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Karnal News: अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी अनीश के घर के पते पर बने चार फर्जी वोट
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करनाल। अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खिलाड़ी अनीश बनवाला के सेक्टर-6 स्थित घर के पते का इस्तेमाल कर चार लोगों के फर्जी वोटर कार्ड बनवाए गए हैं। ये वोटर कार्ड सैफ अली बेग, हशमीन बेग, शाहनूर बेग और अयान अली बेग के नाम पर हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों का आधार कार्ड भी इसी पते पर बना हुआ है।जगपाल सिंह ने सेक्टर-32-33 थाने में शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह सेक्टर-6 स्थित अपने मकान की वोटर सूची की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें अपने पते पर एक ऐसे व्यक्ति का नाम दिखाई दिया, जिसे वह न तो जानते हैं और न ही उन्होंने अपना मकान कभी किराए पर दिया है।
उन्होंने इस संबंध में बीएलओ से संपर्क किया। बीएलओ ने उन्हें बताया कि उनके पते पर तीन और वोट दर्ज हैं। उन्होंने एक वोटर के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। पहचान संबंधी दस्तावेज की जानकारी ली। उन्हें पता चला कि संबंधित व्यक्ति का आधार कार्ड भी उनके पते पर ही बना हुआ है।
हमने घर को कभी किराए पर नहीं दिया : जगपाल
जगपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने अपना मकान कभी किसी व्यक्ति को किराए पर नहीं दिया। यदि उनके पते का इस्तेमाल किसी ने गलत तरीके से दस्तावेज बनवाने में किया है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुका है और परिवार का काफी समय बाहर आने-जाने में बीतता है। ऐसे में उन्हें आशंका है कि उनके पते का कहीं अन्य तरीके से दुरुपयोग न किया गया हो।
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एसआईआर के बाद वोट बनने पर उठाए सवाल
जगपाल सिंह का दावा है कि ये वोटर कार्ड एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बने हैं। उनका कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य ही मतदाता सूची को सत्यापित करना और गलत पते या गलत तरीके से दर्ज नामों को ठीक करना है। ऐसे में उसी प्रक्रिया के बाद उनके पते पर नए वोटर कार्ड बनने का दावा जांच का विषय है।
मामले में शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुनील कुमार, थाना प्रभारी, सेक्टर 32-33
जांच कराई जाएगी, यदि वोट या पता गलत है तो उसे दुरुस्त कराएंगे। ये भी चेक कराएंगे कि वोट कैसे बने। - देवेंद्र शर्मा, एसडीएम करनाल
लापता 2.68 लाख मतदाताओं को दिए जा रहे नोटिस
एसआईआर के तहत मैपिंग से वंचित मतदाताओं को जिला प्रशासन ने नोटिस देना शुरू कर दिया है। कुल 2,68,826 नोटिस भेजे जाने हैं। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत 31 जुलाई को प्रारंभिक मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद अब उन मतदाताओं को नोटिस भेजने का काम शुरू कर दिया गया है जिनके रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं थी अथवा जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी।
जिले में कुल 1225661 मतदाता हैं, जिनके सत्यापन के लिए कुल 1181 बीएलओ ने घर-घर तक दस्तक दिया। इस दौरान 1014837 यानी 82.81 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म लेने के बाद उन्हें डिजिटल अपडेट किया जा सका। अन्य 17.2 फीसदी यानी 210824 मतदाताओं के सत्यापन फॉर्म प्राप्त नहीं हुए। इनमें से 53,511 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है जबकि 95,344 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। 46640 मतदाता अनुपस्थित रहे और 12494 की डबल वोट पाई गई।
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उन्होंने इस संबंध में बीएलओ से संपर्क किया। बीएलओ ने उन्हें बताया कि उनके पते पर तीन और वोट दर्ज हैं। उन्होंने एक वोटर के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। पहचान संबंधी दस्तावेज की जानकारी ली। उन्हें पता चला कि संबंधित व्यक्ति का आधार कार्ड भी उनके पते पर ही बना हुआ है।
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हमने घर को कभी किराए पर नहीं दिया : जगपाल
जगपाल सिंह ने कहा कि उन्होंने अपना मकान कभी किसी व्यक्ति को किराए पर नहीं दिया। यदि उनके पते का इस्तेमाल किसी ने गलत तरीके से दस्तावेज बनवाने में किया है तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुका है और परिवार का काफी समय बाहर आने-जाने में बीतता है। ऐसे में उन्हें आशंका है कि उनके पते का कहीं अन्य तरीके से दुरुपयोग न किया गया हो।
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एसआईआर के बाद वोट बनने पर उठाए सवाल
जगपाल सिंह का दावा है कि ये वोटर कार्ड एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद बने हैं। उनका कहना है कि एसआईआर का उद्देश्य ही मतदाता सूची को सत्यापित करना और गलत पते या गलत तरीके से दर्ज नामों को ठीक करना है। ऐसे में उसी प्रक्रिया के बाद उनके पते पर नए वोटर कार्ड बनने का दावा जांच का विषय है।
मामले में शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सुनील कुमार, थाना प्रभारी, सेक्टर 32-33
जांच कराई जाएगी, यदि वोट या पता गलत है तो उसे दुरुस्त कराएंगे। ये भी चेक कराएंगे कि वोट कैसे बने। - देवेंद्र शर्मा, एसडीएम करनाल
लापता 2.68 लाख मतदाताओं को दिए जा रहे नोटिस
एसआईआर के तहत मैपिंग से वंचित मतदाताओं को जिला प्रशासन ने नोटिस देना शुरू कर दिया है। कुल 2,68,826 नोटिस भेजे जाने हैं। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. राहुल रईया के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत 31 जुलाई को प्रारंभिक मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद अब उन मतदाताओं को नोटिस भेजने का काम शुरू कर दिया गया है जिनके रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाई गईं थी अथवा जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी।
जिले में कुल 1225661 मतदाता हैं, जिनके सत्यापन के लिए कुल 1181 बीएलओ ने घर-घर तक दस्तक दिया। इस दौरान 1014837 यानी 82.81 प्रतिशत मतदाताओं के फॉर्म लेने के बाद उन्हें डिजिटल अपडेट किया जा सका। अन्य 17.2 फीसदी यानी 210824 मतदाताओं के सत्यापन फॉर्म प्राप्त नहीं हुए। इनमें से 53,511 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है जबकि 95,344 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं। 46640 मतदाता अनुपस्थित रहे और 12494 की डबल वोट पाई गई।