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Karnal News: बिना जांच के विदेश भेजे 26.19 करोड़, कंपनी पते पर नहीं मिली
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करनाल। असंध में चार्टर्ड अकाउंटेंट पर बिना जरूरी दस्तावेज की जांच किए प्रमाणपत्र जारी कर कंपनी को करीब 26.19 करोड़ रुपये विदेश भेजने में मदद करने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि बिना जांच के कंपनी के लिए वित्त वर्ष 2023-24 में 49 फॉर्म 15सीबी प्रमाणित कर दिए गए। आयकर विभाग की शिकायत पर असंध थाना पुलिस ने सीए के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर मासूम रजा खान ने 20 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी थी। असंध थाना पुलिस ने 21 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की। मासूम रजा खान के अनुसार, चंडीगढ़ की टीम ने 18 अगस्त को असंध स्थित सीए संदीप के कार्यालय का सर्वे किया था। इस दौरान विदेश में रकम भेजने के लिए जारी किए गए प्रमाणपत्रों और उनसे जुड़े दस्तावेज की जांच की गई। पाया गया कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले संबंधित समझौते, खाताबही और अन्य जरूरी दस्तावेज की जांच नहीं की गई।
सीए संदीप करनाल के रिसालवा गांव के रहने वाले हैं और असंध में संदीप सिंगरोहा एंड एसोसिएट्स नाम से फर्म चलाते हैं।
आयकर विभाग के अनुसार, एम/एस डिजीटेक आईटी सॉल्यूशंस के लिए वित्त वर्ष 2023-24 में 49 फॉर्म 15सीबी प्रमाणित किए गए। कंपनी का पता गुरुग्राम का दिया गया था। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर 26.19 करोड़ रुपये से अधिक की रकम विदेश भेजी गई। थाना प्रभारी असंध राजेश ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।
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कंपनी बताए गए पते पर नहीं मिली
आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर के अनुसार, गुरुग्राम में कंपनी के घोषित पते का वेरिफिकेशन कराया गया। जांच में वहां एम/एस डिजीटेक आईटी सॉल्यूशंस नहीं मिली। इतनी बड़ी रकम विदेश भेजे जाने के बावजूद संबंधित संस्था ने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया था। विभाग ने कंपनी की गतिविधियों को कागजी संस्था से जुड़ा होने की आशंका जताई है।
सर्वे के दौरान सीए संदीप का बयान दर्ज किया गया। आरोप है कि उन्होंने संबंधित खाताबही, समझौते और अन्य दस्तावेज की आवश्यक जांच नहीं की थी। आयकर विभाग ने इसी आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
यह है फॉर्म 15सीबी
आयकर विभाग के मुताबिक, फॉर्म 15सीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से जारी किया जाने वाला कर निर्धारण प्रमाणपत्र है। इसमें विदेश भेजी जाने वाली रकम की प्रकृति, भुगतान का उद्देश्य, कर देयता और टीडीएस की दर समेत जरूरी विवरण प्रमाणित किए जाते हैं। सीए को संबंधित भुगतान के कर प्रभार्यता संबंधी पहलुओं की जांच करनी होती है। इसके बाद कुछ मामलों में इसी प्रमाणपत्र के आधार पर फॉर्म 15सीए का पार्ट-C दाखिल किया जाता है।
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आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर मासूम रजा खान ने 20 अगस्त को पुलिस को शिकायत दी थी। असंध थाना पुलिस ने 21 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की। मासूम रजा खान के अनुसार, चंडीगढ़ की टीम ने 18 अगस्त को असंध स्थित सीए संदीप के कार्यालय का सर्वे किया था। इस दौरान विदेश में रकम भेजने के लिए जारी किए गए प्रमाणपत्रों और उनसे जुड़े दस्तावेज की जांच की गई। पाया गया कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले संबंधित समझौते, खाताबही और अन्य जरूरी दस्तावेज की जांच नहीं की गई।
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सीए संदीप करनाल के रिसालवा गांव के रहने वाले हैं और असंध में संदीप सिंगरोहा एंड एसोसिएट्स नाम से फर्म चलाते हैं।
आयकर विभाग के अनुसार, एम/एस डिजीटेक आईटी सॉल्यूशंस के लिए वित्त वर्ष 2023-24 में 49 फॉर्म 15सीबी प्रमाणित किए गए। कंपनी का पता गुरुग्राम का दिया गया था। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर 26.19 करोड़ रुपये से अधिक की रकम विदेश भेजी गई। थाना प्रभारी असंध राजेश ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है।
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कंपनी बताए गए पते पर नहीं मिली
आयकर विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर के अनुसार, गुरुग्राम में कंपनी के घोषित पते का वेरिफिकेशन कराया गया। जांच में वहां एम/एस डिजीटेक आईटी सॉल्यूशंस नहीं मिली। इतनी बड़ी रकम विदेश भेजे जाने के बावजूद संबंधित संस्था ने आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया था। विभाग ने कंपनी की गतिविधियों को कागजी संस्था से जुड़ा होने की आशंका जताई है।
सर्वे के दौरान सीए संदीप का बयान दर्ज किया गया। आरोप है कि उन्होंने संबंधित खाताबही, समझौते और अन्य दस्तावेज की आवश्यक जांच नहीं की थी। आयकर विभाग ने इसी आधार पर प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
यह है फॉर्म 15सीबी
आयकर विभाग के मुताबिक, फॉर्म 15सीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट की ओर से जारी किया जाने वाला कर निर्धारण प्रमाणपत्र है। इसमें विदेश भेजी जाने वाली रकम की प्रकृति, भुगतान का उद्देश्य, कर देयता और टीडीएस की दर समेत जरूरी विवरण प्रमाणित किए जाते हैं। सीए को संबंधित भुगतान के कर प्रभार्यता संबंधी पहलुओं की जांच करनी होती है। इसके बाद कुछ मामलों में इसी प्रमाणपत्र के आधार पर फॉर्म 15सीए का पार्ट-C दाखिल किया जाता है।