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Karnal News: गोशाला में गाय सुन रहीं बांसुरी की धुन
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। बीती 26 जनवरी को एक ही रात में 45 गायों की मौत की घटना के बाद नगर निगम की फूसगढ़ गोशाला का निजाम अब बदल चुका है। गायों की रहन सहन की स्थिति तो बेहतर हुई ही है। साथ ही सुबह शाम उनके लिए बांसुरी की धुन भी सुनाई जाती है। कन्हैया के भजन भी सुनाए जाते हैं। सुरक्षा अब सीसीटीवी की निगरानी में हैं। महापौर रेणू बाला गुप्ता ने वीरवार को गोशाला में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पिछले दिनों राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के वैज्ञानिकों ने इसे प्रमाणित भी किया था कि बांसुरी की धुन गायों को काफी प्रिय है। वह इस धुन को सुनकर शांत और प्रसन्नचित हो जाती हैं। अब फूसगढ़ नंदीग्राम गोशाला में भी बांसुरी की धुन सुनाने के लिए स्पीकर लगाए गए हैं।
गोशाला की देखभाल कर रहे डॉ. रोशन लाल ने सुबह व शाम पांच बजे से आठ बजे तक बांसुरी की धुन व भजन बजाए जाते हैं। बांसुरी की धुन सुनते ही गायें शांत नजर आने लगती हैं। महापौर ने बांसुरी वादन कराकर भी देखा। उन्होंने गायों को गुड़ व चारा भी खिलाया।
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महापौर ने सभी सात शेडों में सफाई व्यवस्था देखी, रोशनी, हवा के लिए पंखे, सुरक्षा के लिए कैमरे लगे हैं। गायों को भीड़ में नहीं रखा जा रहा है। केयर टेकर व सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉ. रोशन लाल ने उन्हें बताया कि वर्तमान में गोशाला में कुल 640 गोवंश हैं। नंदीशाला में 310 नंदी हैं। रोजाना करीब 200 क्विंटल चारा गोशाला में आता है। चारा खरीदने, काटने और तूड़ी में मिक्स करके खोर में डालने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई है।
सफाई निरीक्षक संदीप कुमार रोजाना गोशाला जाकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त दो सुपरवाईजर तथा 30 सफाईकर्मी भी लगाए गए हैं। यहां एक अन्य शेड का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। गोशाला में गेट, दीवार, खोर व प्लंबरिंग आदि की मरम्मत चल रही है। महापौर ने केयर टेकर को निर्देशित किया कि गायों की देखभाल में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर वार्ड 16 की पार्षद रजनी परोचा, कमलेश अरोड़ा, उप निगमायुक्त अरुण कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा, सफाई निरीक्षक संदीप कुमार भी रहे।
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करनाल। बीती 26 जनवरी को एक ही रात में 45 गायों की मौत की घटना के बाद नगर निगम की फूसगढ़ गोशाला का निजाम अब बदल चुका है। गायों की रहन सहन की स्थिति तो बेहतर हुई ही है। साथ ही सुबह शाम उनके लिए बांसुरी की धुन भी सुनाई जाती है। कन्हैया के भजन भी सुनाए जाते हैं। सुरक्षा अब सीसीटीवी की निगरानी में हैं। महापौर रेणू बाला गुप्ता ने वीरवार को गोशाला में व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
पिछले दिनों राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) के वैज्ञानिकों ने इसे प्रमाणित भी किया था कि बांसुरी की धुन गायों को काफी प्रिय है। वह इस धुन को सुनकर शांत और प्रसन्नचित हो जाती हैं। अब फूसगढ़ नंदीग्राम गोशाला में भी बांसुरी की धुन सुनाने के लिए स्पीकर लगाए गए हैं।
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गोशाला की देखभाल कर रहे डॉ. रोशन लाल ने सुबह व शाम पांच बजे से आठ बजे तक बांसुरी की धुन व भजन बजाए जाते हैं। बांसुरी की धुन सुनते ही गायें शांत नजर आने लगती हैं। महापौर ने बांसुरी वादन कराकर भी देखा। उन्होंने गायों को गुड़ व चारा भी खिलाया।
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महापौर ने सभी सात शेडों में सफाई व्यवस्था देखी, रोशनी, हवा के लिए पंखे, सुरक्षा के लिए कैमरे लगे हैं। गायों को भीड़ में नहीं रखा जा रहा है। केयर टेकर व सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉ. रोशन लाल ने उन्हें बताया कि वर्तमान में गोशाला में कुल 640 गोवंश हैं। नंदीशाला में 310 नंदी हैं। रोजाना करीब 200 क्विंटल चारा गोशाला में आता है। चारा खरीदने, काटने और तूड़ी में मिक्स करके खोर में डालने की जिम्मेदारी एक एजेंसी को दी गई है।
सफाई निरीक्षक संदीप कुमार रोजाना गोशाला जाकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त दो सुपरवाईजर तथा 30 सफाईकर्मी भी लगाए गए हैं। यहां एक अन्य शेड का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। गोशाला में गेट, दीवार, खोर व प्लंबरिंग आदि की मरम्मत चल रही है। महापौर ने केयर टेकर को निर्देशित किया कि गायों की देखभाल में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इस मौके पर वार्ड 16 की पार्षद रजनी परोचा, कमलेश अरोड़ा, उप निगमायुक्त अरुण कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा, सफाई निरीक्षक संदीप कुमार भी रहे।