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Karnal News: फर्जी नंबर प्लेट पर बस चला रहे चालक को बचाने में एएसआई और वकील गिरफ्तार
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फर्जी नंबर प्लेट पर बस चला रहे चालक को बचाने में एएसआई और वकील गिरफ्तार
- कोर्ट में दो फर्जी जमानती किए पेश, उनमें से एक एएसआई का रिश्तेदार निकला
- हिमाचल के मांडी निवासी था बस चालक बृजपाल
संवार न्यूज एजेंसी
करनाल। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर टैक्स चोरी कर रहे बस चालक को बचाने का प्रयास करने पर पुलिस ने एएसआई और एडवोकेट को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार की देर रात दोनों को पकड़ा है। एएसआई पर आरोप है कि वकील के जरिए फर्जी नोटरी, स्टांप के साथ फर्जी जमानती पेश किए। पुलिस की जांच के बाद कार्रवाई की गई। दोनों को सोमवार को कोर्ट पेश करने के बाद रिमांड पर लिया जाएगा।
मामला छह मई 2022 का है। पुलिस टीम संदेह होने पर जीटी रोड पर झिलमिल ढाबे के पास खड़ी एक वोल्वो बस की जांच करने पहुंची थी। जहां बस का चालक हिमाचल के मांडी निवासी बृजपाल मिला। जिससे बस के कागजात दिखाने को कहा गया। जिस पर उसने बताया कि बस हिमाचल के मांडी निवासी सूरजपाल की है। उन्हीं के पास बस के कागजात हैं। पुलिस टीम जांच के लिए बस के अंदर गई तो चालक बृजलाल फरार हो गया। बस के चेसिस नंबर से जांच करने पर पता चला कि बस की नंबर प्लेट फर्जी थी और बस का मालिक मांडी निवासी नितेश कुमार निकला। जिस पर बस को कब्जे में ले किया गया और जांच एएसआई गुरमीत सिंह को सौंपी गई।
अब एएसआई गुरमीत सिंह पर आरोप है कि 50 हजार रुपये लेकर उसने वकील शिवम कालिया से मिलकर आरोपी चालक बृजपाल को बचाने के लिए फर्जी जमानती बना जुंडला गेट निवासी योगेश उर्फ गोलू और हैप्पी सरदार को कोर्ट में पेश कर दिया। फर्जी नोटरी और स्टांप भी पेश कर दिए। इसमें सरदार उर्फ हैप्पी एएसआई गुरमित सिंह का रिश्तेदार है।
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- कोर्ट में दो फर्जी जमानती किए पेश, उनमें से एक एएसआई का रिश्तेदार निकला
- हिमाचल के मांडी निवासी था बस चालक बृजपाल
संवार न्यूज एजेंसी
करनाल। फर्जी नंबर प्लेट लगाकर टैक्स चोरी कर रहे बस चालक को बचाने का प्रयास करने पर पुलिस ने एएसआई और एडवोकेट को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार की देर रात दोनों को पकड़ा है। एएसआई पर आरोप है कि वकील के जरिए फर्जी नोटरी, स्टांप के साथ फर्जी जमानती पेश किए। पुलिस की जांच के बाद कार्रवाई की गई। दोनों को सोमवार को कोर्ट पेश करने के बाद रिमांड पर लिया जाएगा।
मामला छह मई 2022 का है। पुलिस टीम संदेह होने पर जीटी रोड पर झिलमिल ढाबे के पास खड़ी एक वोल्वो बस की जांच करने पहुंची थी। जहां बस का चालक हिमाचल के मांडी निवासी बृजपाल मिला। जिससे बस के कागजात दिखाने को कहा गया। जिस पर उसने बताया कि बस हिमाचल के मांडी निवासी सूरजपाल की है। उन्हीं के पास बस के कागजात हैं। पुलिस टीम जांच के लिए बस के अंदर गई तो चालक बृजलाल फरार हो गया। बस के चेसिस नंबर से जांच करने पर पता चला कि बस की नंबर प्लेट फर्जी थी और बस का मालिक मांडी निवासी नितेश कुमार निकला। जिस पर बस को कब्जे में ले किया गया और जांच एएसआई गुरमीत सिंह को सौंपी गई।
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अब एएसआई गुरमीत सिंह पर आरोप है कि 50 हजार रुपये लेकर उसने वकील शिवम कालिया से मिलकर आरोपी चालक बृजपाल को बचाने के लिए फर्जी जमानती बना जुंडला गेट निवासी योगेश उर्फ गोलू और हैप्पी सरदार को कोर्ट में पेश कर दिया। फर्जी नोटरी और स्टांप भी पेश कर दिए। इसमें सरदार उर्फ हैप्पी एएसआई गुरमित सिंह का रिश्तेदार है।
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