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तीन घंटे तक लघु सचिवालय पर डटीं आंगनबाड़ी वर्कर्स
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने मंगलवार को लघु सचिवालय के समक्ष धरना दिया। करीब तीन घंटे तक वे लघु सचिवालय के समक्ष सड़क पर ही डटी रहीं। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर सरकार को जमकर कोसा। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कुछ महिला पुलिसकर्मियों के डंडे भी छीने। उनहेंने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप भी लगाया।
दोपहर करीब डेढ़ बजे फव्वारा पार्क से एकत्रित होकर महिलाएं जुलूस के रूप में लघु सचिवालय के समक्ष पहुंचीं। शाम साढ़े चार बजे तक धरना दिया। इस दौरान उपायुक्त अनीश यादव और तहसीलदार राजबक्श के साथ दो बार बैठक हुई। 18 फरवरी को होने वाली वार्ता का लिखित में पत्र लेने के बाद ही वे उठीं। वहीं धरने के कारण सेक्टर-12 की लघु सचिवालय वाली रोड दोनों तरफ से ब्लॉक हो गई। इससे यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। जाम की स्थिति बनी तो पुलिस को रास्ते भी डायवर्ट करने पड़े। कोर्ट की ओर जाने वाले रास्ते से ही पुलिस ने आने वाले वाहनों को मॉडल टाउन की तरफ भेजा। वहीं टी-प्वाइंट से भी वाहनों को सीधा भेजा गया।
आंदोलन खत्म नहीं करेंगे
जिला सचिव बिजनेश राणा ने बताया कि बैठक में अधिकारियों ने आंदोलन खत्म करने के लिए कहा लेकिन आंदोलन खत्म नहीं कर सकते। हालांकि बातचीत का आश्वासन मिला है। इसलिए संख्या घटाने के उनके आग्रह को मान लिया है। रात में सर्दी होने के कारण कुछ वर्कर्स वापस चली जाएंगी। फिर अगले दिन सुबह आएंगी। आना-जाना जारी रहेगा लेकिन आंदोलन मांगें माने जाने तक खत्म नहीं होगा।
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कई संगठनों ने दिया समर्थन
पावर कार्पोरेशन वर्कर्स यूनियन के राज्य महासचिव नरेश कुमार, नगरपालिका कर्मचारी संघ की शारदा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के रामगोपाल, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के धर्मवीर जांगड़ा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के शियानंद, आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की महासचिव सुनीता, खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जगमाल सिंह, सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, सचिव जगपाल राणा ने आंदोलन को समर्थन दिया है। साथ ही संगठनों ने सरकार को चेताया कि वे आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को अकेला न समझें वे जल्द मांगों का समाधान करें।
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करनाल। आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने मंगलवार को लघु सचिवालय के समक्ष धरना दिया। करीब तीन घंटे तक वे लघु सचिवालय के समक्ष सड़क पर ही डटी रहीं। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर सरकार को जमकर कोसा। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की के दौरान प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कुछ महिला पुलिसकर्मियों के डंडे भी छीने। उनहेंने पुलिस पर बदसलूकी का आरोप भी लगाया।
दोपहर करीब डेढ़ बजे फव्वारा पार्क से एकत्रित होकर महिलाएं जुलूस के रूप में लघु सचिवालय के समक्ष पहुंचीं। शाम साढ़े चार बजे तक धरना दिया। इस दौरान उपायुक्त अनीश यादव और तहसीलदार राजबक्श के साथ दो बार बैठक हुई। 18 फरवरी को होने वाली वार्ता का लिखित में पत्र लेने के बाद ही वे उठीं। वहीं धरने के कारण सेक्टर-12 की लघु सचिवालय वाली रोड दोनों तरफ से ब्लॉक हो गई। इससे यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। जाम की स्थिति बनी तो पुलिस को रास्ते भी डायवर्ट करने पड़े। कोर्ट की ओर जाने वाले रास्ते से ही पुलिस ने आने वाले वाहनों को मॉडल टाउन की तरफ भेजा। वहीं टी-प्वाइंट से भी वाहनों को सीधा भेजा गया।
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आंदोलन खत्म नहीं करेंगे
जिला सचिव बिजनेश राणा ने बताया कि बैठक में अधिकारियों ने आंदोलन खत्म करने के लिए कहा लेकिन आंदोलन खत्म नहीं कर सकते। हालांकि बातचीत का आश्वासन मिला है। इसलिए संख्या घटाने के उनके आग्रह को मान लिया है। रात में सर्दी होने के कारण कुछ वर्कर्स वापस चली जाएंगी। फिर अगले दिन सुबह आएंगी। आना-जाना जारी रहेगा लेकिन आंदोलन मांगें माने जाने तक खत्म नहीं होगा।
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कई संगठनों ने दिया समर्थन
पावर कार्पोरेशन वर्कर्स यूनियन के राज्य महासचिव नरेश कुमार, नगरपालिका कर्मचारी संघ की शारदा, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के रामगोपाल, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन के धर्मवीर जांगड़ा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के शियानंद, आशा वर्कर्स यूनियन हरियाणा की महासचिव सुनीता, खेत मजदूर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जगमाल सिंह, सीटू जिला प्रधान सतपाल सैनी, सचिव जगपाल राणा ने आंदोलन को समर्थन दिया है। साथ ही संगठनों ने सरकार को चेताया कि वे आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को अकेला न समझें वे जल्द मांगों का समाधान करें।