल में बेटी से दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने पर पिता का आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है, वहीं दो भाइयों को 20-20 साल की सजा हुई है। अदालत ने पीड़िता को 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए हैं। 

सीडब्ल्यूसी के पूर्व चेयरमैन सुरेंद्र सिंह मान ने बताया कि 2018 में उन्हें एक शिकायत मिली थी, जिसमें बताया गया था कि झुग्गी झोपड़ी में एक परिवार रहता है। आरोप था कि मां की मौत के बाद बड़ी बेटी से पिता और दो भाई दुष्कर्म करते हैं। मामले में पीड़िता समेत चारों बहनों की काउंसलिंग की गई।

इसके बाद उनके बयान के आधार पर सिविल लाइन थाने में पोक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया। साथ ही पीड़िता और उसकी बहनों को एमडीडी बाल भवन करनाल में शिफ्ट कर दिया गया। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता और भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता और उसकी बहनों की ओर से दिए गए बयान के आधार पर कोर्ट ने पिता और भाइयों को मामले में दोषी पाया।

‘न्याय तक पहुंच’ प्रोजेक्ट के तहत की गई पैरवी
पूर्व सीडब्ल्यूसी चेयरमैन और एमडीडी ऑफ इंडिया के प्रधान सुरेंद्र सिंह मान ने बताया कि कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के सौजन्य से एमडीडी ऑफ इंडिया द्वारा ‘न्याय तक पहुंच’ प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। इसके तहत उक्त मामले में टीम ने जनवरी 2022 में पैरवी शुरू की। इस दौरान पता चला कि मामले की चार्जशीट में धारा-8 लगाई गई है, जबकि बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के अनुसार धारा-6 लगाई जानी थी, ताकि अपराधियों को उचित दंड मिल सके। इसके बाद प्रोजेक्ट टीम ने सरकारी वकील से मिलकर सारी बातों को रखा और धारा-8 को खत्म करके धारा-6 लगवाया गया। साथ ही अदालत में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लगातार पैरवी की गई। 
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करनाल: आतंकियों से बरामद फर्जी आरसी बनाने का आरोपी गिरफ्तार, जम्मू जेल में रह चुका आरोपी

हरियाणा के करनाल में पकड़े गए आतंकियों से बरामद फर्जी दो आरसी बनाने के आरोपी अंबाला निवासी नितिन शर्मा को करनाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड पर लेकर गहनता से पूछताछ की जाएगी। आरोपी कैसे फर्जी आरसी बनाता था, अभी तक कितनी आरसी बना चुका है। इन आतंकियों से आरोपी का संपर्क कैसे हुआ और कितने आतंकियों की उसने फर्जी आरसी बनाई है, यह पता करने का प्रयास किया जाएगा।  

पांच मई को जिला पुलिस ने बसताड़ा टोल प्लाजा पर सुबह करीब चार बजे इनोवा कार में सवार चार आतंकियों को पकड़ा था। इन आतंकियों से तीन कंटेनर विस्फोटक सामग्री, एक पाकिस्तानी पिस्तौल, 31 कारतूस, छह मोबाइल, 1.30 लाख रुपये व दो कारों की आरसी बरामद हुई थी।

जब पुलिस ने इन आरसी की वेरिफिकेशन की तो फर्जी पाई गई। इन आरसी नंबर की कारें यमुनानगर व पानीपत में मौजूद थी, लेकिन आतंकी इन आरसी पर पंजाब में वही स्कॉर्पियों और ब्रेजा कार चला रहे थे। इस मामले में पूछताछ के बाद पुलिस के सामने अंबाला के अमदपुर साहा निवासी नितिन शर्मा का नाम सामने आया। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी के खिलाफ फर्जी आरसी बनाने का यमुनानगर में भी मामला दर्ज है।

अंबाला का रहने वाला है नितिन
आरोपी नितिन शर्मा भले ही अंबाला का निवासी है, लेकिन यमुनानगर में भी उसकी गतिविधियां चल रही थी। पिछले साल आरोपी के खिलाफ यमुनानगर के सेक्टर-17 थाने में मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में आरोपी वांछित है। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ जम्मू में भी फर्जी आरसी बनाने के मामले में एक मामला दर्ज है। वहां आरोपी जेल में भी रह चुका है। वह एक सप्ताह पहले ही जेल से जमानत पर आया था, इसी दौरान करनाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 

यमुनानगर पुलिस लेगी प्रोडक्शन वारंट पर
आरोपी के पकड़े जाने पर अब यमुनानगर पुलिस भी उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने की तैयारी में है, ताकि वहां पर दर्ज मामले में आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा सके।

कार की कीमत के हिसाब से लेता था रुपये
बताया जा रहा है कि आरोपी नितिन कार की कीमत के हिसाब से रुपये लेता था। आरोपी चोरी की हुई लोन की बकाया किस्त वाली कार या  जिनकी रजिस्ट्रेशन अवधि खत्म हो चुकी है, उनकी फर्जी आरसी बनाता था। 
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सांकेतिक फोटो सांकेतिक फोटो

करनाल: पकड़े गए आतंकियों के मामले में बड़ा खुलासा, छह माह में मिले 50 लाख रुपये, 8.50 लाख हवाला के जरिये मिले

हरियाणा के करनाल में टोल पर पकड़े गए आतंकियों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि छह महीने में आतंकियों के पास करीब 50 लाख रुपये आ चुके हैं। इनमें से करीब 8.50 लाख रुपये हवाला के जरिए आए हैं। इससे अलग ये आतंकी पाकिस्तान से हरविंद्र सिंह रिंदा द्वारा भेजे गए हर पार्सल को सप्लाई करने के बदले एक लाख रुपये लेते थे।

अभी तक इन आतंकियों द्वारा 14 पार्सल सप्लाई किए गए हैं, उनसे भी 14 लाख रुपये आतंकियों को मिल चुके हैं। ये रुपये आतंकियों को वह व्यक्ति देता था जिसके पास पार्सल भेजना होता था। पार्सल में नशीला पदार्थ भी होता था। आतंकी नशा तस्करी का भी कार्य करते थे।

फिलहाल पुलिस इन 50 लाख रुपये की भी हिस्ट्री खंगाल रही है कि ये रुपये कैसे आतंकियों के पास पहुंचे और इतनी मोटी रकम का इन आतंकियों ने क्या किया। यह भी जांच की जा रही है कि इन आतंकियों के साथ और कितने लोगों के के तार जुड़े हैं।

सीसीटीवी फुटेज और गाड़ी तलाश रही पुलिस
इन आतंकियों को हवाला के माध्यम से एक व्यक्ति द्वारा करीब 8.50 लाख रुपये दिए गए थे। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है। जिस जगह पर उस व्यक्ति से आतंकियों ने रुपये लिए थे, वहां के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लग सके कि वह व्यक्ति किस गाड़ी में आया था और उसकी गाड़ी का नंबर क्या है, ताकि उसे पकड़ने में आसानी हो।

एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि अभी तक आतंकी दो जगहों पर विस्फोटक सामग्री सप्लाई कर चुके हैं। इससे पहले इन आतंकियों ने तरनतारन के समीप चमकौर साहिब के आसपास तीन आईडी बम सप्लाई किए थे। इसके बाद महाराष्ट्र के नांदेड़ में दो आईडी बम, तीन पिस्टल और तीन ग्रेनेड सप्लाई किए थे। इसके बाद वह तीसरी सप्लाई करने के लिए तेलंगाना के आदिलाबाद जा रहे थे। करनाल पुलिस ने बसताड़ा टोल प्लाजा के समीप पांच मई को इन आतंकियों को पकड़ लिया था।
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करनाल: आतंकियों की इनोवा कार से मिली दो फर्जी आरसी, अंबाला में फर्जी आरसी बनाने वाले गिरोह से जुड़ सकते हैं तार

हरियाणा के अंबाला में पांच मई को बसताड़ा टोल के पास से पकड़े गए आतंकियों की इनोवा कार से मिली दो फर्जी आरसी में से एक पर आतंकियों द्वारा चलाई जा रही स्कॉर्पियों को फिरोजपुर पुलिस द्वारा बरामद किया जा चुका है। जबकि दूसरी आरसी अरुणाचल प्रदेश में रजिस्टर्ड एक अन्य वाहन की है।
 
पुलिस को शक है कि ये दोनों फर्जी आरसी आतंकियों ने अंबाला में तैयार करवाई है। अंबाला में चल रहे फर्जी आरसी के गिरोह से इसके तार जुड़ते दिख रहे हैं, जिसके चलते मधुबन पुलिस ने अंबाला के साहा निवासी एक युवक के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज कर इस जांच को आगे बढ़ाया है। जल्द पुलिस इस युवक की गिरफ्तारी कर पूछताछ करेगी।

मधुबन थाने में उपनिरीक्षक उमेश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया कि पांच मई को बसताड़ा टोल प्लाजा पर गिरफ्तार आरोपियों से इनोवा डीएल-1 वीबी/7869 बरामद की गई थी। जिसमें विस्फोटक के साथ दो आरसी भी मिली थी, इसमें एक एचआर 02 एटी 9917 आरसी स्कॉर्पियों की है व दूसरी ब्रेजा कार की एआर-06ए/8902 है।
 
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार चारों आतंकियों ने बताया था कि ये दोनों गाड़ियां उन्होंने अलग-अलग समय पर खरीदी हैं और दोनों गाड़ियां उनके पास हैं, लेकिन इसकी तस्दीक की गई तो एचआर 02 एटी 9917 नंबर की स्कार्पियो वास्तव में यमुनानगर के देवघर निवासी इकबाल के नाम है।
 
ये गाड़ी उसके पास ही है, इंजन व चेसिस नंबर भी सही है, लेकिन तकनीकी रूप से जांच की गई तो पता चला कि इसी नंबर पर एक दूसरी फर्जी आरसी भी जारी की गई। इस फर्जी आरसी पर चल रही स्कॉर्पियों को पंजाब की फिरोजपुर पुलिस ने आतंकी गतिविधियों में लिप्त उन आरोपियों से बरामद किया है, जिनकी कड़ियां करनाल में पकड़े गए आतंकियों से जुड़ती नजर आ रही हैं।
 
इनोवा में मिली दूसरी आरसी ब्रेजा कार की है, इसके मालिक पानीपत के सिवाह निवासी रजनीश कादियान हैं। पुलिस ने जाकर तस्दीक की तो ब्रेजा रजनीश के पास ही मिली, इसका इंजन व चेसिस नंबर भी सही पाया गया। जिसे रजनीश ने 2018 में खरीदा था, लेकिन तकनीकी रूप से चेक करने पर पता चला कि इस गाड़ी की भी इंजन व चेसिस नंबर बदलकर एक दूसरी फर्जी आरसी तैयार की गई है। जिसका उपयोग करनाल में गिरफ्तार आतंकियों व उनके साथियों द्वारा किया जा रहा है।

चोरी और लोन वाली गाड़ियों को बेचने का आरोप
गाड़ियों की फर्जी आरसी तैयार किए जाने के शक में अंबाला के नितिन शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि नितिन चोरी व लोन वाली गाड़ियों की फर्जी आरसी तैयार कर बेचता है। जिससे टैक्स चोरी तो होती ही है, किसी आपराधिक मामले में यदि गाड़ी पकड़ी जाती है तो आरोपी आसानी से पकड़ में नहीं आते हैं। इस मामले में भी फर्जी आरसी तैयार की गई है, इसलिए इस मामले में अभी और जांच की आवश्यकता को देखते हुए पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर अलग से जांच शुरू की है, ताकि ये स्पष्ट हो सके कि आरसी नितिन ने बनाई हैं या नहीं।
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करनाल: आतंकी गुरप्रीत की प्रेमिका की मां के खाते में मिले 12 से 13 लाख रुपये, पूछताछ में हुए कई अहम खुलासे

बसताड़ा टोल प्लाजा पर पकड़े गए चार आतंकियों के मामले में खुलासा हुआ है कि मुख्य आतंकी गुरप्रीत ने फिरोजपुर निवासी अपनी प्रेमिका को 12 से 13 लाख रुपये दिए थे, जो कि उसने अपनी मां के खाते में डाले थे। इसकी जांच पुलिस ने कर ली। हालांकि प्रेमिका से भी पूछताछ की गई, लेकिन उसका आतंकी मामले से कोई संबंध नहीं हैं। इसके अलावा पुलिस को जानकारी मिली है कि हवाला के जरिए आतंकियों के पास रुपये आते थे। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। वहीं जांच में एक और व्यक्ति का नाम सामने आया है जो आतंकियों को रुपये देता था। आतंकी हेरोइन बेचकर भी रुपये कमाते थे। 

 बुधवार को भी अन्य राज्यों से आई जांच एजेंसियों ने चारों आतंकियों से पूछताछ की है। बठिंडा जेल में बंद राजबीर को पंजाब पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर ले लिया है। इसके बाद करनाल पुलिस आतंकी राजबीर को प्रोडक्शन वारंट पर लेगी। पुलिस का कहना है कि 10 दिन के रिमांड के बाद चारों आतंकियों को दोबारा रिमांड पर भी लिया जा सकता है। 

फर्जी आरसी मिलने पर मामला दर्ज
फर्जी आरसी मामले में एसपी गंगाराम पूनिया ने बताया कि मधुबन थाने में मामला दर्ज कर लिया है। आतंकियाें से दो आरसी बरामद हुई थी जो स्कॉरपियो व ब्रेजा कार की थी। दोनों आरसी फर्जी निकली हैं। उन आरसी की स्कॉरपियो यमुनानगर के देवधर के रहने वाले इकबाल के नाम है। ब्रेजा कार पानीपत के सिवाह निवासी रजनीश के नाम है।

ये दोनों गाड़ियां इनके मालिकों के पास हैं, लेकिन आतंकी इन गाड़ियां की आरसी पर अपनी गाड़ियां चला रहे थे। इनमें से एक स्कॉरपियो पंजाब पुलिस ने बरामद कर ली है। कुछ समय पहले यमुनानगर में फर्जी आरसी बनाने का मामला सामने आया था, पुलिस को शक है कि उसी दौरान ये फर्जी आरसी बनाए गए थे। पुलिस आरोपी को पकड़ने का प्रयास कर रही है। 

करनाल में रिश्तेदार का निकला नंबर, मामले से नहीं कोई संबंध 
आतंकियों के मोबाइल में करनाल के एक व्यक्ति का नंबर था। जिसकी पुलिस ने जांच की तो वह नंबर उनके दूर के रिश्तेदार का निकला। जांच में यह भी सामने आया है कि उसका आतंकी से विस्फोटक सामग्री से संबंधित कोई संबंध नहीं है। करीब छह महीने पहले ही उनकी एक बार बात हुई थी। 
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करनाल: सीआईडी एडीजीपी ने आतंकियों से कई घंटे की पूछताछ, यूपी एटीएस भी पहुंची

मधुबन थाने में इनोवा गाड़ी से विस्फोटक निकालते बम निरोधक दस्ते के एक्सपर्ट।
हरियाणाक के करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा से पकड़े गए चारों आतंकवादियों से मंगलवार को सीआईडी हरियाणा के एडीजीपी आलोक मित्तल ने कई घंटे तक पूछताछ की। वह दोपहर करीब दो बजे करनाल सीआईए वन कार्यालय में पहुंच गए थे।
 
इसके बाद बारी-बारी से चारों आतंकियों से पूछताछ की, जो देर शाम तक चली। वहीं उत्तर प्रदेश से एटीएस की एक टीम भी करनाल पहुंची है, उसने भी आतंकियों से गहनता से पूछताछ की, जबकि एटीएस मुंबई, इंटेलिजेंस तेलंगाना की टीम लगातार पूछताछ कर रही है।
 
सूत्रों के अनुसार पूछताछ और जांच में सामने आया है कि आतंकी गाड़ियां की फर्जी आरसी और नंबर का प्रयोग करते थे। सामने आया है कि आतंकियों ने दो गाड़ियों की फर्जी नंबर प्लेट और आरसी का प्रयोग किया है। ये आरसी हरियाणा के यमुनानगर और पानीपत जिले की है। पुलिस की टीम उन व्यक्तियों से भी पूछताछ करेगी, जिनके नाम पर फर्जी आरसी का प्रयोग किया गया है।
 
दूसरी ओर मधुबन पुलिस अकादमी पहुंचे डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने विशेष कार्य योजना तैयार की है। इसके लिए प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं को लेकर हम आसपास के राज्यों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
 
करनाल और मोहाली में हुई घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि करनाल में धरे गए आतंकियोें के मामले में अभी बहुत कुछ वेरीफाई किया जाना है। जांच के बाद जो भी लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे उसे उजागर किया जाएगा।
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करनाल: एमबीबीएस के छात्र ने की आत्महत्या, पिता ने सुरक्षा के लिए खरीदी थी बंदूक, बेटे ने उसी से दी जान

हरियाणा के करनाल के निसिंग क्षेत्र में सनातन धर्म मंदिर के सामने कपूर अस्पताल के मालिक डॉ. संजय कपूर के 23 वर्षीय बेटे ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह बंदूक डॉ. संजय कपूर की बताई जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूचना पर पुलिस व सीन ऑफ क्राइम की टीमों ने पहुंचकर साक्ष्य एकत्रित किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेज दिया। पुलिस को फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजनों के अनुसार वह पिछले कई महीनों से मानसिक तौर पर परेशान था, जिसका इलाज भी चल रहा था। घटना रविवार करीब साढ़े 12 बजे की है।

जानकारी के अनुसार आर्यमन बंगलुरु में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। इस बार उसका फाइनल ईयर था। करीब एक महीने पहले ही वह घर आया था। आर्यमन के घर के नीचे उनका अस्पताल है। सुबह उसके पिता डॉ. संजय कपूर व माता नीचे अस्पताल में मरीजों का चेकअप कर रहे थे। आर्यमन की बहन व उसका जीजा ऊपर अलग रूम में थे।

बताया जा रहा है कि इस दौरान आर्यमन ने अपने पिता के रूम में जाकर उनकी लाइसेंसी बंदूक उठाई और गर्दन की तरफ गोली चलाकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर सभी कमरे की तरफ दौड़े, लेकिन कमरे में अंदर से दरवाजे की चिटकनी लगी थी। दरवाजे को धक्का देकर खोला तो आर्यमन खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टपार्टम के बाद देर शाम आर्यमन के शव का अंतिम संस्कार किया गया।     

दो बहनों को इकलौता भाई था आर्यमन
आर्यमन घर का इकलौता चिराग था। उसकी दो बहनें हैं। अपने बहनों से वह करीब 12 साल छोटा है। दो जुड़वा बेटियां होने के बाद माता पिता ने बेटे के लिए धार्मिक स्थानों पर मन्नतें मांगी थी। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

पिता ने सुरक्षा के लिए खरीदी थी बंदूक
जिस बंदूक से आर्यमन ने गोली मारकर आत्महत्या की है। वह डॉ. संजय कपूर ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए खरीदी थी और उसका लाइसेंस बनवाया था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसका बेटा उसी बंदूक से आत्महत्या कर लेगा।

मदर्स डे पर हमेशा के लिए चला गया बेटा
मदर्स डे पर एक तरफ हर बेटा अपनी मां के साथ खुशी बांट रहा था, वहीं आर्यमन इसी दिन अपनी मां से हमेशा के लिए दूर हो गया। उसकी मां का कहना है कि उसे कोई परेशानी थी तो बताना था, उसने इतना बढ़ा कदम नहीं उठाना चाहिए था। 
 
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चार आतंकियों की गिरफ्तारी का मामला: बीएफएस की स्पेशल टीम पहुंची करनाल, कई घंटों तक आतंकियों से की पूछताछ

हरियाणा के करनाल में पुलिस रिमांड पर चल रहे चारों आतंकियों से पूछताछ का दायरा बढ़ता जा रहा है। एनआईए और आईबी के साथ ही पांच राज्यों की पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं शनिवार को बीएसएफ की स्पेशल टीम भी करनाल पहुंची और आतंकियों से कई घंटे तक पूछताछ की। इससे अलग तेलंगाना पुलिस ने भी धरे गए आतंकियों से पूछताछ की।

आतंकियों से पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि ड्रोन के माध्यम से पाक में बैठा आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा विस्फोटक और नशीले पदार्थ की आपूर्ति करता था। माना जा रहा है कि बीएसएफ की सुरक्षा में लग रही इस सेंध के बारे में गहनता से जांच पड़ताल के लिए ही स्पेशल टीम करनाल पहुंची थी।
 
विदित हो कि गुरुवार की सुबह करनाल के बसताड़ा टोल पर करनाल पुलिस ने खुफिया सूचना पर चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इस दौरान आरोपियों की दिल्ली नंबर की इनोवा गाड़ी से साढ़े सात किलो आईईडी, पाकिस्तानी पिस्टल, कारतूस और नकदी बरामद की गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेशकर 10 दिन की रिमांड पर लिया है।
 
पंजाब की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड भी पहुंची करनाल
पंजाब पुलिस के साथ पंजाब की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड की टीम भी शनिवार को करनाल पहुंची और आतंकियों से पूछताछ की। पिछले दो दिनों से आतंकियों से अलग-अलग राज्यों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।

अंबाला पुलिस दो आतंकियों को लेगी प्रोडक्शन वारंट पर
आतंकियों से पूछताछ में सामने आया है कि अंबाला में 20 मार्च को मिलने वाले हैंड ग्रेनेड सहित विस्फोटक सामग्री रखने में धरे गए आतंकी गुरप्रीत और उसके भाई अमनदीप का भी हाथ था। इस कारण अंबाला पुलिस भी दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर जांच पड़ताल करेगी। इस संबंध में शनिवार को अंबाला पुलिस भी करनाल आई थी।
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हरियाणा: चार राज्यों की इंटेलिजेंस, स्पेशल सेल, एटीएस की टीमें पहुंचीं करनाल, आतंकियों से कई घंटे की पूछताछ

चार राज्यों की इंटेलिजेंस, स्पेशल सेल व एटीएस की टीमें रविवार को करनाल पहुंचीं और कई घंटों तक पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ की। इनमें पंजाब, तेलंगाना की इंटेलिजेंस भी शामिल है। उन्होंने अलग-अलग समय में अलग-अलग आतंकियों से यह जानकारी जुटाई कि वह विस्फोटक सामग्री कहां-कहां रख चुके हैं और इन आतंकियों के उनके प्रदेश में किन-किन लोगों से तार जुड़े हैं। 

इससे अलग महाराष्ट्र की एटीएस टीम भी करनाल पहुंची, क्योंकि ये आतंकी महाराष्ट्र के नांदेड़ में पहले ही विस्फोटक सामग्री सप्लाई कर चुके हैं। महाराष्ट्र पुलिस की चिंता बढ़ती जा रही है कि आखिर ये आतंकी उस विस्फोटक सामग्री को कहां लेकर गए थे, उससे महाराष्ट्र के किस क्षेत्र को दहलाने की तैयारी है।

इससे पहले शनिवार को भी पंजाब की एटीएस की टीम आतंकियों से पूछताछ कर चुकी है। दूसरी ओर मुख्य आतंकी गुरप्रीत को करनाल की सीआईए वन की टीम पंजाब के फिरोजपुर लेकर गई थी, जहां पुलिस ने निशानदेही कराई कि आतंकियों को ड्रोन के माध्यम से कहां पर असाइनमेंट मिलता था, वे उसे कहां छिपाकर रखते थे। 

दिल्ली की स्पेशल सेल भी कर रही जांच
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पुलिस के साथ दिल्ली की स्पेशल सेल की टीम जांच में जुटी है। आतंकियों से पूछताछ के लिए रविवार को स्पेशल सेल की टीम भी करनाल पहुंची थी। उन्होंने आतंकियों से पूछताछ की। बताया जा रहा है कि आतंकी विस्फोटक सामग्री सप्लाई करने के दौरान दिल्ली में रुकते थे। इस कारण दिल्ली पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि दिल्ली में इन आतंकियों से कौन-कौन जुड़ा है।
 
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हरियाणा: आतंक से जुडे़ कई मामलों की गुत्थी आजतक अनसुलझी, जानिए कब-कब ऐसे मामले आए सामने

आतंकवादी संगठन अपनी जड़ों का विस्तार करते हुए देश में अशांति फैलाने का नापाक मंसूबा पाले हुए हैं। इसी कड़ी में आतंकियों की एक नापाक साजिश करनाल पुलिस ने बृहस्पतिवार को चार आतंकवादियों की गिरफ्तारी के साथ नाकाम की, मगर कुछ मामले ऐसे हैं जिनकी गुत्थी अभी तक अनसुलझी है। 

दरअसल, पाक में बैठे कई अलगाववादी पंजाब के साथ-साथ विभिन्न राज्यों का माहौल भी खराब करने का इरादा रखते हैं। भारतीय जांच एजेंसियां भी इन आतंकियों की गतिविधियों को लेकर पूरी तरह चौकस हैं। पिछले कुछ समय के दौरान हरियाणा में भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं, जिससे प्रतीत होता है कि आतंकी हरियाणा में अपना नेटवर्क फैलाना चाहते हैं। इसी कड़ी में 18 अप्रैल को अंबाला शहर के विधायक असीम गोयल को एक आतंकवादी संगठन ने जान से मारने की धमकी भरा पत्र भेजा था।
 
पुलिस जांच में जुटी है मगर अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली। इससे पहले भी आतंक की जड़े हरियाणा में फैलाने के इरादे से 01 जनवरी 1988 में तीन आतंकवादियों ने अपनी दुकान पर बैठे तत्कालीन भाजपा विधायक मास्टर शिव प्रसाद को गोलियों से छलनी कर दिया था। इसकी गुत्थी भी आजतक नहीं सुलझी।

20 मार्च को नेशनल हाईवे पर एमएम यूनिवर्सिटी सद्दोपुर के पास खाली मैदान तीन हैंड ग्रेनेड, आईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सपलोसिव डिवाइस), डेटोनेटर व टाइमर बरामद  हुआ था। इसकी भी जांच अभी चल रही है। इस मामले में भी जांच एजेंसियों को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

17 सितंबर 2021 को पंजाब में आईईडी टिफिन बम मामले में शामिल आरोपी रूबल को पुलिस ने अंबाला शहर के गांव मरदों साहिब गुरुद्वारे में कारसेवा करते समय गिरफ्तार किया था। पंजाब पुलिस अपने संग ले गई थी। इसके अतिरिक्त कई बार हरियाणा के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और धार्मिक स्थलों को उड़ाने की धमकी आतंकी संगठनों द्वारा दी जा चुकी है, लेकिन ये सभी मामले आजतक अनट्रेस हैं।

नाकाबंदी देख कार छोड़ भाग गए थे आतंकी
मामला 12 अक्तूबर 2012 का है। दिवाली के दिन दिल्ली को दहलाने का नापाक मंसूबा पाले जम्मू-कश्मीर से आतंकी निकले थे। पंजाब का शंभू टोल बैरियर पार करने के बाद जैसे ही वे अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे तो जांच एजेंसियों की सूचना के बाद उन्हें पकड़ने के लिए अंबाला पुलिस ने हाईवे पर नाकाबंदी कर दी। गड़बड़ी भांपकर आतंकियों ने कार रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कर दी और फरार हो गए। कार में करीब साढ़े पांच किलो आरडीएक्स, डेटोनेटर व टाइमर मौजूद था। ये केस भी आज तक अनसुलझा ही है। 
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नापाक साजिश: पाक से हथियार तस्करी के लिए पंजाब को ‘सेफ जोन’ मानते हैं आतंकी, चीन निर्मित ड्रोनों का होता है इस्तेमाल

पाकिस्तान से नशा ही नहीं हथियारों की तस्करी के लिए भी आतंकी पंजाब को ही ‘सेफ जोन’ समझते हैं। पाक की सीमा देश में जम्मू-कश्मीर से लेकर गुजरात तक (करीब 3323 किलोमीटर) सटी हुई है। लेकिन इन सभी राज्यों में से पिछले करीब सवा साल के दौरान पंजाब सीमा से ही पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने सबसे ज्यादा हथियारों की तस्करी की। ये हथियार पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए देश के विभिन्न राज्यों तक पहुंचाए जाते हैं।

विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि पंजाब के ग्रामीण अंचलों के बेरोजगार युवाओं को हथियार व नशा तस्करी के लिए रुपयों का लालच देकर फंसाया जा रहा है। ये काम पाक में बैठे आतंकियों के पंजाब में सक्रिय एजेंट करते हैं। उसके बाद इन युवाओं का इस्तेमाल कूरियर ब्वॉय सरीखे समेत अन्य आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता है। मगर बार्डर सिक्योरिटी फोर्स भी समय-समय पर अपने मजबूत नेटवर्क के बूते आतंकियों के इन मंसूबों को नाकाम कर हथियारों की खेप पकड़ती रहती है। 

उधर, हथियारों व नशे की तस्करी के लिए पाकिस्तानी आतंकियों की ओर से जिन ड्रोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वह पहले असेंबल किए जाते थे मगर अब तस्करी के लिए चीन निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल होने लगा है। सीमा पर कुछ ऐसे ड्रोन पकड़े गए हैं, जिनका वजन 10 किलो की भार क्षमता के साथ 23 किलो तक है। एक ड्रोन एक ही बार में दस किलो तक वजनदार हथियार व विस्फोटक पाक से भारतीय सीमा में सटे पंजाब के खेतों में लाकर फेंक देता है, जिसे बाद में स्थानीय एजेंट उठाते हैं और आगे ठिकानों तक पहुंचाते हैं।

करनाल में बृहस्पतिवार को पकड़े गए चारों आतंकी गुरप्रीत, अमनदीप, परविंद्र और भूपेंद्र भी पंजाब से ही हथियारों की खेप लेकर तेलंगाना के आदिलाबाद जा रहे थे। पुलिस का दावा है कि पाक में बैठे आतंकी हरविंद्र सिंह रिंदा की बताई लोकेशन पर इन आतंकियों को ये हथियार व विस्फोटक पहुंचाना था। यह भी बताया जा रहा है कि ये आतंकी रुपयों के लिए हथियार तस्करी का काम बतौर ‘कूरियर ब्वॉय’ करते थे। उनके पास से विस्फोटक व हथियारों के साथ सवा लाख रुपये से अधिक नकदी भी मिली है। दस दिन के रिमांड में पुलिस को अभी कई सनसनीखेज खुलासों की उम्मीद है।

पाक से भेजे जा रहे ये हथियार
पाक में बैठे आतंकी देश को दहलाने के लिए लगातार नापाक मंसूबे बनाते रहते हैं। पिछले सवा साल के दौरान इन आतंकियों ने पाक से एके-47, पिस्टल, सब मशीन गन (एसएमजी), फॉल राइफल, एकेएम राइफल, 303 गन, 7.5 सेगा राइफल, पीएजी एमके राइफल, मैगजीन, कारतूस, विस्फोटक, ग्रेनेड, टियर स्मॉक ग्रेनेड व स्टिकी बम इत्यादि हथियार पंजाब सीमा के जरिए देश में भेजे। जिन्हें बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स पकड़ लिया।

इन हथियारों और विस्फोटकों मेें पाक सीमा से आठ एके-47 पकड़ी गईं, जिसमें से तीन कश्मीर, चार जम्मू और एक पंजाब सीमा से पकड़ी। 70 पिस्टल में से छह कश्मीर, 13 जम्मू और 51 पंजाब सीमा से पकड़ी। एक सब मशीन गन, एक फॉल राइफल, एक एकेएम राइफल, एक 303 गन, एक 7.5 सेगा राइफल, एक पीएमजी एमके राइफल पंजाब सीमा से बरामद की गई। इसी तरह 150 मैगजीन में से 13 कश्मीर, 39 जम्मू और 98 पंजाब से पकड़ी। 

5325 गोलाबारूद में से 1170 कश्मीर, 833 जम्मू व 3322 पंजाब सीमा से बरामद हुए। विभिन्न तरह की विस्फोटक सामग्री सबसे ज्यादा कश्मीर से 23 व जम्मू से 13 पकड़ी। इस वर्ष भी अप्रैल तक बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने अपनी मुस्तैदी का परिचय देते हुए कुछ ड्रोन, पिस्टल, जिंदा कारतूस व अन्य विस्फोटक सामग्री पाक सीमा से पकड़ी हैं।
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