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Karnal News: छुटि्टयों के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे, डेस्क पर जमी धूल, छतों से टपक रहा था पानी
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छुटि्टयों के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे, डेस्क पर जमी धूल, छतों से टपक रहा था पानी
- फोटो : छुटि्टयों के बाद स्कूल पहुंचे बच्चे, डेस्क पर जमी धूल, छतों से टपक रहा था पानी
- बैठने के लिए विद्यार्थियों को हटानी पड़ी धूल, स्कूलों में 30 से 50 प्रतिशत तक रही उपस्थिति
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गर्मी की छुट्टियां खत्म होते ही बारिश के मौसम में स्कूल खुल गए हैं लेकिन विभाग के निर्देशों के बाद भी स्कूल प्रबंधक स्वच्छता और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चिंतित नहीं हैं। इसका अंदाजा शहर के मॉडल टाउन के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल सहित जिले के कई स्कूलों की हालत से लगा सकते हैं। जहां पहले दिन स्कूल में विद्यार्थियों का गेट और मैदान में जलभराव, छतों से टपकता पानी और बैठने के लिए लगे डेस्क पर जमी धूल से सामना हुआ।
विद्यार्थियों को खुद बैंच पर बैठने के लिए कागज या कपड़े से धूल हटानी पड़ी। ऐसे ही स्थिति जिले के अन्य राजकीय विद्यालयों में भी रही। मॉडल टाउन के स्कूल में नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में पुराने भवन के छह कमरों में ही कक्षा छठी से 12वीं तक के 794 विद्यार्थियों की कक्षाएं लगती हैं। जगह के अभाव में बरामदों में भी बैंच लगे हैं।
प्रिंसिपल का कार्यालय भी कंप्यूटर लैब में चल रहा है। मजबूरन दो शिफ्ट में स्कूल चलाना पड़ रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि तेज धूप और बरसात के दिन दिक्कत ज्यादा होती है। प्रिंसिपल सुनील कुमार के अनुसार, एक माह बाद खुले स्कूल की पहले दिन उपस्थिति दर महज 30 प्रतिशत ही रही। बरसात के कारण विद्यार्थी नहीं आए। नए भवन का निर्माण जारी होने के कारण कुछ अव्यवस्था है। लेकिन वे व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
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स्कूलों में निकल रहे सांप, विद्यार्थियों को हिदायत
पिछले एक माह में सर्पदंश के 25 मरीजों का नागरिक अस्पताल में इलाज हुआ है। आठ की मौत हो चुकी है। पिंगली रोड स्थित गुरुनानकपुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल में 26 जून को कोबरा सांप कक्षा में निकला था। इसके बाद सतर्क हुए जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को एक जुलाई से पहले सफाई कराने, विद्यार्थियों को पूरी बाजू की शर्ट में स्कूल आने, जलभराव न होने देने, छतों आदि की सफाई के निर्देश दिए थे। लेकिन ये सतर्कता केवल कागजों में ही सीमित है। ज्यादातर स्कूलों में अव्यवस्था का आलम है।
कुछ कक्षाओं में एक-दो विद्यार्थी पहुंचे
एक माह बाद स्कूल खुले तो पहले ही दिन बारिश हुई। ऐसे में जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर 30 से 50 प्रतिशत तक रही। कई स्कूलों में कुछ कक्षाओं में महज एक या दो ही विद्यार्थी पहुंचे। इसके अलावा मंगलवार को कई निजी स्कूलों ने अवकाश भी रखा। जिले में कई निजी स्कूल सात जुलाई यानी सोमवार से खुलेंगे। वहीं जो स्कूल खुले वहां पहले दिन कम विद्यार्थी पहुंचने से पढ़ाई नहीं हो पाई। विद्यार्थी अपने सहपाठियों से मिले और छुट्टियों के अनुभव साझा किए।
स्कूलों को सफाई कराने के निर्देश दिए थे। जहां अव्यवस्था रही या निर्देशों की अनदेखी की गई। उन स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। विद्यार्थियों और स्टाफ के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए सफाई जरूरी है। बरसात के कारण जिले के स्कूलों में उपस्थिति दर 50 प्रतिशत से कम रही। मॉडल टाउन स्कूल का नया भवन बन रहा है। यहां कुछ समय की ही दिक्कत है।
- सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। गर्मी की छुट्टियां खत्म होते ही बारिश के मौसम में स्कूल खुल गए हैं लेकिन विभाग के निर्देशों के बाद भी स्कूल प्रबंधक स्वच्छता और विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए चिंतित नहीं हैं। इसका अंदाजा शहर के मॉडल टाउन के राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल सहित जिले के कई स्कूलों की हालत से लगा सकते हैं। जहां पहले दिन स्कूल में विद्यार्थियों का गेट और मैदान में जलभराव, छतों से टपकता पानी और बैठने के लिए लगे डेस्क पर जमी धूल से सामना हुआ।
विद्यार्थियों को खुद बैंच पर बैठने के लिए कागज या कपड़े से धूल हटानी पड़ी। ऐसे ही स्थिति जिले के अन्य राजकीय विद्यालयों में भी रही। मॉडल टाउन के स्कूल में नए भवन का निर्माण कार्य जारी है। ऐसे में पुराने भवन के छह कमरों में ही कक्षा छठी से 12वीं तक के 794 विद्यार्थियों की कक्षाएं लगती हैं। जगह के अभाव में बरामदों में भी बैंच लगे हैं।
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प्रिंसिपल का कार्यालय भी कंप्यूटर लैब में चल रहा है। मजबूरन दो शिफ्ट में स्कूल चलाना पड़ रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि तेज धूप और बरसात के दिन दिक्कत ज्यादा होती है। प्रिंसिपल सुनील कुमार के अनुसार, एक माह बाद खुले स्कूल की पहले दिन उपस्थिति दर महज 30 प्रतिशत ही रही। बरसात के कारण विद्यार्थी नहीं आए। नए भवन का निर्माण जारी होने के कारण कुछ अव्यवस्था है। लेकिन वे व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
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स्कूलों में निकल रहे सांप, विद्यार्थियों को हिदायत
पिछले एक माह में सर्पदंश के 25 मरीजों का नागरिक अस्पताल में इलाज हुआ है। आठ की मौत हो चुकी है। पिंगली रोड स्थित गुरुनानकपुरा के राजकीय प्राथमिक स्कूल में 26 जून को कोबरा सांप कक्षा में निकला था। इसके बाद सतर्क हुए जिला शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को एक जुलाई से पहले सफाई कराने, विद्यार्थियों को पूरी बाजू की शर्ट में स्कूल आने, जलभराव न होने देने, छतों आदि की सफाई के निर्देश दिए थे। लेकिन ये सतर्कता केवल कागजों में ही सीमित है। ज्यादातर स्कूलों में अव्यवस्था का आलम है।
कुछ कक्षाओं में एक-दो विद्यार्थी पहुंचे
एक माह बाद स्कूल खुले तो पहले ही दिन बारिश हुई। ऐसे में जिले के स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर 30 से 50 प्रतिशत तक रही। कई स्कूलों में कुछ कक्षाओं में महज एक या दो ही विद्यार्थी पहुंचे। इसके अलावा मंगलवार को कई निजी स्कूलों ने अवकाश भी रखा। जिले में कई निजी स्कूल सात जुलाई यानी सोमवार से खुलेंगे। वहीं जो स्कूल खुले वहां पहले दिन कम विद्यार्थी पहुंचने से पढ़ाई नहीं हो पाई। विद्यार्थी अपने सहपाठियों से मिले और छुट्टियों के अनुभव साझा किए।
स्कूलों को सफाई कराने के निर्देश दिए थे। जहां अव्यवस्था रही या निर्देशों की अनदेखी की गई। उन स्कूल प्रबंधकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। विद्यार्थियों और स्टाफ के स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए सफाई जरूरी है। बरसात के कारण जिले के स्कूलों में उपस्थिति दर 50 प्रतिशत से कम रही। मॉडल टाउन स्कूल का नया भवन बन रहा है। यहां कुछ समय की ही दिक्कत है।
- सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी