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Karnal News: मृतकों के नाम पेंशन घोटाले की जांच अब सीबीआई करेगी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 May 2023 02:50 AM IST
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CBI will now investigate the pension scam in the name of the dead
शाहाबाद। मृतकों के नाम पर पेंशन हड़पने के मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यह मामला जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया है। ऐसे में अब इस मामले में शिकंजा कसता दिखाई देने लगा है।
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कथित तौर पर सामने आए इस घोटाले को चढ़ूनी ग्रुप भाकियू प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस व सुखविंद्र सिंह द्वारा एडवोकेट प्रदीप रापड़िया के माध्यम से उजागर किया गया था। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी। इस याचिका पर सुनाई करते हुए कैग की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने मामला सीबीआई को सौंप दिया है।
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राकेश बैंस ने एडवोकेट प्रदीप रापड़िया के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि तत्कालीन सरपंचों व नगरपालिका के पार्षदों ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से मिलीभगत कर ऐसे व्यक्तियों को पेंशन वितरण की, जिनकी मौत हो चुकी है। इससे सरकार को करोड़ों रुपये का चुना लगाया गया है। अलग अलग जिलों में हुए घोटाले को एक जिले तक सीमित रखने की सरकार की कोशिश व दोषी पार्षदों व अधिकारियों को सरकारी गवाह बनाया और शिकायतकर्ता को गवाहों की सूची से बाहर रखा।
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इस मामले में पुलिस ने रिटायर्ड सेवादार व क्लर्क पर बड़े पेंशन घोटाले का आरोपी बनाया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि डायरेक्टर विजीलेंस व मुख्य सचिव समाज कल्याण विभाग 12 सप्ताह में विस्तृत हलफनामा करते हुए समाज कल्याण विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों व पार्षदों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई का विवरण दे।

अगर संतुष्टिजनक जवाब कोर्ट को नहीं दिया तो घोटाले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी। कैग की रिपोर्ट व अन्य जांच में पाया गया कि समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों, जिसमें निदेशालय के अधिकारी भी शामिल हैं व पार्षदों की मिलीभगत से बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है। जब इतना बड़ा घोटाला याचिकाकर्ताओं द्वारा सरकार के संज्ञान में लाया गया फिर भी अधिकारियों ने मामले को क्यों दबाया। वीरवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने यह मामला सीबीआई को सौंप दिया । एडवोकेट प्रदीप रापड़िया व राकेश बैंस ने अदालत को बताया कि सिर्फ शाहाबाद में एफआईआर दर्ज कर व 13 43 725 रुपए की राशि सरकारी खजाने में जमा करवाने के बाद एक बड़े घोटाले को दबाने के इरादे से पुलिस ने एक रिटायर्ड सेवादार व क्लर्क के खिलाफ निचली अदालत में जाली चालान पेश कर दिया, लेकिन अब दोषी जरूर शिकंजे में आएंगे।
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